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क्या हवाई जहाज की तरह कार में भी होगा ब्लैक बॉक्स? सेफ्टी के नियम बदलेंगे

सड़क परिवहन मंत्रालय ने कार सेफ्टी और पेदल चलने वालों की सेफ्टी को लेकर नियमों में बदलाव किए हैं। नए नियम के तहत क्या बदलाव होंगे और कब तक लागू होंगे?

कार सेफ्टी, Car Safety Rules

सांकेतिक तस्वीर, Photo Credit-ChatGPT

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सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने कारों की सेफ्टी को लेकर कई पुराने नियम बदल कर नए और सख्त नियम बना दिए हैं। अब कार कंपनियों को सुरक्षा से जुड़े नए मानकों के हिसाब से कारें तैयारी करनी होगी। नए नियम के तहत अब सामने से टक्कर, बगल से टक्कर और पीछे से टक्कर में फ्यूल सिस्टम और बैटरी की सुरक्षा के नए मानक लागू होंगे। इसके साथ ही गाड़ी की टक्कर से पैदल चलने वालों और सड़क पर मौजूद अन्य लोगों को होने वाले नुकसान से जुड़ा मानक भी बदला गया है।   

 

इसके अलावा, कारों में चोरी रोकने वाला उपकरण यानी इमोबिलाइजर लगाना जरूरी होगा। साथ ही हादसे की जांच के लिए हवाई जहाज के ब्लैक बॉक्स जैसा उपकरण (इवेंट डेटा रिकॉर्डर) भी लगाना होगा। ये नियम एक साथ नहीं बल्कि धीरे-धीरे 2027 से 2032 तक लागू होंगे। इससे कार कंपनियों को तैयारी का पूरा समय मिलेगा।

 

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नए नियम के तहत क्या बदलने वाला है?  

M1 कैटेगरी की कारों में 1 अक्टूबर 2027 से इमोबिलाइजर लगाना जरूरी होगा। यह एक ऐसा उपकरण है, जिससे सही चाबी के बिना कार स्टार्ट नहीं होता है।  इससे कारों के चोरी होने का खतरा कम होता है। इसके अलावा, नए नियमों में इलेक्ट्रॉनिक डेटा रिकॉर्डर (EDR) को भी शामिल किया गया है। यह उपकरण सड़क हादसे से जुड़ी जरूरी जानकारी रिकॉर्ड करता है। 

 

इससे हादसे की वजह पता लगाने में मदद मिलती है। इन बदलावों का मकसद कारों को ज्यादा सुरक्षित बनाना और दुर्घटनाओं में लोगों को चोट लगने का खतरा कम करना है। EDR असल में गाड़ी के उस कंट्रोल सिस्टम का हिस्सा होता है जो तय करता है कि एयरबैग कब खुलें, जब गाड़ी को टक्कर जैसा तेज झटका लगता है या एयरबैग खुलते हैं तो यह सिस्टम हादसे से पहले और बाद के कुछ पलों का डेटा मेमोरी में सेव करता है।  

 

नए नियमों में कार की आगे, पीछे और बगल से टक्कर होने पर यात्रियों की सुरक्षा पर ध्यान दिया गया है। इसके अलावा, ईंधन सिस्टम, इलेक्ट्रिक कारों और स्टीयरिंग को सुरक्षित बनाने के लिए भी नियम बदले गए हैं।  

 

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पैदल चलने वालों की सेफ्टी का भी ध्यान 

नए नियमों में पैदल चलने वालों की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया गया है। नए वाहन मॉडलों पर इससे जुड़े नियम 1 अक्टूबर 2028 से लागू होंगे। नए नियम के तहत पैदल यात्रियों की फ्लेक्सिबल पेडेस्ट्रियन लेग इम्पैक्टर (FlexPLI) टेस्टिंग डिवाइस का इस्तेमाल 1 अक्टूबर 2032 से अनिवार्य होगा। कुल मिलाकर सरकार का जोर इसपर है कि सिर्फ एक्सीडेंट के बाद जांच पर नहीं, बल्कि टक्कर के वक्त गाड़ी में बैठे लोग और सड़क पर चल रहे लोग दोनों ज्यादा सुरक्षित रहें। 

कब तक लागू होंगे नए नियम?

नए सुरक्षा मानक एक साथ नहीं बल्कि अलग-अलग साल में लागू होंगे। कुछ के लिए अक्टूबर 2027 की तारीख तय है जबकि कुछ 2028 और 2029 से लागू होंगे। इसके अलावा कुछ प्रावधानों के लिए समय सीमा 2031 और 2032 तक रखी गई है। इससे कार कंपनियों को अपनी गाड़ियों में बदलाव करने का पूरा समय मिलेगा। 


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