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1 अक्टूबर से 1.5 करोड़ लोगों का राशन बंद क्यों होने जा रहा है?

अगले महीने से लगभग 1.5 करोड़ों लोगों को राशन मिलना बंद हो सकता है। इसका कारण बताया गया है कि इन लोगों ने कई महीनों से राशन लिया ही नहीं है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit: ChatGPT

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देश में 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को हर महीने राशन बांटा जाता है। पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) के जरिए सरकार हर महीने देश के कुल 36 राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों के 764 जिलों में राशन पहुंचाती है। अब अगले महीने से लगभग 1.5 करोड़ लोगों का राशन बंद होने वाला है। इसके पीछे का कारण यह बताया गया है कि इतने लोगों ने 6 महीने से राशन ही नहीं लिया है। इन लोगों को 3 महीने का समय दिया जाएगा और अगर ये साबित कर देते हैं तो उनके राशन कार्ड खत्म नहीं किए जाएंगे।

 

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 1 अक्तूबर से कुल 1.58 करोड़ लोगों के लिए राशन का सिस्टम बंद कर दिया जाएगा। इसके पीछे का मकसद है कि पब्लिक डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम डेटाबेस को साफ सुथरा रखा जा सके और फर्जी लाभार्थियों को हटाया जा सके। कोशिश यह भी है कि इन लोगों के नाम पर कोई और राशनकार्ड ना ले पाए। 

 

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बताया गया है कि यह सुविधा एक झटके में बंद नहीं की जाएगी। सबसे पहले इन लोगों के राशन कार्ड को अस्थायी रूप से डिसेबल किया जाएगा। फिर तीन महीने का समय भी होगा। अगर वे साबित करते हैं कि वे असली लाभार्थी हैं और वे केवाईसी भी पूरे कर लेते हैं तो उनके राशन कार्ड फिर से ऐक्टिवेट कर दिए जाएंगे। अगर वे इसके बावजूद साबित नहीं कर पाते हैं तो उनके राशन कार्ड स्थायी तौर पर खत्म कर दिए जाएंगे। 

समस्या बने हैं फर्जी राशन कार्ड?

जुलाई 2026 में संसद में केंद्र सरकार ने बताया था कि कुल 20.57 राशन कार्ड सक्रिय थे। 2024 में कुल 48.85 लाख और 2025 में 41.41 लाख राशन कार्ड हटाए भी गए। बता दें कि इन राशन कार्ड के जरिए कुल 80.38 करोड़ लोगों तक राशन पहुंचाया जाता है। सरकारी वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, इनमें से 16.99 करोड़ महिलाएं अपने परिवारों की मुखिया हैं। 

 

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बता दें कि पिछले 6 महीने में पश्चिम बंगाल में 11.12 लाख राशन कार्ड रद्द किए जा चुके हैं। आरोप लगे हैं कि जो लोग मर चुके हैं उनके राशन कार्ड भी खत्म नहीं हुए हैं और उनके नाम पर राशन लिया जा रहा है। आमतौर पर यह होता है कि एक जगह से दूसरी जगह चले जाने, परिवारों में बंटवारा होने या मुखिया के मर जाने पर राशन कार्ड में बदलाव होते हैं। कई बार पुराने राशन कार्ड खत्म कर दिए जाते हैं और नए राशन कार्ड जारी किए जाते हैं।

 

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