लोकसभा में नेता विपक्ष
राहुल गांधी
ने सोमवार को दिल्ली के व्यापारियों से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का साथ देने की अपील की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने मेट्रो सेवाएं बंद कर, सड़कें सील कर और राजधानी को लॉकडाउन जैसी स्थिति में डालकर कारोबार को नुकसान पहुंचाया है। अगर व्यापारी मिलकर ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा ले लें तो यह आंदोलन 40 सेकेंड में खत्म कर दिया जाएगा।
राहुल गांधी ने प्रशासनिक पाबंदियों को 'वोट चोरी' के आरोपों से जोड़ा। उनका कहना है कि अगर सरकार वोट चोरी करती रही तो बैंक खाते और बच्चों का भविष्य भी नहीं बचेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी
से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की। राहुल ने ज्ञानेश कुमार को 'अभियुक्त नंबर 4' कहा।
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व्यापारियों संगठनों से क्या चाहते हैं राहुल गांधी?
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा है, 'दिल्ली के हर व्यापारी से हमारा कहना है कि हम आपसे प्यार करते हैं और आपकी बात सुनते हैं। उन्होंने कहा कि चोरी के वोट से कुछ भी सुरक्षित नहीं है, न दुकान, न बचत और न बच्चों का भविष्य। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी अभियुक्त नंबर 4 को हटा दें तो प्रदर्शन 30 सेकंड में रुक जाएंगे।'
यह बयान ऐसे समय आया है, जब व्यापारी पहले ही राहुल गांधी से प्रदर्शन रोकने की अपील कर चुके हैं। व्यापारियों का कहना है कि प्रदर्शनों के कारण उन्हें अपनी दुकानें बंद करनी पड़ रही हैं और कारोबार को नुकसान हो रहा है।
व्यापारी राहुल गांधी से क्या चाहते हैं?
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने शनिवार को राहुल गांधी से अपील की थी कि INDIA गठबंधन की एक नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली रैली टाल दी जाए। संगठन के मुताबिक, दिवाली की खरीदारी के चरम मौसम में इस रैली से 10 हजार करोड़ रुपये के कारोबार पर असर पड़ सकता है। संगठन ने अपने पत्र में कहा कि इस साल धनतेरस 6 नवंबर, दिवाली 8 नवंबर और भाई दूज 10 नवंबर को है।
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व्यापारी संगठनों की चिंताएं हैं?
व्यापारी संगठनों का कहना है कि लोग धनतेरस और दिवाली की खरीदारी एक हफ्ते पहले से शुरू कर देते हैं। अकेले दिल्ली में धनतेरस से जुड़ा कारोबार करीब 25 हजार करोड़ रुपये का होता है। इसमें सोना-चांदी, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, मेवे, मिठाई, वाहन, संपत्ति और उपहार जैसे क्षेत्र शामिल हैं। पत्र में इसे दिल्ली की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया गया है।
व्यापारी संगठन के पदाधिकारी गोयल ने कहा कि दिल्ली के व्यापारियों को अक्टूबर में रैलियों, मार्च और सड़कें बंद होने से करीब तीन हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। उन्होंने बताया कि कनॉट प्लेस, इंडिया गेट और मध्य दिल्ली में सड़कें बंद रहीं।