भारत में हर 37 सेकंड में एक व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार होता है। इस चौंकाने वाले तथ्य का खुलासा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया था। जनता, सरकार, अदालतें और दर्जनों कंपनियां धोखाधड़ी से परेशान हैं। पिछले साल ही 24 लाख से अधिक साइबर फ्रॉड की शिकायतें मिलीं। साल दर साल यह आंकड़ा और भी बढ़ता जा रहा है।
कुछ दिग्गज कंपनियों के डोमेन नाम से मिलती-जुलती वेबसाइट से भी धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया। नतीजा यह हुआ कि इन कंपनियों ने अदालत का रुख किया और मिलते-जुलते डोमेन पर रोक लगाने की मांग की। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल अदालत ने 1100 से अधिक वेबसाइट को ब्लॉक कर दिया।
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किस आदेश ने बढ़ाई टेंशन
अदालत ने धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए 14 उपायों का उल्लेख किया। इनमें से एक उपाय यह है कि डोमेन बेचने वाली कंपनियों को किसी भी वैध हित धारक को 72 घंटे के भीतर डोमेन पंजीकरण विवरण देना होगा। रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि अदालत के यह उपाय सरकार के सुझाव से बाद जारी किए गए। इसमें बड़े ब्रांड नाम से मिलती-जुलती वेबसाइट को ब्लॉक करने पर भी जोर दिया गया। मगर इससे दुनियाभर में डोमेन बेचने वाली कंपनियों में टेंशन बढ़ गई।
भारत छोड़ने पर मजबूर हो सकते
अदालत के फैसले को GoDaddy, Namecheap और Hosting Concepts ने चुनौती दी। अपनी 5,121 पन्नों की अपील में GoDaddy ने कहा कि यह फैसला उन वैध व्यवसायों को प्रभावित करेगा, जिनके नाम बड़े ब्रांडों से मिलते-जुलते हैं। कंपनी ने यह भी कहा कि यह निर्देश डोमेन विक्रेता कंपनियों को भारत छोड़ने पर भी मजबूर कर सकती है। GoDaddy ने अपनी दलील में तर्क दिया कि उसके पास ऐसा कोई संसाधन नहीं, जिससे यह पता लगाया जा सके कि किसका हित वैध है या नहीं।
'धोखाधड़ी, उत्पीड़न और सुरक्षा जोखिम का खतरा'
कंपनी ने चिंता जताई कि अगर डिफॉल्ट तौर पर गोपनीयता सुविधा को बंद कर दिया गया तो वेबसाइट मालिकों के नाम, पते, टेलीफोन और ईमेल सार्वजनिक हो जाएंगे। इससे सुरक्षा जोखिम, उत्पीड़न और धोखाधड़ी बढ़ने का जोखिम है। कंपनी ने यह भी कहा कि डोमेन नेम वैश्विक स्तर पर काम करते हैं। इस फैसले से न केवल भारत बल्कि दुनियाभर में उसे वेब एड्रेस को रेगुलेट करने पर मजबूर होना पड़ेगा।
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बता दें कि अमेजन से मिलती जुलती एक फर्जी शॉपिंग साइट खोली गई थी। वहीं मैकडॉनल्ड्स के नाम पर एक फर्जी वेबसाइट से फ्रेंचाइजी के नाम पर धोखाधड़ी की गई। बाद में अमेजन, मैकडॉनल्ड्स, माइक्रोसॉफ्ट, श्याओमी और कोलगेट-पामोलिव जैसी 20 से अधिक कंपनियों ने फर्जी वेबसाइट के खिलाफ अदालत में याचिका दाखिल की और मामले में दखल की मांग की।
GoDaddy दुनिया की सबसे बड़ी डोमेन विक्रेता कंपनी है। दुनियाभर में इसके 2 करोड़ से अधिक यूजर्स हैं। भारत इसका सबसे बड़ा बाजार है। 5 अरब डॉलर रेवन्यू के साथ यह कंपनी 8 करोड़ डोमन को मैनेज करती है।