पंजाब में विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में होने हैं। इससे पहले ही सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) के तीन विधायकों ने पाला बदलकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का हाथ थाम लिया है। इन तीन में चेतन सिंह जौड़माजरा भी हैं जो पंजाब की AAP सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। जून 2025 में AAP से सस्पेंड किए जा चुके कुंवर विजय सिंह और कुछ महीने पहले थाने पर गोली चलाकर फरार होने के मामले में गिरफ्तार हुए हरमीत सिंह पठानमाजरा भी अब बीजेपी में शामिल हो गए हैं। माना जा रहा है कि इन तीनों को अब BJP की ओर से टिकट मिल सकता है। पुलिस अधिकारी के बाद नेता बने कुंवर विजय प्रताप सिंह ने इस मौके पर कहा कि AAP में उनकी इंटर्नशिप चल रही थी। इस मौके पर तीनों नेताओं ने AAP की पंजाब सरकार पर जमकर हमले भी बोले।
हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़माजरा ने हाल ही में AAP से इस्तीफा दे दिया था। विजय प्रताप सिंह ने BJP में शामिल होने से कुछ देर पहले ही सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया और विधानसभा स्पीकर को चिट्ठी लिख दी कि वह अपनी विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं। विजय प्रताप सिंह 2022 में AAP की सरकार बनने के बाद से ही चर्चा में रहे हैं। कभी उन्होंने सरकार के फैसलों पर सवाल उठाए तो कभी विपक्षी नेताओं पर कार्रवाई का विरोध किया था। वह शुरुआत से ही पार्टी में हाशिए पर चले गए थे।
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क्या बोले विजय प्रताप सिंह?
बीजेपी के शीर्ष नेताओं को धन्यवाद देते हुए विजय प्रताप सिंह ने कहा, 'पंजाब को वह मान-सम्मान दिलाने की जरूरत है जिसका वह हकदार है। मैं कहूंगा कि 5 साल AAP के साथ मेरी इंटर्नशिप चल रही थी। वह कैसी रही, मैं समय-समय पर जरूर बताऊंगा। आज इंटर्नशिप खत्म हो रही है और औपचारिक रूप से मैं बीजेपी ज्वाइन कर रहा हूं। 22 साल मैंने पुलिस की सेवा में काम किया है। हम सभी कोशिश करेंगे कि पंजाब में शांति और खुशहाली वापस आए।'
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उन्होंने AAP सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा, 'पंजाब में भी डबल इंजन की सरकार बनेगी। मैं अमृतसर में 2007 से 2009 तक SSP रहा हूं। हमने ड्रग्स और अपराध को हमेशा के लिए खत्म कर दिया था। मेरे जाने के बाद से दोबारा यह कंट्रोल नहीं हुआ। AAP समाप्त हो चुकी है।
अरविंद केजरीवाल
और भगंवत मान ने मिलकर ही उसे समाप्त किया है। अब उसका अस्तित्व ही नहीं है।'
क्या बोले AAP नेता?
3 विधायकों के BJP में जाने पर AAP प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा, 'हमने तो बोला ही था कि हमारी जो जूठन होगी उसे बीजेपी खाएगी ही क्योंकि उसके पास पंजाब में 117 आदमी नहीं हैं चुनाव लड़ाने के लिए। जिन लोगों को टिकट हम काटेंगे, उनको झोली फैलाकर बीजेपी ही लेगी और कोई लेगा भी नहीं। बीजेपी को मुबारक हो कि वह हमारे छोड़े हुए, हमारे निकाले हुए लोगों को ले और उनको टिकट दे। हमें इसमें कोई दिक्कत नहीं।'
कौन हैं AAP से BJP में गए 3 विधायक?
कुंवर विजय प्रताप सिंह: 2022 में अमृतसर उत्तरी विधानसभा सीट से AAP के टिकट पर विधायक बने विजय प्रताप सिंह राजनीति में आने से पहले पुलिस अधिकारी हुआ करते थे। उन्होंने 2022 में शिरोमणि अकाली दल के अनिल जोशी को दोगुने वोटों के अंतर से चुनाव हराया था।
मूलरूप से बिहार के गोपालगंज के निवासी पंजाब काडर के IPS अधिकारी रहे हैं। अप्रैल 2007 में अमृतसर के SSP बने विजय प्रताप सिंह अक्तूबर 2009 तक इसी पद कर रहे। अप्रैल 2015 में DIG और फिर अप्रैल 2019 में वह आईजी बन गए थे। 2021 में उन्होंने IPS से इस्तीफा दे दिया और AAP में शामिल होकर राजनीति की शुरुआत की।
हरमीत सिंह पठानमाजरा: पंजाब की सनौर विधानसभा सीट से AAP के विधायक रहे हरमीत सिंह पठानमाजरा ने 2022 में अकाली दल के मौजूदा विधाक रहे हरिंदर पाल सिंह चंदूमाजरा को 49,122 वोटों के अंतर से हराया था। कभी वह दो शादियों की वजह से विवादों में रहे तो कभी पुलिस पर गोलीबारी करके फरार होने के बाद गिरफ्तार हुए।
चेतन सिंह जौड़माजरा: पंजाब की समाना विधानसभा सीट से विधायक चेतन सिंह जौड़माजरा पहली बार के विधायक हैं। वह भगवंत मान की सरकार में 8 जनवरी 2023 से 23 सितंबर 2024 तक मंत्री भी रहे हैं। 2019 में एक लड़की को किडनैपिंग से बचाते समय उन पर फायरिंग भी हुई थी। जुलाई 2022 में वह एक मेडिकल कॉलेज के वाइस चांसलर को फटे गद्दे पर लिटाने के बाद विवादों में आए थे। अप्रैल 2025 में इसी तरह शिक्षकों के खिलाफ बेतुका बयानबाजी के चलते भी उनको माफी मांगनी पड़ी थी।