देश में चीनी की कीमतें अचानक बढ़ गईं, जिसको लेकर केंद्र सरकार ने अहम फैसला लिया है। सरकार ने बाजार में चीनी की कमी को दूर करने के लिए चीनी के आयात को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही सरकार ने जाहिर किया कि अगर चीनी की जमाखोरी और अवैध स्टॉक रखते कोई व्यक्ति पकड़ा गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार के इन दो फैसलों के प्रभाव से चीनी मिलों से थोक में बिकने वाली चीनी की कीमत घटी है, जो पहले 67 रुपये थी, अब 55 रुपये प्रति किलो हो गई है।
भारत में पिछले कुछ दिनों से चीनी की कीमतें बढ़ती जा रही थीं, जिसे देखकर आम जनता बेहद परेशान थी। चीनी के एक्स-मिल में कीमत घटने से लोगों को राहत मिलेगी। जानकारी के लिए बता दें, एक्स-मिल कीमत का मतलब वह कीमत है जिसमें चीनी मिल के व्यापारी थोक में चीनी बेचते हैं। अब सवाल उठता है कि पिछले 15 दिनों में ऐसा क्या हुआ, जिससे अचानक चीनी के दाम बढ़ गई थी?
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क्यों बढ़े चीनी के दाम?
देश में पिछले कुछ दिनों से चीनी की एक्स-मिल कीमत बढ़ती जा रही थी। थोक व्यापारी 67 रुपये प्रति किलो चीनी बेचने लगे थे, जिससे आम जनता को महंगे दामों में चीनी खरीदनी पड़ी। इसी सिलसिले में खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने कहा कि चीनी के दाम इसलिए बढ़े हैं क्योंकि चीनी मिलों के मालिकों ने अपनी मर्जी से दाम बढ़ाए। चीनी मिलों में चीनी के दाम बढ़ने के कारण बाजार में चीनी की कीमतें बढ़ गईं।
2 फैसलों का क्या होगा असर?
केंद्र सरकार ने चीनी मिलों के मालिकों को साफ तौर पर हिदायत दी है कि चीनी का अवैध स्टॉक न रखें। इसके साथ ही सरकार ने चीनी के आयात को मंजूरी दे दी है, जिससे विदेश से चीनी भारत आएगी। इससे भारतीय बाजार में चीनी की कमी नहीं होगी। इन दोनों फैसलों से चीनी की कीमतें जल्द ही घट सकती हैं।
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इसी बीच खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने पीटीआई को बताया है कि चीनी मिलों में चीनी के दाम घटकर 55 रुपये प्रति किलो हो गए हैं। जैसे ही सप्लाई चेन सामान्य हो जाएगी, वैसे ही आम जनता को किराने के दुकान पर कम दाम में चीनी मिल सकती है।