एक हफ्ते से चले आ रहे संसद के गतिरोध को खत्म करने के लिए सरकार और विपक्ष के बीच सोमवार को समझौता हो गया। लोकसभा मंगलवार को पब्लिक एग्जामिनेशंस (पेपर लीक रोकथाम) संशोधन बिल, 2026 पर चर्चा करेगी। इस बिल पर छह घंटे की चर्चा होनी है, जिसे और बढ़ाया भी जा सकता है।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के 2 दिन बाद यह सहमति बनी है। विपक्ष लंबे समय से
NEET
पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहा था। स्पीकर ओम बिरला और सरकार के फ्लोर मैनेजरों ने विपक्षी नेताओं से बातचीत की। तीन घंटे की निलंबन के बाद दोनों पक्ष सहमत हुए कि मंगलवार को बिल पर बहस होगी और सदस्य संशोधन भी पेश कर सकेंगे।
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लगातार हो रहा हंगामा, अब कैसे बनेगी बात?
सोमवार को भी संसद में विपक्षी सांसदों ने हंगामा किया। उन्होंने पुलिस द्वारा छात्र प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई और अन्य मुद्दों पर चर्चा की मांग की। लोकसभा में सवालों के समय में विपक्षी सदस्य सदन के वेल में आ गए। इसके बावजूद दोपहर में बिल पेश कर दिया गया।
पेपर लीक के खिलाफ विधेयक में क्या है?
यह बिल 2024 के कानून में बदलाव करता है। पेपर लीक करने वालों को अब 10 साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है। अगर गैंग या संगठित गिरोह शामिल हो तो कम से कम 7 साल जेल और 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगेगा। जांच दो महीने में पूरी करनी होगी और फास्ट ट्रैक कोर्ट तीन महीने में फैसला सुना देंगे।
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पेपर लीक रोकने के लिए सरकार ने क्या किया है?
प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी
ने रविवार को परीक्षा सुधारों के लिए नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स भी घोषित की थी। मॉनसून सत्र के पहले हफ्ते में NEET मामले को लेकर पूरा सदन बाधित रहा था।
क्या अब खत्म हो जाएगा संसदीय गतिरोध?
अब विपक्षी नेता गृह मंत्री अमित शाह से पुलिस कार्रवाई पर बयान देने की मांग पर अड़े हुए हैं। उम्मीद है कि मंगलवार को बिल पर चर्चा से संसद की कार्यवाही सामान्य हो सकेगी। संसद सत्र की शुरुआत 20 जुलाई से हुई थी लेकिन एक दिन भी संसदीय कार्यवाही, बिना गतरोध के नहीं चल पाई।