तृणमूल कांग्रेस के बागी 20 सांसदों ने आखिरकार रविवार को अपने पत्ते खोल दिए। तृणमूल कांग्रेस के इस बागी गुट का नेतृत्व करने वाली सांसद काकोली घोष दस्तीकार ने रविवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात करके संसद में अपने अलग बैठने की जगह की मांग की है। हैरतअंगेज तरीके से बीसों सांसदों ने पूर्व सीएम ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी पर अपना दावा नहीं ठोंका है, बल्कि सभी 'नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया' (NCPI) में शामिल हो गए। इसको ऐसे भी कह सकते हैं कि इस पार्टी में बागियों ने खुद का विलय कर लिया।
इन बागियों पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई थीं कि आखिर ममता बनर्जी से बगावत करके ये सभी सांसद क्या कदम उठाएंगे? मगर, रविवार शाम को काकोली घोष दस्तीकार ने लोकसभा स्पीकर से मिलने के बाद मीडिया के सामने आकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, 'हम अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस को नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी (NCP) में विलय कर रहे हैं।'
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काकोली घोष ने क्या कहा?
काकोली घोष ने बताया कि टीएमसी से चुने हुए हम 20 सांसदों ने स्पीकर से मुलाकात की और अलग बैठने का अनुरोध करते हुए एक पत्र सौंपा। ये 20 सांसद हमारी कुल संख्या का दो-तिहाई से अधिक हैं। हम नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी में विलय कर रहे हैं। आगे चलकर हम देश के लिए काम करेंगे और प्रधानमंत्री की अगुवाई वाले एनडीए के साथ मिलकर काम करेंगे।
बागी सांसदों के एनसीपीआई में विलय करने के बाद अब सबके मन में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया है क्या, जिसका आज से पहले किसी ने भी नाम नहीं सुना था।
NCPI क्या है?
तृणमूल कांग्रेस के 20 लोकसभा सांसदों ने मूल पार्टी पर दावा ठोंकने की बजाए उन्होंने खुद को नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया में विलय का फैसला किया है। यह कदम महाराष्ट्र में शिवसेना और एमसीपी में हुई टूट से एकदम अलग है। उन्होंने फिलहाल टीएमसी पार्टी पर दावा छोड़ दिया है। दरअसल, इस कदम से कानूनी लड़ाई हो सकती थी। साथ ही टीएमसी पर दावा बिना बीजेपी के मदद के नहीं हो सकता। ऐसे में बीजेपी को भी जनता के सामने इस कदम का बचाव करने में समस्या आती।
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एनसीपीआई के बारे में जानिए
जिस एनसीपीआई में सभी 20 सांसद शामिल हुए हैं उसके बारे में बहुत कम जानकारी है। My Neta के द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, एनसीपीआई का गठन 2023 में पश्चिम बंगाल में हुआ था। यह पार्टी त्रिपुरा में दो विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ी थी। इसके बाद एनसीपीआई के चुनाव लड़ने का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला है। हालांकि, इस पार्टी के एक ही झटके में 20 सांसद शामिल हो गए हैं।
एनसीपीआई पार्टी का फेसबुक पेज हावड़ा से चलता है। यह पेज भी 2023 के बाद अपडेट नहीं किया गया है। ऐसे में एनसीपीआई एक गुमनाम पार्टी है, जिसके बारे में अधिक जानकारी नहीं है।