सेना के एक कैप्टन ने महाराष्ट्र में पासिंग-आउट परेड समारोह के बाद अपनी प्रेमिका को प्रपोज किया। रनवे पर ही घुटने के बल बैठकर अपनी प्रेमिका को अंगूठी पहनाई। पीछे सेना का एक हेलीकॉप्टर खड़ा है। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया दो धड़ों में बंट गया। कुछ ने कैप्टन की तारीफ की तो कई लोगों ने मिलिट्री प्रोटोकॉल और सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं पर नई बहस छेड़ दी। घटना मंगलवार को महाराष्ट्र के नासिक में स्थित कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल की है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस के बाद कैप्टन भरत भारद्वाज को कई सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों का साथ मिला है। सेना के पूर्व अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर जताई जा रही गंभीर सुरक्षा उल्लंघन की अटकलों को खारिज कर दिया। लोगों की प्रतिक्रिया को अति आक्रोश कहकर इसकी आलोचना की। सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल एचएस पनाग, रिटायर्ड कर्नल संजय पांडे, जनरल डीपी पांडे और लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) कंवल जीत सिंह ढिल्लों ने भरत भारद्वाज का समर्थन किया।
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एचएस पनाग का भी मिला साथ
सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल एचएस पनाग ने एक्स पर लिखा, 'अपनी सेवा के दौरान मैंने ऐसे कई मामलों को संभाला। मैंने जोश से भरे युवा अफसरों और सैनिकों की गरिमा और आजाद सोच की रक्षा और उसे बनाए रखने के लिए हर मुमकिन कोशिश की। मैंने उनकी गोपनीय रिपोर्टों (confidential reports) की जांच करना जरूरी समझा और अगर चेन ऑफ कमांड में मौजूद अधिक सख्त कमांडरों का नजरिया अलग होता तो मैंने उन मामलों को सही करता था। सबसे खराब स्थिति में मैंने बिना नाम या घटना का जिक्र किए एक सामान्य चेतावनी वाला पत्र जारी किया।'
सुरक्षा में कोई सेंध नहीं: सतीश दुआ
पूर्व चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सतीश दुआ ने भी कैप्टन भरत भारद्वाज का समर्थन किया और लिखा, 'सोशल मीडिया पर एक युवा कैप्टन की चॉपर के सामने प्रपोज करने वाली इस तस्वीर को लेकर बहुत अधिक नकारात्मकता दिखाई जा रही है। कई मौकों पर सेना के उपकरण आम लोगों के देखने और फोटोग्राफी के लिए रखे जाते हैं। इससे सुरक्षा में कोई सेंध नहीं लगती। ये युवा पायलट अक्सर अपने परिवार और दोस्तों से दूर रहते हैं। उन्हें अपना काम करने दें।'
भारतीय सेना के सेवानिवृत्त जनरल अधिकारी डीपी पांडे ने लोगों की प्रतिक्रिया की आलोचना की। उन्होंने बताया कि कैप्टन ने चाय ब्रेक के दौरान प्रपोज किया था, न कि परेड के दौरान। उस वक्त सभी को तस्वीरें लेनी की अनुमति होती है।
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'युवा नहीं करेगा तो कौन करेगा'
लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) कंवल जीत सिंह ढिल्लों ने भी इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'आप चाहते हैं कि वह युवा अफसर देश-प्रेम के लिए अपनी जान कुर्बान कर दे, लेकिन आप यह नहीं चाहते कि वह अपनी मंगेतर के लिए अपना प्यार जाहिर करे। सेना में हम कहते हैं, 'अगर युवा नहीं करेगा, तो कौन करेगा?'
उन्होंने आगे कहा कि अगर आपको उसकी पेशेवर काबिलियत में कोई कमी नहीं दिखती तो प्यार और अपनेपन के ऐसे पवित्र भाव पर बेवजह नुक्ताचीनी न करें। सुरक्षा चिंताओं से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा, 'देश भर में आयोजित कई 'अपनी सेना को जानें' (Know your Army) प्रदर्शनियों में सैन्य साजो-सामान प्रदर्शित किए जाते रहे हैं। छात्र और आम नागरिक उनके साथ तस्वीरें खिंचवाते हैं, जो सेना के प्रति उनके गर्व और प्रेम को दर्शाती हैं। इसलिए कृपया इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा न उठाएं। उस युवा सैनिक को गर्व और सम्मान के साथ अपना राष्ट्रीय कर्तव्य निभाने दें।