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'कोर्ट अधिकारियों से बदतमीजी बर्दाश्त नहीं', वकील के बेटे की बदसलूकी पर भड़के जज

दिल्ली के सुप्रीम कोर्ट के जज संजय कुमार ने गुरुवार को वकीलों को उनके कोर्ट के अधिकारियों या स्टाफ से संपर्क करने से रोक दिया है। यह मामला महिला अधिकारी के साथ बदसलूकी से जुड़ा है।

Supreme Court, सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट, Photo Credit-PTI

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दिल्ली के सुप्रीम कोर्ट के जज संजय कुमार ने गुरुवार को वकीलों को उनके कोर्ट के अधिकारियों या स्टाफ से संपर्क करने से रोक दिया। यह मामला महिला अधिकारी के साथ बदसलूकी से जुड़ा है। एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड (AOR) के बेटे ने फोन पर एक महिला कर्मचारी के साथ कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। इस मामले में फटकार लगाते हुए जज संजय कुमार ने वकीलों (AOR) को अपनी अदालत के अधिकारियों या कर्मचारियों से संपर्क करने से रोक दिया।  

 

एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड (AOR) ऐसे खास योग्यता वाले वकील होते हैं, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट में अपने मुवक्किल की ओर से केस लड़ने और उनका पक्ष रखने का अधिकार होता है। सुप्रीम कोर्ट में केवल AOR ही केस से जुड़े नोटिस, याचिकाएं और जरूरी दस्तावेज जमा कर सकते हैं।

 

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एडवोकेट को बुलाकर लगाई फटकार

न्यायमूर्ति कुमार ने एक 'एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड' को बुलाया और उनसे पूछा कि क्या उन्होंने अपने बेटे को यह नहीं सिखाया कि किसी महिला से कैसे बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा फोन पर उनसे किसने बात की? क्या आपने बात की? आपके बेटे ने उनसे बात की, और जाहिर है कि आपने उसे यह नहीं सिखाया कि किसी महिला से कैसे बात की जाती है। शायद अब समय आ गया है कि आप खुद पहले यह सीख लें।' 


संजय कुमार ने आगे कहा कि आपकी इस हरकत के नतीजे के तौर पर, आगे से जब भी कोई मामला खत्म होगा, तो उसकी औपचारिकताएं (फिजिकल अपीयरेंस) तुरंत पूरी कर ली जाएंगी। इस बारे में कोई भी व्यक्ति मेरी अदालत के अधिकारियों से बात नहीं करेगा, चाहे वह आमने-सामने हो या फोन पर। कोई भी उनसे संपर्क नहीं करेगा और न ही उनसे कोई बात करेगा। 

मेरे कोर्ट ऑफिसर्स के साथ बदतमीजी बर्दाश्त नहीं  

न्यायमूर्ति संजय कुमार ने कहा कि जिस तरह की अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल वकील के बेटे ने कोर्ट की महिला अधिकारी के खिलाफ किया है, उसे देखते हुए उसे 'सज्जन' (जेंटलमैन) कहना गलत होगा। उन्होंने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, वे खुद को समझते क्या हैं? क्या वे वकील हैं? क्या सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन का कोई निर्वाचित सदस्य यहां मौजूद है? हमें आपके खिलाफ भी शिकायत करनी चाहिए, आपको SCOAORA (सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन) के पास भेजा जाना चाहिए। अगर आप अपने सदस्यों, यहां तक कि अपने परिवार के लोगों को भी यह नहीं सिखा सकते कि किसी महिला से कैसे बात करनी चाहिए, तो शायद उन्हें किसी महिला से बात करने का कोई हक ही नहीं है। अब ऐसी बात करने की हिम्मत भी मत करना।  

 

उन्होंने आगे कहा 'मैं इस मामले को लेकर बहुत गंभीर हूं। कोई भी कोर्ट ऑफिसर्स के पास नहीं जाएगा। मैं बर्दाश्त नहीं करूंगा कि मेरे कोर्ट ऑफिसर्स के साथ इस तरह की बदतमीजी की जाए। वे अपना काम पूरी ईमानदारी और लगन से करते हैं। आप तरह-तरह के आरोप लगाते हैं और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। मैं इस पर बहुत कुछ कह सकता हूं, लेकिन बात यहीं खत्म करता हूं; आपने सुबह-सुबह ही मेरा आपा खोने पर मजबूर कर दिया।'

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