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TV चैनल 30 मिनट तो FM रेडियो एक घंटे चलाएंगे 'राष्ट्रीय महत्व' वाले प्रोग्राम?

सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने 27 जुलाई तक लोगों से सुझाव मांगे हैं। सुझाव के बाद ही फैसले पर सरकार अमल कर सकती है।

TV FM New Regulation AI Image ChatGPT

AI तस्वीर। Photo Credit: ChatGPT

सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने दूरसंचार क्षेत्र के लिए नए ड्राफ्ट नियम जारी किए हैं। इन नियमों में टीवी चैनलों और रेडियो स्टेशनों के लिए कई महत्वपूर्ण शर्तें रखी गई हैं। टीवी चैनलों को रोजाना सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक कम से कम 30 मिनट का कार्यक्रम राष्ट्रीय महत्व और सामाजिक प्रासंगिकता वाले विषयों पर प्रसारित करना होगा। 

कार्यक्रम का 20 फीसदी हिस्सा, स्थानीय स्तर का होना चाहिए। ये स्टेशन सुनने वालों से कोई फीस नहीं ले सकेंगे, यानी ये फ्री-टू-एयर रहेंगे। नए नियमों में कहा गया है कि प्रमुख प्रबंधकीय पदों पर नियुक्ति से पहले सुरक्षा मंजूरी जरूरी होगी। स्वामित्व में बदलाव से अगर प्रमुख प्रबंधन में बदलाव होता है तो सरकार की पूर्व अनुमति लेनी होगी।

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कम से कम 1 घंटे का प्रसारण अनिवार्य

सामाजिक प्रासंगिकता के इन विषयों में शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, विज्ञान, महिला कल्याण, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रीय एकता शामिल हैं। प्राइवेट FM स्टेशनों को रोजाना कम से कम एक घंटे का राष्ट्रीय महत्व वाला कार्यक्रम प्रसारित करना होगा। 

टीवी चैनल 24 घंटे सक्रिय रहेंगे 

ड्राफ्ट नियमों के अनुसार, टीवी चैनलों को अपने लाइसेंस की पूरी अवधि तक लगातार प्रसारण करना होगा। अगर कोई चैनल 60 दिन से ज्यादा लगातार बंद रहता है तो सरकार को सूचना देनी होगी। 

90 दिन चैनल बंद तो गिरेगी गाज

90 दिन से ज्यादा बंद रहने पर उसकी अथॉरिटी खत्म हो सकती है। नए नियमों के तहत टीवी चैनलों, टेलीपोर्ट, समुदाय रेडियो और न्यूज एजेंसियों को 10 साल का लाइसेंस मिलेगा। प्राइवेट एफएम रेडियो को 15 साल और टीवी चैनल वितरण सेवाओं को 20 साल का लाइसेंस दिया जाएगा।

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27 जुलाई तक दे सकते हैं नए नियमों पर सुझाव

इंटरनेट सेवा प्रदाता या मल्टी-सिस्टम ऑपरेटर पहले से रजिस्टर्ड हैं तो विज्ञापन देकर इंटरनेट प्रोटोकॉल टेलीविजन (IPTV) सेवाएं शुरू कर सकेंगे। मंत्रालय ने इन ड्राफ्ट नियमों पर 27 जुलाई तक सुझाव और टिप्पणियां मांगी हैं। 

क्यों हो रहे हैं ये बदलाव?

ये नियम पुराने टेलीग्राफ एक्ट 1885 की जगह टेलीकॉम्यूनिकेशंस एक्ट 2023 के तहत लाए गए हैं। इनमें टीवी, डीटीएच, एचआईटीएस, प्राइवेट एफएम, कम्युनिटी रेडियो और आईपीटीवी जैसी सभी सेवाओं को शामिल किया गया है।


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