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पहले CJP, अब E20 जनता पार्टी, धर्मेंद्र प्रधान के बाद नितिन गडकरी नपेंगे?

NEET पेपर लीक पर जैसे धर्मेंद्र प्रधान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) फंसी, वैसे ही E20 एथेनॉल ब्लेंडिंग पर पार्टी फंस रही है।

Nitin Gadkari

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी। Photo Credit: NitinGadkari/FB

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पहले धर्मेंद्र प्रधान और अब नितिन गडकरी के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट रहा है। भारतीय जनता पार्टी की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। E20 एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। आम लोगों की शिकायत है कि इससे गाड़ियों की माइलेज कम हो गई है और इंजन खराब हो रहे हैं। इस मुद्दे पर अब 'E20 जनता पार्टी' नाम का एक नया नागरिक आंदोलन शुरू हो गया है।

'E20 जनता पार्टी' की मांग है कि लोगों को 100 फीसदी शुद्ध पेट्रोल खरीदने का अधिकार मिले और उन्हें E20 पेट्रोल से मुक्ति मिले। लोगों की शिकायत है कि उनकी गाड़ियां खराब हो रही हैं, कॉर्बोरेट में कचरा जमा हो रहा है, इंजन सीज हो रहा है। शहरों से लेकर गांवों तक, जिस 'हाइवे मैन' कहे जाने वाले नितिन गडकरी की खूब तारीफ होती थी, अब एथेनॉल ब्लेंडिंग पर वह सबके निशाने पर हैं। 

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नितिन गडकरी होंगे अगले धर्मेंद्र प्रधान?

महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने रविवार को आरोप लगाया कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन से लोगों की गाड़ियां खराब हो रही हैं। उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के इस्तीफे की मांग की और इसे 'एथेनॉल घोटाला' बताया। अब नितिन गडकरी के खिलाफ भी ऑनलाइन विरोध देखने को मिल रहा है।

क्यों नितिन गडकरी के खिलाफ भड़का है गुस्सा?

अप्रैल 2026 से भारत में पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाना (E20) अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि इससे विदेश से कच्चा तेल कम आयात होगा, गन्ना किसानों की आय बढ़ेगी, प्रदूषण कम होगा और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी। सरकार का दावा है कि E20 ईंधन सुरक्षित और साफ है। नितिन गडकरी एथेनॉल के पक्ष में खूब बोलते हैं। उनके परिवार का एथेनॉल बिजनेस भी है।।

 

आम लोगों और वाहन मालिकों में नाराजगी बढ़ रही है। कई लोग कह रहे हैं कि E20 से माइलेज काफी घट गया है। पुरानी गाड़ियों में इंजन की समस्या, ज्यादा रखरखाव का खर्च और परफॉर्मेंस प्रभावित हो रही है। पेट्रोल पंपों पर अब सिर्फ E20 ही मिल रहा है, शुद्ध पेट्रोल चुनने का विकल्प लगभग खत्म हो गया है।

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क्या है E20 जनता पार्टी?

एथेनॉल के मुद्दे पर 'E20 जनता पार्टी' आंदोलन शुरू हुआ है। देश की कई चर्चित हस्तियां इसे अपना समर्थन दे रहीं हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की तर्ज पर इसे भी आगे बढ़ाने की तैयारी चल रही है। 

'E20 जनता पार्टी' की मांग है कि हर भारतीय को 100 फीसदी शुद्ध पेट्रोल खरीदने का अधिकार मिले। E20 जनता पार्टी कह रही है कि उनकी मांग एथेनॉल ब्लेंडिंग बंद करने या सब्सिडी की नहीं है। वे सिर्फ उपभोक्ता अधिकारों की मांग कर रहे हैं, जिससे उनके पास ईंधन चुनने का विकल्प रहे। वह यही अधिकार चाहते हैं।

E20 जनता पार्टी की मांग क्या है?

  • ईंधन चुनने का अधिकार मिले
  • E20 की अनिवार्यता खत्म हो
    ईंधन पर साफ लेबलिंग हो, स्टडी हो, आंकड़े जनता के सामने आएं

सिसायत शुरू, आगे क्या होगा?

महाराष्ट्र कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल ने इसे भ्रष्टाचार और आम नागरिकों के साथ उत्पीड़न बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गाड़ी मालिकों से माफी मांगने की भी अपील की। विपक्ष का आरोप है कि एथेनॉल कंपनियों को भारी मुनाफा हो रहा है जबकि आम आदमी परेशान है।

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सरकार का E20 से आगे का प्लान क्या है?

सरकार ने अभी E20 से ज्यादा ब्लेंडिंग बढ़ाने का प्लान नहीं बताया है और कहा है कि पुरानी गाड़ियों में थोड़ी माइलेज कम हो सकती है, लेकिन कुल मिलाकर फायदेमंद है। विवाद अभी जारी है और सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है। E20 जनता पार्टी अब बड़े स्तर पर समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है। कॉकरोच जनता पार्टी भी साथ देने के लिए तैयार नजर आ रही है। 

 

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