दिल्ली में 'पीपुल अगेंस्ट एसआईआर' नाम के संगठन से जुड़े लोगों ने शुक्रवार को चुनाव आयोग के मुख्यालय तक मार्च निकालने का प्रयास किया। आयोग के मुख्यालय की तरफ बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने 'एसआईआर बंद करो, ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो' जैसे नारेबाजी की। उनके हाथों में तिरंगे और अन्य बैनर थे। एसआईआर के खिलाफ यह मार्च गोले डाक खाना के पास कालीबाड़ी मार्ग और भाई वीर सिंह मार्ग चौराहे से आरंभ हुआ। इसमें छात्रों, युवाओं और किसानों ने हिस्सा लिया।
मार्च के मद्देनजर दिल्ली पुलिस के अलावा रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों की बड़ी तादाद में तैनाती गई। बंगला साहिब गुरुद्वारा समेत आसपास के इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी। प्रदर्शनकारियों ने एसआईआर बंद करने, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के तौर पर बहार करने की मांग की। मार्च में माकपा नेता नेता वृंदा करात भी शामिल हुईं।
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इनका मिला समर्थन
- क्रांतिकारी युवा संगठन
- स्टूडेंट विंग स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया
- ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक वुमेंस एसोसिएशन
- ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन
'ज्ञानेश कुमार को कोई नहीं बचा सकता'
प्रदर्शनकारियों के चुनाव आयोग मुख्यालय की तरफ बढ़ने पर पुलिस ने हिरासत में लेना शुरू किया। इस दौरान प्रदर्शनकारी सड़क पर ही बैठ गए और जन संसद का आयोजन किया। वृंदा करात ने कहा कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं होता है, हमारा संघर्ष जारी रहेगा। वहीं सीपीआई नेता पी. संदोष का कहना है कि हमारा विरोध और तेज होगा। ज्ञानेश कुमार को कोई नहीं बचा सकता।
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88 शहरों में प्रदर्शन की योजना
‘पीपुल अगेंस्ट एसआईआर’ ने एक वेबसाइट भी लॉन्च की है। इसमें प्रदर्शनों की जानकारी दी गई है। संगठन ने 18 राज्यों के 88 शहरों में प्रदर्शन की योजना तैयार की है। इसमें 145 संगठन हिस्सा लेंगे। समूह ने एक नवंबर तक होने वाले कार्यक्रमों का भी एलान किया है। शुक्रवार के मार्च में किसानों, मजदूरों, युवाओं, महिलाओं और तमाम वर्गों से तिरंगा के साथ इसमें शामिल होने की अपील की गई है।