मंगलवार को दिल्ली की एक विशेष अदालत ने कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर को मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में जमानत दे दी। यह मामला एआईएडीएमके (AIADMK) के 'दो पत्ती' चुनाव चिह्न से जुड़ा है। स्पेशल जज विशाल गोगने ने सुकेश की जमानत याचिका मंजूर कर ली।
कोर्ट ने उन्हें 5 लाख रुपये का पर्सनल बॉन्ड और 5 लाख रुपये का श्योरिटी बॉन्ड देकर रिहा करने का आदेश दिया। हालांकि, सुकेश अभी भी दूसरे लंबित मामलों में जेल में ही रहेंगे। कोर्ट ने बहुत सख्त शब्दों में कहा कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता (personal liberty) संविधान की सबसे महत्वपूर्ण चीज है। इसे आर्थिक अपराधों के नाम पर ज्यादा समय तक नहीं रोका जा सकता।
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स्वतंत्रता महत्त्वपूर्ण
जज ने अपने आदेश में लिखा, 'स्वतंत्रता हमारे संविधान की सबसे पवित्र चीज है। अदालत फैसलों में स्वतंत्रता की बात करती है, लेकिन राज्य के साथ मिलकर इसे छीन नहीं सकती, चाहे मामला विशेष कानून का हो या आर्थिक अपराध का।'
कई मामलों में मिली जमानत
कोर्ट ने माना कि प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत मनी लॉन्ड्रिंग गंभीर अपराध है, लेकिन इस कानून का इस्तेमाल करके आरोपी को बिना वजह जमानत से वंचित नहीं रखा जा सकता। जज ने यह भी कहा कि सुकेश पर कई मामले होने का मतलब यह नहीं कि इस मामले में उन्हें लगातार जेल में रखा जाए। खासकर तब जब वे ज्यादातर मामलों में पहले ही जमानत ले चुके हैं।
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कोर्ट ने ध्यान दिलाया कि मूल अपराध (predicate offence) और इस PMLA मामले की सुनवाई सालों से रुकी हुई है। ऐसे में सुकेश का ट्रायल बिना शुरू हुए ही लंबे समय से जेल में रहना पड़ा है। 'इसलिए आरोपी न सिर्फ ट्रायल के दौरान ज्यादा समय जेल में रह चुका है, बल्कि आगे भी बिना मुकदमा चले लंबे समय तक जेल में रहने की आशंका है।'