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घट रहा DTH का दायरा, क्यों बदल गया लोगों के TV देखने का तरीका? जानिए असली वजह

एक समय मे एंटरटेनमेंट के लिए लोग TV देखना ही पसंद करते थे और लगभग हर घर में DTH कनेक्शन लगा होता था लेकिन अब धीरे-धीरे DTH का इस्तेमाल कम होता नजर आ रहा है।

TRAI reported decline DTH subscribers

प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo credit: Meta AI

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भारत में टीवी देखने का तरीका तेजी से बदल रहा है। कभी सबसे पॉपुलर एंटरटेनमेंट मीडियम माना जाने वाला डायरेक्ट-टू-होम (DTH) प्लेटफॉर्म अब धीरे-धीरे सिमटता दिखाई दे रहा है। हाल ही में जारी टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) के डेटा से पता चलता है कि DTH सर्विस के सब्सक्राइबर लगातार कम हो रहे हैं, जबकि इंटरनेट प्रोटोकॉल टेलीविजन (IPTV) और ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।

 

TRAI ने 3 मार्च को इंडियन टेलीकॉम सर्विस परफॉर्मेंस इंडिकेटर रिपोर्ट जारी की। डेटा के मुताबिक, 31 दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही तक देश में पेड DTH सर्विस के कुल एक्टिव सब्सक्राइबर घटकर लगभग 50.99 मिलियन रह गए हैं। इससे पहले, सितंबर 2025 की तिमाही में यह संख्या 52.78 मिलियन थी। यह सिर्फ एक तिमाही में लगभग 1.79 मिलियन सब्सक्राइबर का नुकसान दिखाता है।

 

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1 साल में बदल गई सूरत

TRAI के आंकड़ों के अनुसार पिछले एक साल में DTH सेवाओं के ग्राहकों की संख्या लगातार गिरी है। दिसंबर 2024 में जहां 58.22 मिलियन लोग DTH का इस्तेमाल कर रहे थे, वहीं मार्च 2025 में यह संख्या 56.92 मिलियन और जून 2025 में 56.07 मिलियन रह गई। इसके बाद सितंबर 2025 में यह और गिरकर 52.78 मिलियन और दिसंबर 2025 में 50.99 मिलियन पर पहुंच गई।

 

ध्यान देने वाली बात है कि यह गिरावट अचानक नहीं आई है, बल्कि पिछले कुछ सालों में यह धीरे-धीरे आई है। इंटरनेट की बढ़ती पहुंच और स्मार्ट टीवी के प्रसार ने लोगों को पारंपरिक टीवी सेवाओं के बजाय डिजिटल प्लेटफॉर्म की ओर मोड़ दिया है।

 

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IPTV का तेजी से बढ़ता दायरा

जहां DTH सेवाओं में गिरावट देखी जा रही है, वहीं IPTV सेवाओं का विस्तार हो रहा है। TRAI के अनुसार देश में लगभग 70 IPTV ऑपरेटर सेवाएं दे रहे हैं। इनमें सबसे बड़ा हिस्सा भारती एयरटेल लिमिटेड का है, जिसके लगभग 25.41 लाख  एक्टिव सब्सक्राइबर हैं। आंध्र प्रदेश स्टेट फाइबरनेट लिमिटेड (APSFL) के भी लगभग 4.43 लाख कस्टमर हैं। फास्टवे ट्रांसमिशन, हैथवे डिजिटल और मेघबेला केबल एंड ब्रॉडबैंड सर्विस जैसी दूसरी कंपनियों के भी हजारों कस्टमर हैं।

 

आपको बता दें कि IPTV की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह इंटरनेट के जरिए टीवी चैनल और कंटेंट उपलब्ध कराता है। इसमें दर्शकों को लाइव टीवी के साथ-साथ ऑन-डिमांड कंटेंट भी देखने की सुविधा मिलती है।

 

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क्यों बदल गया लोगों का TV देखने का तरीका?

  • दर्शकों के व्यवहार में आए बदलाव के पीछे OTT प्लेटफॉर्म और तेज इंटरनेट की बड़ी भूमिका है। आज बड़ी संख्या में लोग स्मार्टफोन, स्मार्ट टीवी और लैपटॉप पर अपनी पसंद का कंटेंट कभी भी और कहीं भी देखना चाहते हैं।
  • DTH में जहां निश्चित चैनल पैकेज और मासिक शुल्क देना पड़ता है, वहीं OTT प्लेटफॉर्म पर दर्शक अपनी पसंद का शो या फिल्म चुन सकते हैं। इसके अलावा फाइबर इंटरनेट और ब्रॉडबैंड सेवाओं के विस्तार ने IPTV और ऑनलाइन स्ट्रीमिंग को और आसान बना दिया है।
  • यह भी कहा जा रहा है कि वाले वर्षों में यह ट्रेंड और तेज हो सकता है। हालांकि ग्रामीण और कम इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में DTH अभी भी महत्वपूर्ण बना रहेगा। लेकिन शहरी इलाकों में इंटरनेट आधारित टीवी सेवाएं तेजी से अपनी जगह बना रही हैं।
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