'हम गोरखपुर से हैं और हम गर्व करते हैं। हमके लगल ह स्पेन, हमके लगल ही ई अद्भुत जगह। हमके स्मार्ट सिटी लगल ह। काहें कि हम सब जगह देखले हईं। मुझे लगता है, तुम अंधा है आंख का तो हम क्या करेगा।'
ये शब्द थे उत्तर प्रदेश की गोरखपुर लोकसभा सीट से सांसद
रवि किशन
के, मंच पर मुख्यमंत्री
योगी आदित्यनाथ
भी थे। अपने अभिनय की कला को अपने भाषण में बखूबी पिरोते दिखे रवि किशन का यह वीडियो भी वायरल हो गया है। इसी वीडियो में यह भी देखा गया कि रवि किशन के ऐसा बोलने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मंत्री संजय निषाद और स्वतंत्र देव सिंह समेत तमाम नेता हंसते नजर आए। मौका था 'कल्याण मंडपम' के उद्घाटन का और मंच पर तमाम नेता मौजूद थे। अब खुद रवि किशन सांसद की हैसियत से यह कह रहे हैं कि उन्हें गोरखपुर स्पेन जैसा लगता है तो आइए एक बार देख लेते हैं कि स्पेन और गोरखपुर में कितना अंतर है।
रोचक बात है कि स्पेन और गोरखपुर की तुलना वाले बयान के बाद पूछे गए एक सवाल के जवाब में रवि किशन ने कहा है, 'मैंने गोरखपुर को 2004 में देखा था और अब देख रहा हूं। मैं गर्व करता हूं। विरोधियों का काम है कि वे विकास के कार्यों की तारीफ नहीं करेंगे। मोदीजी की और बीजेपी की तारीफ नहीं करेंगे वरना उनकी राजनीति खत्म हो जाएगी।'
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गोरखपुर बनाम स्पेन
सबसे पहले तो यह समझ लेते हैं कि गोरखपुर भारत के उत्तर प्रदेश राज्य का एक जिला है। वहीं, स्पेन यूरोप का एक देश है। मोटा-माटी देखें तो स्पेन भौगोलिक तौर पर गोरखपुर से लगभग 145 गुना बड़ा है। गोरखपुर का क्षेत्रफल 3483.8 वर्ग किलोमीटर है तो स्पेन का क्षेत्रफल 4 लाख वर्ग किलोमीटर से भी ज्यादा है। GDP के हिसाब से देखें तो स्पेन दुनिया की 14वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। गोरखपुर की जनसंख्या लगभग 44 लाख है तो स्पेन में लगभग 5 करोड़ लोग रहते हैं। हालांकि, क्षेत्रफल, जनसंख्या और अन्य संख्या आधारित आंकड़े स्वाभाविक तौर पर स्पेन के ही ज्यादा होंगे इसलिए हम ऐसे आंकड़ों की तुलना करेंगे जिनमें औसत देखा जाता है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और अपराध
अगर स्वास्थ्य के मोर्चे पर देखें तो विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का मानक है कि प्रति एक हजार जनसंख्या पर 1 डॉक्टर होना चाहिए। उत्तर प्रदेश में 2363 लोगों पर एक डॉक्टर है। वहीं, स्पेन में 1000 लोगों पर 4.5 डॉक्टर उपलब्ध हैं। यानी उत्तर प्रदेश में 1000 लोगों के लिए आधे से भी कम बेड उपलब्ध है। जिला वार आंकड़े तो उपलब्ध नहीं हैं लेकिन अगर सिर्फ गोरखपुर के लिए इन आंकड़ों की तुलना की जाएगी तो गोरखपुर काफी पीछे दिखेगा। बता दें कि गोरखपुर में AIIMS और बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज के अलावा पांच और सरकारी अस्पताल हैं।
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इन 7 अस्पतालों में लगभग 3 हजार बेड उपलब्ध हैं। गोरखपुर की आबादी के हिसाब से देखें तो लगभग 1500 लोगों के लिए एक बेड उपलब्ध है। वहीं स्पेन में 1500 लोगों के लिए 4.5 बेड उपलब्ध हैं। उत्तर प्रदेश में यह औसत 2 बेड से कम है। अगर एनसेफेलाइटिस के मामलों को देखें तो गोरखपुर में पूर्व में हजारों बच्चों की मौत इसी के चलते होती रही है। हालांकि, हाल के कुछ सालों में इसमें सुधार भी हुआ है और मौत के मामलों में कमी आई है।
स्वास्थ्य सुविधाएं कैसी काम कर रही हैं इसे दिखाने के लिए ही Life Expectancy के आंकड़े देखे जाते हैं। यानी किस जगह पर लोग कितने साल तक जिंदा रहते हैं। उत्तर प्रदेश का औसत 67.2 साल है जबकि स्पेन का औसत 83.9 है।
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शिक्षा के क्षेत्र में देखें तो 2011 की जनगणना के मुताबिक, गोरखपुर में साक्षरता की दर 70.83 प्रतिशत थी। वहीं, स्पेन में साल 2011 में ही 97.78 प्रतिशत लोग साक्षर थे और अब यह संख्या 99 प्रतिशत से भी ज्यादा पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश में ही प्राइमरी स्तर पर 20 बच्चों के लिए एक शिक्षक उपलब्ध हैं जबकि स्पेन में 11 बच्चों पर एक टीचर है। हायर सेकेंडरी लेवल पर यूपी में 35 बच्चों पर एक टीचर तो स्पेन में सिर्फ 11.6 बच्चों पर एक टीचर उपलब्ध है।

अपराध की बात करें तो गोरखपुर में एक लाख व्यक्ति पर 293.17 अपराध होते हैं। ये आंकड़े साल 2023 के हैं। वहीं, स्पेन में 2023-24 के आंकड़े बताते हैं कि यह संख्या एक लाख पर 0.7 है। यानी दोनों में अपराध की संख्या में सैकड़ों गुने का अंतर है। मोटे तौर पर देखें तो स्पेन की तुलना में गोरखपुर में 293 गुना ज्यादा अपराध होता है।
अन्य पैमानों पर कहां है गोरखपुर?
अगर प्रति व्यक्ति आय देखें तो गोरखपुर में यह लगभग 87211 रुपये सालाना यानी लगभग 7 हजार रुपये महीना है। वहीं, स्पेन में प्रति व्यक्ति आय हर महीने लगभग 2 लाख रुपये है। गोरखपुर की जीडीपी सिर्फ 47,169 करोड़ की है जबकि स्पेन की जीडीपी 221 लाख करोड़ रुपये है।

स्पेन में प्रति एक लाख जनसंख्या पर 370 पुलिसकर्मी मौजूद हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश में साल 2022 में यह संख्या 133 ही थी। यानी यूपी में 1 लाख लोगों पर 133 पुलिसकर्मी ही थे यानी लगभग ढाई गुना कम। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि किसी एक अमीर देश की तुलना एक छोटे से जिले से नहीं हो सकती लेकिन ये कुछ तथ्य हैं जो दिखाते हैं कि स्पेन की तुलना में गोरखपुर कहां खड़ा है।