• NEW DELHI
19 Apr 2026, (अपडेटेड 19 Apr 2026, 6:14 AM IST)
देश की संसद से सड़क तक महिला आरक्षण को लेकर संग्राम छिड़ा हुआ है। पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप कर रहे हैं। इस बीच महिलाओं की स्थिति पर नजर डालें तो पता चलता है कि महिला प्रतिनिधि बहुत कम हैं।
लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा। Photo Credit: PTI
देश की संसद और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं आरक्षण पर केंद्र सरकार ने विशेष सत्र बुलाया था। शनिवार को सत्र के दूसरे दिन सरकार के प्रस्तावों पर वोटिंग हुई लेकिन जरूरी समर्थन प्रस्तावों को नहीं मिल सका। इसके बाद अब लड़ाई सड़कों पर आ गई है। सत्ता पक्ष का आरोप है कि विपक्ष ने महिलाओं के आरक्षण में रोड़ा लगाया है। विपक्ष का कहना है कि उन्होंने महिला आरक्षण के बहाने बीजेपी की छोटे राज्यों और दक्षिण भारत के राज्यों के अधिकार छिनने की साजिश को नाकाम कर दिया।
इस पूरे सियासी विवाद में चर्चा का विषय महिलाएं हैं जिनकी राजनीति में हिस्सेदारी तमाम दावों के बावजूद काफी कम है। मौजूदा लोकसभा में बीजेपी के 240 सासंदों में से सिर्फ 31 महिलाएं हैं जो कुल 12.90 प्रतिशत है। इसके अलावा कांग्रेस से 14 (14.30 प्रतिशत) टीएमसी से 11 महिला सांसद (37.90 प्रतिशत) हैं। कुछ पार्टियों को छोड़ दिया जाए तो महिलाओं का संसद प्रतिनिधित्तव हर एक पार्टी में 33 प्रतिशत से कम है। राज्य विधानसभाओं में यह स्थिति और भी ज्यादा खराब है।
एसोससएशन ऑर डेमोक्रेटिक राइट और नेशनल इलेक्शन वॉच ने बीते महीने एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि किस तरह से महिलाएं राजनीति में अपनी जगह बनाने में नाकाम रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में कुल 4,666 सांसदों और विधायकों में से केवल 464 यानी 10 प्रतिशत महिलाएं ही हैं।
किन राज्यों में सबसे ज्यादा महिला विधायक?
इस रिपोर्ट में उन 5 राज्यों के बारे में भी बताया गया है जिनमें सबसे ज्यादा महिला विधायक हैं। इन राज्यों में दिल्ली और ओडिशा सबसे आगे हैं।
दिल्ली- 14 प्रतिशत ओडिशा- 14 प्रतिशत छत्तीसगढ़- 13 प्रतिशत उत्तर प्रदेश- 13 प्रतिशत त्रिपुरा-12 प्रतिशत
नागालैंड- 2 प्रतिशत अरुणाचल प्रदेश - 5 प्रतिशत जम्मू-कश्मीर- 5 प्रतिशत
देशभर की राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में विधायकों की बात करें तो यहां महिलाओं की संख्या और भी ज्यादा कम है। देशभर में कुल 4123 विधायकों में से सिर्फ 390 (9 प्रतिशत) महिलाएं हैं। उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 47 महिला विधायक हैं। पश्चिम बंगाल में 40 और बिहार में 29 महिला विधायक हैं।