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आखिर किसकी पार्टी है NCPI? शेवली कुंडू और शांतनु डे की बातों से उलझा मामला

NCPI को लेकर जारी चर्चा के बीच यही स्पष्ट नहीं है कि आखिर इस पार्टी का असली मुखिया कौन है। जिन शेवली कुंडू को अध्यक्ष बताया जा रहा है उनका कहना है कि वह इस्तीफा दे चुकी हैं। 

shewli kundu and shantanu dey

शेवली कुंडू और शांतनु डे, Photo Credit: ANI

अचानक से चर्चा में आई नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के बारे में ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है। अब तो यह भी तय नहीं है कि इस पार्टी का असली कर्ता-धर्ता कौन है। सोशल मीडिया पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, पार्टी की अध्यक्ष शेवली कुंडू हैं। अब शेवली कुंडू ने कहा है कि वह पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे चुकी हैं। मीडिया पर इस पार्टी की ओर से शांतनु डे बयान दे रहे हैं और उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय संगठन महासचिव कहा जा रहा है। शांतनु ने पहले तो तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसदों का विरोध किया और अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) का स्वागत कर रहे हैं। वहीं, शांतनु डे के बारे में शेवली कुंडू का कहना है कि वह ना तो पार्टी के संस्थापक हैं और ना ही 2023 के बाद से वह पार्टी में हैं।

 

अब तक इन्हीं दो नेताओं का नाम पार्टी के नेता के तौर पर सामने आया है और दोनों के बयानों ने कन्फ्यूजन बढ़ा दिया है। इस कन्फ्यूजन की वजह है कि काकोली घोष दस्तीदार ने जब एलान किया कि 20 सांसद NCPI में विलय कर रहे हैं, तब तक किसी ने इस पार्टी का शायद ही नाम सुना होगा। ना तो इस पार्टी के पास एक भी विधायक है और ना ही सांसद। ऐसे में पार्टी के अस्तित्व को लेकर भी अब सवाल खड़े होने लगे हैं। इसी बीच इन दो नेताओं की बयानबाजी ने कन्फ्यूजन और बढ़ा दिया है।

 

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शेवली कुंडू ने क्या-क्या बताया?

पेशे से हाई कोर्ट की वकील शेवली कुंडू ने बयान जारी करते हुए कहा है, 'मैं इस पार्टी की संस्थापक अध्यक्ष थी लेकिन कुछ दिन पहले ही मैंने इस्तीफा दे दिया है। मेरा इस्तीफा हो चुका है तो जो नए अध्यक्ष होंगे वही इसके बारे में बता पाएंगे। मैंने इस्तीफा दिया है तो कोई अध्यक्ष बना ही होगा लेकिन मुझे नहीं पता है कौन हैं। आप थोड़ा इंतजार करिए आपको इसके बारे में सब पता चल जाएगा।'

 

एनडीए को समर्थन करने के सवाल पर शेवली कुंडू ने कहा, 'त्रिपुरा में हमने इंडिविजुअल कैंडिडेट दिए थे लेकिन हम एनडीए के ही साथ हैं। मेरा पर्सनल काम है। मैं हाई कोर्ट में प्रैक्टिस करती हूं इसलिए मैंने इस्तीफा दे दिया।' शांतनू डे के बारे में शेवली कुंडू ने कहा है, 'शांतनू डे पार्टी के महासचिव नहीं हैं। वह संस्थापकों में भी नहीं है। त्रिपुरा चुनाव के समय हम लोगों ने बस उन्हें दायित्व दिया है। सिर्फ त्रिपुरा चुनाव के लिए ही उनकी जिम्मेदारी थी। 2023 के बाद तो उन्होंने सदस्यता भी नहीं ली और उनके पास कोई पद नहीं है।'

 

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शेवली को ही अध्यक्ष बता रहे शांतनु डे

वहीं, खुद को पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव शांतनु डे ने कहा है, 'मुझे सोशल मीडिया और खबरों से जानकारी मिली। मेरा छोटा सा दल है और अगर वह बड़ा होगा तो क्यों खुशी नहीं होगी। हम स्वागत करते हैं और बैठकर बात करेंगे। उनके साथ जुड़ने का फैसला तो बता रहे हैं कि पार्टी अध्यक्ष ने लिया। पार्टी की अध्यक्ष शेवली कुंडू हैं। उन्होंने खुद फैसला लिया लेकिन मुझे फोन नहीं किया। मुझे लगता है कि वह मुझे फोन करेंगी। आज सुबह ही मीटिंग हुई थी। हम चाहते हैं कि बैठकर बात करेंगे और पार्टी को आगे लेकर जाएंगे।'

 

बीजेपी की तारीफ करते हुए शांतनु डे ने कहा है कि नरेंद्र मोदी के आने के बाद से ही देश में बहुत काम हो रहा है। उन्होंने बताया है कि पार्टी का ऑफिस त्रिपुरा के चंद्रपुर में था और दूसरा ऑफिस कोलकाता में है। उन्होंने यह भी कहा है कि काकोली घोष अगर बुलाएंगी तो वह मिलकर बात करेंगे। शांतनु ने बताया है कि NCPI का रजिस्ट्रेशन साल 2023 में पश्चिम बंगाल में ही हुआ लेकिन पार्टी ने 2022 में ही त्रिपुरा से काम शुरू कर दिया है।

 

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NCPI ने की मीटिंग?

शांतनु डे ने इस बारे में आगे कहा है, 'कल तक मेरी सोच कुछ और थी। फिर हमने आज सुबह एक मीटिंग की और हम अब इसका स्वागत करते हैं। हम सबने तय किया की मौजूदा स्थिति के हिसाब से हम बैठकर बात करेंगे। हमारे पार्टी को अभी तक तो मैं ही चलाता आ रहा हूं लेकिन मैं भी दल से पूछकर ही काम करता हूं। शिवली कुंडू को हमने दो-तीन बार फोन किया लेकिन उनके पति का फोन बंद आ रहा है।'

शिवली कुंडू के इस्तीफा देने की बात पर शांतनु डे ने कहा है, 'हमारे पास तो ऐसी कोई खबर नहीं है। हमसे कोई ऐसी बातचीत नहीं हुई है। पार्टी का जो संविधान है उसके मुताबिक, जिसको जो जिम्मेदारी मिली है वह 4 साल रहती है। हम तो यह बात आप से सुन रहे हैं।'

 


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