उत्तर भारत के कई राज्यों में घने से बहुत घने कोहरे का असर देखने को मिला। दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में कोहरे के कारण विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रही। मौसम विभाग के अनुसार, अगले सप्ताह पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकते हैं। इसके प्रभाव से 23 जनवरी को कुछ इलाकों में भारी बारिश या बर्फबारी होने की संभावना है।
वहीं, 22 से 24 जनवरी के बीच उत्तर-पश्चिम भारत और आसपास के मैदानी क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके साथ ही अगले 2 से 3 दिनों तक बिहार और उत्तर-पश्चिम भारत में घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की प्रबल संभावना जताई गई है।
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कोहरे का प्रभाव
कोहरे के कारण कई राज्यों में विजिबिलिटी बेहद कम दर्ज की गई। पंजाब के अमृतसर में विजिबिलिटी शून्य रही, जबकि पटियाला में 20 मीटर, बठिंडा में 40 मीटर और फरीदकोट में 15 मीटर दर्ज की गई। दिल्ली के सफदरजंग में विजिबिलिटी 0 मीटर रही, वहीं पालम में यह 100 मीटर रिकॉर्ड की गई। उत्तर प्रदेश के बरेली, गोरखपुर, कानपुर और आजमगढ़ में भी विजिबिलिटी शून्य दर्ज की गई। बिहार के गया में विजिबिलिटी 50 मीटर रही। गुजरात के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ बिहार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और सौराष्ट्र के कई इलाकों में घना कोहरा छाया रहा। इन क्षेत्रों में विजिबिलिटी काफी कम रही और यह 50 से 200 मीटर के बीच दर्ज की गई।
पिछले 24 घंटों में तापमान की स्थिति
हिमाचल प्रदेश के अधिकांश इलाकों में न्यूनतम तापमान 1 से 4 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। वहीं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ हिस्सों में तापमान 5 से 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। देश के ज्यादातर हिस्सों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहा, जबकि पश्चिमी हिमालय के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान 0 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा।
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मध्य भारत और उससे सटे पश्चिमी भारत में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया। मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 1.7 डिग्री सेल्सियस अमृतसर (पंजाब) में रिकॉर्ड किया गया।