दिल्ली सरकार ने लता गुप्ता को दिल्ली महिला आयोग की नई अध्यक्ष नियुक्त किया है। जनवरी 2024 में स्वाति मालीवाल के इस्तीफे के बाद से यह पद खाली था। करीब ढाई साल बाद आज भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की वरिष्ठ नेता और पूर्व निगम पार्षद लता गुप्ता को आयोग की कमान सौंप दी गई है। इसके साथ ही दिल्ली महिला आयोग में पांच नए सदस्यों की भी नियुक्ति की गई है। इनमें मालती वर्मा, श्याम बाला, लता सोढ़ी, सनरक्षिका शर्मा झा और रेनू भल्ला का नाम शामिल है।
लता गुप्ता बीजेपी की वरिष्ठ महिला नेता और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वह दिल्ली नगर निगम की पहली महिला स्थायी समिति (स्टैंडिंग कमेटी) की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। वर्तमान में वह दिल्ली प्रदेश उपाध्यक्ष हैं, अब उन्हें दिल्ली महिला आयोग की जिम्मेदारी दी गई है।
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कौन हैं DCW की नई अध्यक्ष लता गुप्ता?
लता गुप्ता का जन्म मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में हुआ था, वह मुरैना जिले की एक प्रतिष्ठित अधिवक्ता और राष्ट्रवादी संघ परिवार से आती हैं। लता गुप्ता दिल्ली यमुनापार (दिल्ली) की एक प्रमुख और सक्रिय महिला नेता हैं। उन्होंने लंबे समय तक बीजेपी में कई पदों पर काम किया है। वह वर्तमान में दिल्ली प्रदेश बीजेपी की उपाध्यक्ष हैं। वह शाहदरा जिला बीजेपी की जिलाध्यक्ष और दिल्ली बीजेपी महिला मोर्चा की महामंत्री भी रह चुकी हैं।
मुख्य जिम्मेदारियां
- दिल्ली प्रदेश बीजेपी उपाध्यक्ष
- पूर्व जिलाध्यक्ष, बीजेपी (शाहदरा)
- पूर्व महामंत्री, दिल्ली बीजेपी महिला मोर्चा
- पूर्व निगम पार्षद, शकरपुर वार्ड
- पूर्व निगम पार्षद, पांडव नगर वार्ड
- दिल्ली नगर निगम की पहली महिला स्थायी समिति (Standing Committee) की अध्यक्ष
पहली महिला स्टैंडिंग कमेटी अध्यक्ष बनने का रिकॉर्ड
लता गुप्ता के राजनीतिक सफर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में दिल्ली नगर निगम की पहली महिला स्टैंडिंग कमेटी अध्यक्ष बनना भी शामिल है। इसे दिल्ली नगर निगम के इतिहास में महिला नेतृत्व के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जाता है। माना जा रहा है कि उनकी यही उपलब्धियां और अनुभव आज उन्हें दिल्ली महिला आयोग जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी तक लेकर आया है।
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आयोग की जिम्मेदारी मिलने पर क्या बोलीं लता गुप्ता?
लता गुप्ता ने कहा कि वह इस जिम्मेदारी के लिए अपने शीर्ष नेतृत्व की आभारी हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दो साल से आयोग पूरी क्षमता के साथ काम नहीं कर पा रहा था, जिससे कई शिकायतें लंबित रह गईं। उनकी पहली प्राथमिकता यही होगी कि वह इन सभी शिकायतों का तय समय सीमा के भीतर निपटारा कराएं।
उन्होंने यह भी कहा है कि आयोग ऐसा काम करेगा, जिससे दिल्ली की हर महिला का उस पर भरोसा बढ़े। किसी भी महिला को परेशानी होने पर वह 181 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कर सके और जल्द से जल्द न्याय मिले, यही आयोग का मुख्य लक्ष्य होगा।