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सोनम वांगचुक अस्पताल में, धरने पर अभिजीत दीपके, कामयाब होगा चलो संसद मार्च?

दिल्ली के जंतर मंतर पर अभिजीत दीपके आमरण अनशन पर हैं। सोनम वांगचुक अस्पताल में हैं। अब आंदोलन के भविष्य पर सवाल उठ रहे हैं।

Abhijeet Dipke announce Cockroach Janata Party next protest

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके, Photo Credit: PTI

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कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके , जंतर मंतर पर धरने पर बैठे हैं। सोनम वांगचुक को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन पर अनशन खत्म करने का दबाव बनाया जा रहा है। अभिजीत दीपके की अगुवाई में अब कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थक, संसद घेरने की तैयारी में हैं। समाजवादी पार्टी के सांसदों ने इस विरोध प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया है। देर रात, समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन भी जंतर मंतर पर प्रदर्शन स्थल पर नजर आईं हैं।

नई दिल्ली में प्रदर्शन की इजाजत पुलिस ने नहीं दी है। अब सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। संसद के मानसून सत्र और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित 'चलो संसद' मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने न्यू दिल्ली जिले में पाबंदियां लगा दी हैं। दिल्ली पुलिस ने बीएनएसएस की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है।

यह भी पढ़ें: LIVE: सोनम वांगचुक और CJP का 'चलो संसद मार्च', दिल्ली पुलिस अलर्ट, कामयाब होगा?

पुलिस ने नहीं दी है मार्च की इजाजत

पुलिस ने साफ कहा है कि CJP ने मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं मांगी और न ही दी गई है। इसलिए 20 जुलाई को मार्च की इजाजत नहीं होगी।CJP इस मार्च के जरिए NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों का विरोध कर रही है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है।

दिल्ली में पुलिस ने बढाई है सख्ती, प्रदर्शन प्रतिबंधित

पुलिस ने न्यू दिल्ली जिले के संसद स्ट्रीट सब-डिवीजन में पाबंदियां लगा दी हैं। इनमें पांच या उससे ज्यादा लोगों का इकट्ठा होना, सार्वजनिक बैठकें, जुलूस, नारे लगाना, भाषण देना, बैनर-पोस्टर, लाठी-डंडे और हथियार ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। बिना लिखित अनुमति के कोई भी प्रदर्शन या धरना नहीं हो सकेगा।

 

 

यह भी पढ़ें: कब और किन शर्तों पर अनशन खत्म करेंगे सोनम वांगचुक? खुद लिखी चिट्ठी

प्रदर्शनकारियों पर कानूनी मार की तैयारी

जंतर मंतर को छूट दी गई है, लेकिन वहां भी शाम 5 बजे के बाद अनुमति लेकर ही कार्यक्रम किए जा सकते हैं। उल्लंघन करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत कार्रवाई होगी। पुलिस ने कहा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त तैयारियां की गई हैं और पूरे संसद सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहेगी।

आंदोलन कैसे कामयाब होगा?

पुलिस की सख्ती की वजह से अब आंदोलन के भविष्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लोग जंतर मंतर तक पहुंच भी जाएं तो पुलिस फिलहाल उन्हें संसद मार्ग तक नहीं पहुंचने देगी।


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