भारतीय रेलवे में यात्रा करने वाले यात्री अक्सर ट्रेनों में मौजूद गंदगी से दो-चार होते हैं। इससे लोगों को काफी असुविधा उठानी पड़ती है। मगर, अब रेलवे ट्रेनों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के लिए कदम उठाने जा रही है। रेल मंत्रालय ने शनिवार को ट्रेनों में साफ-सफाई में सुधार के लिए लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए तकनीक में सक्षम पेशेवर टीमों को तैनात करेगी। रेलवे इसके लिए अलग से लोगों को हायर करेगा।
रेलवे यह काम सेवा प्रदाताओं के लिए साफ जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करके और यात्रियों की उम्मीदों से बेहतर प्रोफेशनल, आत्म अनुशासित और सक्रिय टीमों को लगाकर करेगा। अभी मौजूदा क्लीन ट्रेन स्टेशन स्कीम के तहत, ट्रेनों को उनके रूट पर तय स्टेशनों पर साफ किया जाता है।
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रेल मंत्री ने दी जानकारी
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि जनरल क्लास समेत सभी कोचों की सफाई जरूरत पड़ने पर की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि नए सुधार के तहत, सफाई पूरे सफर में हर घंटे या ट्रेन में तैनात ट्रेंड स्टाफ द्वारा जरूरत के हिसाब से करेंगे। उन्होंने कहा कि तकनीक की मदद से वास्तविक समय के आधार पर पर मॉनिटरिंग, फीडबैक और परफॉर्मेंस मैनेजमेंट किया जाएगा।
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किसकी होगा सफाई
इन सर्विस में सभी कोच, टॉयलेट और बेसिन की सफाई, कचरा कलेक्शन, छोटी-मोटी मरम्मत करना, जरूरत पानी भरने का समन्वय करना और सुरक्षा उपकरणों की स्थिति की जांच और रिपोर्टिंग करना शामिल होगा। यह काम ट्रेंड सुपरवाइजर और सर्विस स्टाफ करेंगे।
अश्विनी वैष्णव ने आगे कहा, 'सफाई की फ्रीक्वेंसी पीक और नॉन-पीक घंटों के आधार पर की जाएगी और तकनीक की मदद से सफाई प्रक्रिया को मॉनिटर करने के लिए वॉर रूम बनाए जाएंगे।' उन्होंने बताया कि इस सुधार को लागू करने के लिए 80 ट्रेनों की पहचान की गई है और अनुभव के आधार पर बाकी सभी ट्रेनों को इसमें शामिल किया जाएगा।