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राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बने जितेंद्र मिश्रा, दूसरे ट्रस्टी कौन हैं?

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ के नाम की घोषणा हो गई है। ट्रस्ट की बैठक में ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका निभाने वाले एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगी है।

Ayodhya Ram Temple PTI

अयोध्या का राम जन्मभूमि मंदिर। Photo Credit: PTI

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उत्तर प्रदेश के अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट को पहला सीईओ मिल गया है। ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका निभाने वाले एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम की घोषणा की गई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में इस संबंध में चर्चा की गई है, जिसके बाद सीईओ के नाम की घोषणा की गई। 

 

राम मंदिर में CEO की नियुक्ति के पीछे मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने, अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने और भविष्य की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने का उद्देश्य माना जा रहा है। चंदा चोरी विवाद के बाद ही ट्र्स्ट ने सीईओ की नियुक्ति की घोषणा की थी और इसके लिए सिलेक्शन प्रोसेस शुरू किया था। राम मंदिर के सीईओ पद के लिए 5585 आवेदन आए थे और उन्हीं में से अब जितेंद्र मिश्रा के नाम की घोषणा हो गई है। उनके अलावा दो अन्य पदों पर भी नई नियुक्ति हो सकती हैं। 

 

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तीन नए सदस्य भी होंगे शामिल

राम मंदिर ट्रस्ट की मीटिंग में सीईओ पद के साथ-साथ तीन नए ट्रस्टी शामिल करने पर भी चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्टी के लिए मदन पांडे, महेश भागचंदका और निर्मला यादव के नाम पर सहमति बनी है। ये पद महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद खाली हुए हैं। दोनों ने राम मंदिर में दान की कथित चोरी को लेकर हाल में लगे आरोपों के बाद इस्तीफा दिया था। इसके अलावा तीसरी सीट अयोध्या के पूर्व राजघराने से ताल्लुक रखने वाले विमलेंद्र प्रताप मिश्रा के पिछले साल निधन के बाद खाली हुई थी।

कौन हैं नए सीईओ?

राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ के नाम की घोषणा हो गई है।  एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा का नाम इसके लिए फाइनल किया गया है  एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना के बेहद अनुभवी अधिकारियों में रहे हैं। उन्होंने 6 दिसंबर 1986 को फाइटर पायलट के रूप में वायुसेना जॉइन की और करीब चार दशक तक सेवा दी। वह इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के डिप्टी चीफ भी रहे और जनवरी 2025 में भारतीय वायुसेना के वेस्टर्न एयर कमांड की कमान संभाली थी। उनके सैन्य करियर में उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक और विशिष्ट सेवा पदक से भी सम्मानित किया गया है।

 

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ऑपरेशन सिंदूर में निभाई अहम भूमिका

अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में जाकर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। इस ऑपरेशन में यर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने भी अहम भूमिका निभाई थी। वह ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वेस्टर्न कमांड के चीफ थे। इस दौरान 13 मई को पीएम मोदी आदमपुर एयरबेस पहुंचे थे। वेस्टर्न कमांड के चीफ के नाते एयर मार्शल मिश्रा ने PM को रिसीव किया और इस दौरान की एक तस्वीर भी अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। अब उन्हें राम मंदिर ट्र्स्ट के नए सीईओ की जिम्मेदारी मिली है। 

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