लोकसभा ने महिला सदस्यों के खिलाफ असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करने पर टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया गया। उन्हें पूरे मानसून सत्र से निलंबित कर दिया गया। टीएमसी छोड़ चुकीं महिला सांसदों ने कल्याण बनर्जी के खिलाफ लिखित शिकायत दी थी।
दोपहर दो बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई। पीठासीन सभापति कृष्ण प्रसाद तेन्नेटी ने विपक्षी सदस्यों से सदन चलने देने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कुछ महिला सदस्यों के खिलाफ असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया। इसकी लिखित शिकायत लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से की गई।
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महिला सांसदों से कल्याण बनर्जी की बहस
बताया जा रहा है कि लोकसभा कक्ष में टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी और टीएमसी छोड़ चुकी सांसद मिताली बाग, शताब्दी रॉय और काकोली घोष दस्तीदार के बीच दिखी बहस हुई। हालांकि यह अभी तक यह साफ नहीं हो पाया कि बहस की वजह क्या थी। बाद में तीनों महिला सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की और कल्याण बनर्जी के खिलाफ शिकायत दी।
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विपक्ष का हंगामा, सदन स्थगित
दो बार के स्थगन के बाद जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कल्याण बनर्जी को शेष सत्र से निलंबित करने का प्रस्ताव रखा। सदन ने ध्वनिमत से प्रस्ताव को पारित किया। इसके बाद पीठासीन सभापति कृष्ण प्रसाद तेन्नेटी ने कल्याण बनर्जी को सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबन की घोषणा की और उन्हें तत्काल सदन से बाहर जाने का आदेश दिया। विपक्षी सांसदों ने जोरदार हंगामा किया। इसके बाद सदन को दिनभर की खातिर स्थगित कर दिया गया।
बगावत से जूझ रही टीएमसी
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद टीएमसी सबसे बड़े सियासी संकट से गुजर रही है। पार्टी के 20 सांसदों ने बगावत करके एनसीपी ज्वाइन कर ली। अब लोकसभा में उसके सिर्फ 8 सदस्य बचे हैं। वहीं विधानसभा में बगावत हो चुकी है। करीब 59 विधायक बागी हो चुके हैं। कुल 80 में से सिर्फ 21 विधायक ही टीएमसी में बचे हैं। कल्याण बनर्जी ने भी अभिषेक बनर्जी के खिलाफ मोर्चा खोला था। हालांकि बाद में दोनों में बातचीत बन गई। बनर्जी को
ममता बनर्जी
का विश्वासपात्र माना जाता है।