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आसान नहीं परदेस की नौकरी, हर दिन मर जाते हैं 20 भारतीय, हैरान कर देगा डेटा

परदेस में नौकरी करना आसान नहीं है। अच्छे जीवन की उम्मीद से जाने वाले करीब 20 भारतीयों को रोजाना विदेशी धरती पर जान जाती है। सबसे खराब स्थित खाड़ी देशों की है।

Indian workers

प्रतीकात्मक फोटो। (Photo Credit: PTI)

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विदेशी धरती पर भारतीय कामगारों की मौत के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। 2021 से 2025 तक 37,740 भारतीयों की विदेशी सरजमीं पर जान गई। मतलब औसतन 20 से अधिक भारतीयों ने रोजाना अपनी जान गंवाई है। इनमें से 86 फीसद मौतें अकेले खाड़ी देशों में हुई हैं। पांच साल में सबसे ज्यादा 12,380 भारतीयों की मौत संयुक्त अरब अमीरात में हुई है। वहीं पश्चिम एशिया के मौजूदा संकट में 8 भारतीय नागरिकों के मारे जाने की खबर है। 

 

29 जनवरी को राज्यसभा में विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने अपने लिखित जवाब में विदेशी धरती पर जान गंवाने वाले भारतीय नागरिकों का ब्योरा सौंपा। आंकड़ों के मुताबिक साल 2021 में सबसे अधिक 8,234 भारतीय कामगारों ने अपनी जान गंवाई। 2022 में 6,614, 2023 में 7,291, 2024 में 7,747 और 2025 में 7,854 मौतें दर्ज की गईं।

 

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देश कितने भारतीयों की गई जान
संयुक्त अरब अमीरात   12,380
सऊदी अरब 11,757
कुवैत  3,890
ओमान   2,821
मलेशिया 1,915
कतर 1,760
यूएसए 454
सिंगापुर 451
नाइजीरिया 210
यूनाइटेड किंगडम 188

 

                                      

हर साल कहां-कितने भारतीयों की मौत?

  • बहरीन: यहां 2021 में 342 भारतीयों की जान गई। 2025 में यह आंकड़ा घटकर 178 हो गया। फरवरी 2026 तक 39 लोगों की मौत हो चुकी है।
  • कुवैत: 2021 में 1,138 भारतीयों की मौत हुई। 2025 में 714 और इस वर्ष फरवरी तक 91 जानें जा चुकी हैं।
  • ओमान: 2021 में 913 भारतीय कामगारों की मौत हुई। पांच साल में करीब तीन गुना मामले घटकर 2025 में 360 रह गए। फरवरी 2026 में 51 की जान जा चुकी है।
  • कतर: 2021 में 380 और 2025 में 287 भारतीयों की मौत। फरवरी 2026 तक 47 लोगों ने अपनी जान गंवाई।
  • सऊदी अरब: 2,021 में सऊदी अरब में 2,252 भारतीयों ने अपनी जान गंवाई। 2025 में आंकड़ा बढ़कर 2533 पहुंच गया।
  • संयुक्त अरब अमीरात: यूएई में 2021 में 2,714 भारतीय कामगारों की मौत हुई। 2025 में 2,754 की जान गई। इस साल फरवरी तक 385 की मौत हो चुकी है। 

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खाड़ी देशों में बढ़ रहे मौत के आंकड़े

आठ साल पहले कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव ने आरटीआई के माध्यम से 1 जनवरी 2012 से 2018 के मध्य तक तक बहरीन, ओमान, कतर, कुवैत, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय श्रमिकों की मौत से जुड़े आंकड़े मांगे। उस वक्त सरकार ने बताया था कि 2017 में छह खाड़ी देशों में करीब 22.53 लाख भारतीय कामगार थे।छह वर्षों में खाड़ी देशों में करीब 24,570 भारतीय नागरिकों की मौत हुई। मतलब औसतन 10 मजदूर रोजाना अपनी जान गंवा रहे थे। वहीं मौजूदा आंकड़े की बात करें तो विदेश में रोजाना 20 भारतीय की मौत हो रही है। इनमें 18 की जान सिर्फ खाड़ी देशों में जा रही है। 

दुर्व्यवहार और शोषण भी हो रहा

2021 से 2025 तक विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिकों ने दूतावासों पर करीब 80,985 शिकायतें दर्ज करवाईं। इनमें कार्यस्थल पर शोषण, दुर्व्यवहार और वेतन से संबंधी थीं। सबसे अधिक पिछले पांच साल में 16,965 शिकायतें यूएई, 15,234 शिकायतें कुवैत, 13,295 ओमान और सऊदी अरब में 12,988 शिकायतें दर्ज करवाई।

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