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पहले वोटिंग, अब 3 विधायकों का इस्तीफा, तमिलनाडु में टूटने लगी AIADMK

तमिलनाडु में AIADMK में टूट की औपचारिक शुरुआत हो गई है। AIADMK के तीन विधायकों ने अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है और तीनों का TVK में जाना तय है।

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तीन विधायकों का इस्तीफा, Photo Credit: Social Media

तमिलनाडु में ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) में टूट की शुरुआत अब औपचारिक रूप से हो गई है। AIADMK के कुल तीन विधायकों ने तमिलनाडु विधानसभा के स्पीकर से मिलकर अपना इस्तीफा सौंप दिया है। इन तीनों ने सत्ताधारी तमिलागा वेट्टी कड़गम (TVK) के नेता और राज्य सरकार में मंत्री आढव अर्जुन से भी मुलाकात की है जिससे यह माना जा रहा है कि अब ये तीनों TVK में शामिल होने जा रहे हैं। इनका इस्तीफा स्वीकार होते ही तीनों सीटें खाली हो जाएंगी और अगले 6 महीने के भीतर वहां उपचुनाव कराने होंगे।

 

इन तीनों ने स्पीकर जेसीडी प्रभाकरण से मिलकर अपना इस्तीफा सौंप दिया है। अब इन तीनों के इस्तीफे पर स्पीकर प्रभाकरण ने कहा है कि तीनों ने खुद आकर इस्तीफा दिया है इसलिए उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। विश्वास मत के दौरान क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों के मुद्दे पर स्पीकर प्रभाकरण ने कहा है, 'सभी याचिकाएं अभी लंबित हैं। मैं उन्हें देखूंगा और अपना फैसला सुनाऊंगा। पार्टी का व्हिप कौन है और कौन नहीं, यह तय करने की कोई डेडलाइन नहीं है। मैं इसकी समीक्षा करके ही फैसला सुनाऊंगा।'

 

अब स्थिति ऐसी बन रही है कि तमिलनाडु में एकसाथ 4 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होंगे। इसकी वजह है कि मुख्यमंत्री जोसेफ विजय दो विधानसभा सीटों से चुनाव चुनाव जीते थे और उन्होंने तिरुचिरापल्ली पूर्व की सीट से इस्तीफा दे दिया था। इस तरह तमिलनाडु विधानसभा में विधायकों की प्रभावी संख्या 230 हो जाएगी और बहुमत के लिए सिर्फ 115 विधायकों की ही जरूरत होगी। कहा जा रहा है कि TVK की पूरी कोशिश है कि वह अपने दम पर विधानसभा में बहुमत हासिल करना चाहती है। ऐसे में इस बात के भी कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले में इस तरह के और भी इस्तीफे हो सकते हैं।

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विश्वास मत के दौरान हो गया था खेल

तमिलनाडु में सरकार बनाने का दावा पेश करने वाले जोसेफ विजय कुल चार बार राज्यपाल के पास गए थे। तीन बार उनका दावा स्वीकार नहीं हुआ क्योंकि उनके पास 118 विधायकों का समर्थन नहीं था। हालांकि, जब वह चौथी बार सरकार बनाने में सफल हुए और विश्वास मत की प्रक्रिया हुई तब उनके पक्ष में 144 वोट पड़े थे। तभी तय हो गया था कि AIADMK अब दोफाड़ हो चुकी है। AIADMK के वरिष्ठ नेता सी वी षणमुगम ने खुलेआम पलानीस्वामी के नेतृत्व को चुनौती दे दी थी और 25 विधायकों के समर्थन का दावा किया था। 

फिलहाल, TVK को कांग्रेस के अलावा ऑल इंडिया मुस्लिम लीग, सीपीआई, सीपीएम और वीसीके का समर्थन स्पष्ट रूप से हासिल है। AIADMK के भी कम से कम 20 विधायकों ने TVK के समर्थन में वोटिंग की थी और माना जा रहा है कि देर-सबेर वे भी टीवीके में ही शामिल हो जाएंगे।

 

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रोचक है तीनों सीटों का समीकरण

मार्गतम कुमारावेल मदुरंतकम विधानसभा सीट से लगातार दूसरी बार AIADMK पर चुनाव जीती हैं। रोचक बात है कि उनकी सीट पर दूसरे नंबर पर TVK ही थी और जीत-हार का अंतर सिर्फ 7194 वोटों का था।

पी सत्यभामा धारापुरम विधानसबा सीट से पहली बार विधायक चुनी गई हैं और इस सीट पर TVK तीसरे नंबर पर थी और उसे 46438 वोट मिले थे।

 

वहीं, तीसरे विधायक एस जयकुमार पेरुंदुरई विधानसभा सीट से लगातार दूसरी विधायक बने हैं। इस सीट पर 2001 से ही AIADMK का कब्जा रहा है। इस सीट पर भी डीएमके नंबर दो TVK नंबर 3 पर थी। हालांकि, यहां भी TVK को 59,483 वोट मिले थे।


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