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0 विधायक और सांसद वाली पार्टी में शामिल होंगे TMC के बागी 20 सांसद

टीएमसी के बागी सांसदों ने रविवार शाम लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की। इस दौरान बागी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि उनका गुट 'नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी' में शामिल हो गया है। यह एक मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टी है। हमने इसमें विलय कर लिया है। असली टीएमसी कौन सी है, यह अदालत तय करेगी।

West Bengal News

लोकसभा अध्यक्ष से मिलते टीएमसी के बागी सांसद। (Photo Credit: ANI)

तृणमूल कांग्रेस के बागी काकोली घोष दस्तीकार ने रविवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की। मीटिंग के बाद उन्होंने मीडिया को बताया कि अपने अलग बैठने की जगह मांगी है। इसके अलावा हम अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस को नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी (NCP) में विलय कर रहे हैं। 

एनडीए के लिए मिलकर काम करेंगे: काकोली घोष

काकोली घोष ने बताया कि टीएमसी से चुने हुए हम 20 सांसदों ने स्पीकर से मुलाकात की और अलग बैठने का अनुरोध करते हुए एक पत्र सौंपा। ये 20 सांसद हमारी कुल संख्या का दो-तिहाई से अधिक हैं। हम नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी में विलय कर रहे हैं। आगे चलकर हम देश के लिए काम करेंगे और प्रधानमंत्री की अगुवाई वाले एनडीए के साथ मिलकर काम करेंगे।

 


जुलाई में मांगेंगे तृणमूल का नाम: बागी सुदीप बंदोपाध्याय

बागी सांसद सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा कि हम नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी में विलय करेंगे। यह एक क्षेत्रीय पार्टी है। नियम यही है। जब आप पार्टी के दो-तिहाई सदस्यों के साथ अलग होते हैं, तो आप पहले ही दिन उस पार्टी का नाम नहीं मांग सकते। जुलाई में हम तृणमूल का नाम अपने लिए मांगेंगे, क्योंकि हमारे पास तृणमूल का दो-तिहाई बहुमत है। इसके बाद कोर्ट तय करेगा।

 

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उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी हस्ताक्षरों की पुष्टि की। कुल 20 हस्ताक्षर थे। यह दो तिहाई है। जब उनसे कीर्ति आजाद और शत्रुघ्न सिन्हा के बारे में पूछा गया तो सुदीप ने कहा कि बिहार के लोग बंगाल की पार्टी को अधिक समर्थन देते हैं। 

कोलकाता में ममता के आवास पर बैठक

उधर, दिल्ली में बागी सांसदों की लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात के बीच कोलकाता में सियासी सरगर्मी बढ़ चुकी है। ममता बनर्जी के आवास में पार्टी नेताओं की बड़ी बैठक बुलाई गई। टीएमसी विधायक कुणाल घोष, सोवनदेब चट्टोपाध्याय और सांसद कल्याण बनर्जी ममता बनर्जी के आवास से निकले। वहीं राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ममता बनर्जी के आवास पर पहुंचे हैं।

टीएमसी के सामने सबसे बड़ा सियासी संकट

नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी त्रिपुरा की एक क्षेत्रीय पार्टी है। मौजूदा समय में पार्टी के विधायकों और सांसदों की संख्या शून्य है। हालांकि विलय के बाद सांसदों की संख्या 20 हो गई। लोकसभा चुनाव 2024 में टीएमसी ने 28 सीटों पर जीत हासिल की थी। 20 सांसदों ने विधानसभा चुनाव के बाद बगावत कर दी। कई दिनों की सियासी गहमागहमी के बीच रविवार को बागी सांसदों ने एनसीपी में विलय का ऐलान किया।

 

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राज्य विधानसभा में भी टीएमसी को बगावत का सामना करना पड़ रहा है। 80 में से 64 विधायकों ने अलग गुट बना लिया है। विधानसभा अध्यक्ष रथिंद्र बोस ने बागी गुट का नेतृत्व करने वाले विधायक ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष का नेता चुना है। हालांकि टीएमसी ने उनके फैसले को कलकत्ता हाई कोर्ट में चुनौती दी है।


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