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NSUI से बगावत कर DUSU चुनाव लड़े 2 चेहरे, दोनों ने कैसे बिगाड़ा कांग्रेस का खेल?

DUSU चुनाव 2026 में ABVP ने तीन पदों पर जीत दर्ज की, जबकि एक पद निर्दलीय के खाते में गया। NSUI को फिर हार मिली और उसके दो बागी उम्मीदवारों का असर नतीजों में दिखा।

What Deepanshu Shokeen and Vishesh Yadav factor in DUSU election 2026

DUSU उपाध्यक्ष दीपांशु शौकीन और SCS उम्मीदवार विशेष यादव, Photo Credit: Chatgpt

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दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2026 के नतीजों में एक बार फिर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का दबदबा देखने को मिला। ABVP के उम्मीदवारों ने तीन पदों पर जीत दर्ज की, जबकि एक पद पर निर्दलीय उम्मीदवार ने बाजी मारी। निर्दलीय उम्मीदवार की जीत की काफी चर्चा रही। वहीं, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (NSUI) को एक बार फिर हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में NSUI के दो बागी उम्मीदवारों ने पार्टी का समीकरण बिगाड़ दिया, जिसका असर नतीजों में साफ दिखाई दिया।

 

DUSU के चार केंद्रीय पदों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव शामिल हैं। 2026 में ABVP ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के पद पर जीत हासिल की, जबकि उपाध्यक्ष का पद निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गया। अध्यक्ष पद पर यश डबास ने 2,053 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। उन्हें कुल 24,576 वोट मिले। वहीं, सचिव पद पर रिया चावड़ी को 21,650 वोट मिले। संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह ने 16,615 वोट हासिल किए।

 

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NSUI से बगावत कर DUSU चुनाव लड़ने वाले ये दो चेहरे कौन हैं?

DUSU चुनाव 2026 में NSUI से अलग होकर चुनाव लड़ने वाले दो चेहरों का प्रदर्शन काफी चर्चा में रहा। इनमें पहला नाम दीपांशु शौकीन का है। उन्होंने उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। वहीं दूसरा नाम विशेष यादव का है, जिन्होंने समाजवादी छात्र सभा (SCS) के उम्मीदवार के तौर पर संयुक्त सचिव पद पर चुनाव लड़ा था। उपाध्यक्ष पद पर दीपांशु को 30,615 वोट मिले और उन्होंने जीत दर्ज की। वहीं विशेष यादव को 15,778 वोट मिले और वह दूसरे स्थान पर रहे।

दोनों ने कैसे बिगाड़ा NSUI का खेल?

इन दोनों के प्रदर्शन को NSUI के नतीजों के साथ देखें तो पूरी तस्वीर और साफ हो जाती है। उपाध्यक्ष पद पर NSUI के वीर चतरथ को 4,313 वोट मिले, जबकि दीपांशु शौकीन उनसे 26,302 वोट आगे रहे। आपको बता दें कि दीपांशु ने NSUI से उपाध्यक्ष पद का टिकट मांगा था लेकिन टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा। खास बात यह रही कि पूरे चुनाव में चारों पदों पर सबसे ज्यादा वोट भी दीपांशु को ही मिले।

 

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वहीं, संयुक्त सचिव पद पर विशेष यादव को 15,778 वोट मिले, जबकि NSUI के गोपाल चौधरी को 15,206 वोट मिले। इस पद पर लक्ष्य राज सिंह ने 16,615 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। यानी लक्ष्य राज सिंह, विशेष यादव से सिर्फ 837 वोट आगे रहे। चर्चा है कि विशेष यादव ने भी NSUI से संयुक्त सचिव पद के लिए टिकट मांगा था। जब उन्हें टिकट नहीं मिला तो उन्होंने समाजवादी छात्र सभा (SCS) के टिकट पर चुनाव लड़ने का फैसला किया।

 

अगर विशेष यादव SCS के टिकट पर चुनाव नहीं लड़ते तो संयुक्त सचिव पद NSUI के खाते में जा सकता था। इसी तरह, अगर दीपांशु शौकीन निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव नहीं लड़ते तो उपाध्यक्ष पद भी NSUI के खाते में जा सकता था। ऐसे में DUSU चुनाव 2026 का नतीजा अलग हो सकता था और ABVP और NSUI के बीच मुकाबला 2-2 की बराबरी पर रहता।


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