शुद्धीकरण विवाद ने कैसे कांग्रेस को सियासी मौका दे दिया? नए हंगामे की पूरी कहानी
उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर सियासत फिर गरमा गई है। राहुल गांधी ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे के साथ ऐसा हुआ, क्योंकि वह दलित हैं।

हल्द्वानी शुद्धीकरण विवाद, Photo Credit-Chat GPT
उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ को लेकर सियासत फिर गरमा गई है। शनिवार 29 अगस्त 2026 को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शुद्धिकरण को छुआछूत का दूसरा रूप और कानूनी अपराध बताया। मल्लिकार्जुन खड़गे ने खुद इस घटना पर कड़ी नाराजगी जताई थी। उन्होंने संसद में कहा कि मेरे स्पीच होने के बाद उन लोगों ने हवन करके उस स्टेज का शुद्धीकरण किया।
शनिवार को राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद रामलीला मैदान का शुद्धीकरण किया गया, 'क्योंकि खड़गे दलित हैं।' उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने उत्तराखंड में शुद्धीकरण किया है, उन लोगों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट में कार्रवाई की जाए।
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क्या है विवाद?
उत्तराखंड के हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद, वहां कुछ लोगों ने हवन कर मंच का 'शुद्धिकरण' किया। इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं। राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि यह खड़गे के दलित होने की वजह से किया गया। ऐसे लोगों के खिलाफ छुआछूत और SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज होना चाहिए, यह अपराध है।
दूसरी ओर शुद्धिकरण विवाद को लेकर श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास के अध्यक्ष और शुद्धीकरण कार्यक्रम के मुख्य आयोजक गिरीश चंद्र पांडे ने कहा कि शुद्धिकरण की रस्म जगह की पवित्रता बहाल करने के लिए की गई थी, हमने मंच पर पीछे छोड़ी गई गंदगी को साफ किया।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने खुद संसद में इस घटना पर कड़ी नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि:-
बड़े दुख के साथ कहना पड़ता है, मैं हल्द्वानी में रामलीला मैदान में भाषण किया। लाखों लोग वहां पर मौजूद थे। इस दौरान, मैंने किसी समाज और धर्म का नाम नहीं लिया। मैं वहां पर लोगों की समस्याओं को बताया। लेकिन मेरी स्पीच होने के बाद वहां पर बीजेपी के लोग मिलकर हवन करके, उस स्टेज का शुद्धीकरण करने का काम किया। क्या यही लोकतंत्र है। मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष
इसपर JP नड्डा ने दी थी सफाई, उन्होंने कहा:-
खरगे जी ने जो कहा है, यह सच में बहुत दुखदायी विषय है। यह सिर्फ कांग्रेस के लिए नहीं, बल्कि यह हम सबके लिए दुखदायी है। खरगे जी ने कहा कि बीजेपी के लोग थे लेकिन मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि इसमें बीजेपी के लोग शामिल नहीं थे। जगत प्रकाश नड्डा, स्वास्थ्य मंत्री (भारतीय जनता पार्टी)
उन्होंने आगे कहा कि हम इसकी तहकीकात करेंगे। मैं इसकी भत्सर्ना करता हूं और राष्ट्रीय अध्यक्ष जी गहराई से देखेंगे। आपकी भावनाओं को जो ठेस पहुंची है, वो सच में खेद का विषय है।' इसपर राज्यसभा सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने भी दुख जताते हुए कहा कि सरकार से मैं यह भी कहूंगा कि इस घटना को अंजाम देने वालों को पकड़ें और उन्हें सजा दिलाएं।
कब-क्या हुआ?
- 8 अगस्त 2026: उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली में शामिल हुए।
- 10 अगस्त 2026: आरोप लगा कि BJP-RSS से जुड़े लोगों द्वारा मंच का शुद्धिकरण किया गया।
- 13 अगस्त 2026: मानसून सत्र में खड़गे ने खुद राज्यसभा में मुद्दा उठाया, इसे छुआछूत और अपमान बताया।
- 29 अगस्त 2026: राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस से मामला दोबारा गरमाया। कोई FIR दर्ज नहीं हुई।
20 अगस्त को इस मामले में CM धामी की सफाई, आयोजक गिरीश चंद्र पांडे का बयान, देहरादून में महेंद्र भट्ट के आवास का घेराव, पंजाब कांग्रेस की अमृतसर में FIR कराने की कोशिश। राहुल गांधी ने कहा कि इस मामले में शुद्धिकरण करने वाले लोगों के खिलाफ FIR दर्ज नहीं हुई।

कौन-कौन हैं इस विवाद का चेहरा?
हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद के तीन मुख्य चेहरे हैं, मल्लिकार्जुन खरगे, जिनकी रैली के बाद मंच का शुद्धिकरण हुआ और जिन्होंने खुद संसद में इसे उठाया। जेपी नड्डा ने संसद में BJP का पक्ष रखते हुए दुख जताया और जांच का भरोसा दिया। राहुल गांधी ने 20 दिन बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर मामले को दोबारा राष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया। उन्होंने PM मोदी से SC/ST एक्ट में FIR की मांग की।
राहुल गांधी के सवाल उठाने पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी सामने आए, इसके अलावा खजान दास, अमित मालवीय, अर्जुन राम मेघवाल, महेंद्र भट्ट और शुद्धिकरण के आयोजक गिरीश चंद्र पांडे ने भी बयान दिया है।
कहां-कहां पहुंचा विवाद
यह विवाद उत्तराखंड के हल्द्वानी से उठा, खासतौर पर वहां के रामलीला मैदान से, जहां मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद शुद्धिकरण हवन किया गया। इसके बाद देहरादून में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने BJP प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के आवास का घेराव किया। अमृतसर, पंजाब में कांग्रेस के नेता FIR दर्ज कराने पुलिस के पास पहुंचे। इससे पहले नई दिल्ली में संसद (राज्यसभा) में यह मुद्दा उठाया गया।
फिर क्यों चर्चा में आया यह विवाद?
राहुल गांधी के प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद अब यह मुद्दा दोबारा गरमा गया है। राहुल गांधी ने PM मोदी से SC/ST एक्ट में सीधी कार्रवाई की मांग की। उत्तराखंड के BJP अध्यक्ष महेंद्र भट्ट इसे खुलकर सही ठहरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुई रैली के दौरान आपत्तिजनक नारे और टिप्पणियां की गईं, जिससे वह जगह और मंच अशुद्ध हो गया था।
उन्होंने कहा कि मैदान का शुद्धिकरण किसी व्यक्ति या अनुसूचित जाति के खिलाफ नहीं था, बल्कि वहां लगाए गए नारों के कारण धार्मिक और सांस्कृतिक पवित्रता बनाए रखने के लिए किया गया था। उनके इस बयान के बाद देहरादून में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के सरकारी आवास का घेराव किया। दूसरी ओर पंजाब में FIR दर्ज कराने की कोशिश भी की गई।
अब आगे क्या?
कांग्रेस ने खरगे की हल्द्वानी रैली को 2027 उत्तराखंड चुनाव से जोड़ा है। यह विवाद अब पार्टी के लिए चुनावी मुद्दा बन सकता है। वहीं शुद्धिकरण कराने वाले संगठन श्री राम सेना ने कांग्रेस पर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया है। कांग्रेस इस मामले में FIR की मांग कर रही है।
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