दलित और शुद्धीकरण विवाद को लेकर प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी
से इंसाफ मांग रहे लोकसभा में नेता विपक्ष
राहुल गांधी
कानूनी पचड़े में फंस गए हैं। उत्तराखंड के नैनीताल जिले के हल्द्वानी कोतवाली पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ रविवार को एक प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुए कथित 'शुद्धिकरण' अनुष्ठान पर बयान देने की वजह से यह FIR कराई गई है। पुलिस ने कहा है कि शिकायत के आधार पर एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।
8 अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में 'विजय शंखनाद' रैली को संबोधित किया था। कुछ दिन बाद, 11 अगस्त को श्री राम सेना से जुड़े लोगों ने मैदान की सफाई की और हवन किया। संगठन का दावा है कि रैली के बाद मैदान में कूड़ा-कचरा, शराब की बोतलें और गंदगी मिली थी। धार्मिक स्थल की शुचिता बनाए रखने के लिए यह अनुष्ठान किया गया। कांग्रेस ने इसे दलित विरोधी मानसिकता का उदाहरण बताते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे की जाति से जोड़ दिया था।
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राहुल गांधी ने क्या कहा था?
राहुल गांधी ने 29 अगस्त की प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस घटना को 'छुआछूत' का दूसरा नाम करार दिया था। उन्होंने कहा था कि यह संविधान के तहत अपराध है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एससी-एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराने का आदेश देना चाहिए।
राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ की मानसिकता पर हमला करते हुए इसे दलितों की प्रगति न चाहने वाले रवैये से जोड़ा था। बीजपी ने इन आरोपों को खारिज किया और कहा कि संगठन का पार्टी से कोई संबंध नहीं है। अनुष्ठान सफाई और धार्मिक मर्यादा के लिए किया गया था।
कौन हैं शिकायकर्ता?
अमित कुमार ने हल्द्वानी पुलिस स्टेशन में एक तहरीर दी थी। उनकी उम्र 26 साल है। वह हल्द्वानी के जवाहर नगर कॉलोनी के रहने वाले हैं। उन्होंने खुद को अनुसूचित जाति के वाल्मीकि समुदाय का सदस्य बताया है। वह स्थानीय संगठन श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास से भी जुड़े हैं।
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राहुल गांधी पर क्या आरोप लगे हैं?
अमित कुमार का आरोप है कि 29 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने बिना तथ्यों की जांच किए सफाई अभियान और हवन को 'छुआछूत' और अनुसूचित जाति समुदाय के खिलाफ अत्याचार बता दिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस टिप्पणी से समुदाय की भावनाएं आहत हुईं।
हल्द्वानी पुलिस ने क्या कहा है?
हल्द्वानी शहर के पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार कत्याल ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने कहा है कि अमित कुमार की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और गहन जांच चल रही है। मामले में एससी-एसटी एक्ट की धाराओं के साथ भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 (वैमनस्य फैलाना) और 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना) के तहत कार्रवाई की गई है।