बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी सोनम रघुवंशी को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा झटका दे दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने राजा रघुवंशी की पत्नी और उन्हीं की हत्या की आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत रद्द कर दी है। मेघालय सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर इस केस के ट्रायल में देरी होती है तो सोनम रघुवंशी 6 महीने के बाद फिर से जमानत के लिए याचिका दायर कर सकती हैं। रोचक बात है कि इस केस में एक तकनीकी गलती के चलते सोनम रघुवंशी को जमानत मिल गई थी।
सुनवाई के दौरान सोनम की दलील को सही माना कि उस वक्त उन्हें गिरफ्तारी की सही वजह नहीं बताई गई थी और सोनम ने खुद से सरेंडर किया था। सोनम रघुवंशी के वकील ने दलील दी कि यह पूरा केस ही परिस्थितिजन्य सबूतों पर आधारित है और सोनम केस के ट्रायल में पूरा सहयोग कर रही हैं। वहीं, मेघालय सरकार का पक्ष रख रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि अभी तक इस केस में सिर्फ 4 गवाहों के बयान दर्ज हुए हैं जबकि कुल 94 गवाह हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ तकनीकी गलती के आधार पर जमानत दी ही नहीं जानी चाहिए थे। अब इस मामले की अगली सुनवाई अगले गुरुवार को होगी।
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अदालत में क्या हुआ?
गुरुवार को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एम एम सुंदरेश और पी बी वराले की बेंच ने सुनवाई की। इस बेंच ने माना कि सोनम रघुवंशी की जमानत आगे बढ़ाने से ट्रायल प्रभावित हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'हमारा मानना है कि और लंबी जमानत देने से ट्रायल प्रभावित होगा। ऐसे में हम जमानत के आदेश को खारिज करते हैं। उनके पास सरेंडर करने के लिए तीन हफ्ते के समय है। अगर 6 महीने में ट्रायल पूरा नहीं होता है तो वह फिर से जमानत याचिका दायर कर सकती हैं।'
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बता दें कि अपने ही पति राजा रघुवंशी को शिलांग ले जाकर उनकी हत्या करने की आरोपी सोनम को लगभग 3 महीने पहले जमानत मिल गई थी। 2 जून 2025 को राजा रघुवंशी की लाश एक गहरी खाई से बरामद हुई थी। इसके कुछ दिन बाद सोनम को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में गिरफ्तार किया गया था। आरोप हैं कि सोनम ने अपने प्रेमी राज कुशवाहा के साथ मिलकर अपने पति राजा की हत्या की साजिश रची।
इस केस में तकनीकी आधार पर निचली अदालत ने सोनम को जमानत दे दी थी। मेघालय सरकार ने इस जमानत को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी लेकिन हाई कोर्ट ने भी जमानत बरकरार रखने का आदेश दिया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने फैसले को पलट दिया है और सरेंडर का आदेश दिया है।