कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने शुक्रवार को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से औपचारिक रूप से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने यह इस्तीफा
राहुल गांधी
को सौंपा। राजा वड़िंग करीब साढ़े चार साल तक प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। यह इस्तीफा 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले नेतृत्व बदलने की खबरों के बीच आया है। उन्होंने साफ शब्दों में शक जाहिर किया है कि सचिन पायलट चाहते थे कि राजा वड़िंग, हट जाएं।
राजा वड़िंग ने इशारा किया कि पार्टी के पंजाब प्रभारी सचिन पायलट की इस फैसले में भूमिका हो सकती है। हालांकि उन्होंने कहा कि इसके पक्ष में उनके पास कोई ठोस सबूत नहीं है। उन्होंने कहा है कि शायद सचिन पायलट को लगा होगा कि अब राजा को हटा देना चाहिए, दूसरा कोई मुद्दा नहीं है।
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अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग:-
मेरे लंबे राजनीतिक सफर को देखते हुए मुझे लगता है कि सचिन पायलट ने तय किया होगा कि अब राजा को पद से हटाने का समय है। इसका मेरे पास पक्का सबूत नहीं है। शायद महासचिव को लगा कि राजा को हटाया जाना चाहिए। इसके अलावा कोई खास मुद्दा नहीं है। मुझे जो कहना था वह मैंने राहुल गांधी को बता दिया है। राहुल गांधी के बाद कोई नहीं बचता, जिसे मैं समझा सकूं।
पद गया, अब क्या करेंगे राजा वडिंग?
अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने बताया कि राहुल गांधी से मुलाकात के बाद स्थितियां सामान्य हो गईं। राहुल गांधी ने पंजाब की राजनीतिक स्थिति, राज्य सरकार की गतिविधियों और पार्टी की आगे की रणनीति पर उनकी राय जानी। उन्होंने पार्टी की चुनौतियों और ताकत पर बात की। उन्होंने राहुल गांधी को भरोसा दिलाया कि पार्टी जब भी जरूरत समझे वे सेवा के लिए तैयार हैं। उन्होंने राहुल गांधी का आभार भी जताया कि उन्होंने मुश्किल हालात में उन्हें प्रदेश कांग्रेस का नेतृत्व करने का मौका दिया।
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कार्यकाल से खुश हैं राजा वडिंग?
राजा वडिंग ने अपने कार्यकाल पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि पार्टी के फैसलों को वे सहर्ष स्वीकार करते हैं। मुलाकात के बाद वे पत्नी के साथ सीधे गुरुद्वारा बंगला साहिब गए और अरदास की। उन्होंने कहा कि कार्यकाल लंबा हो या छोटा, वह ऐसा होना चाहिए जिसे लोग याद रखें। उनके मुताबिक मंत्री के रूप में उनका कार्यकाल भी ऐसा ही यादगार रहा।
चरणजीत सिंह चन्नी बिगाड़ रहे पंजाब का समीकरण?
अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को 2022 में
नवजोत सिंह सिद्धू
की जगह पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया था। उनका इस्तीफा ऐसे समय आया है जब उनके और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बीच पंजाब कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर मतभेद की खबरें हैं। पार्टी 2027 के चुनाव की तैयारी के बीच गुटबाजी से जूझ रही है।
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भूपेश बघेल जो नहीं कर पाए, सचिन पायलट करेंगे?
कांग्रेस पार्टी ने हाल ही में AICC प्रभारी भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को जिम्मेदारी सौंपी है। भूपेश बघेल ने कई हफ्ते पंजाब में रहकर गुटों के बीच मतभेद सुलझाने की कोशिश की थी। प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में पूर्व राज्य मंत्री विजय इंदर सिंगला को आगे माना जा रहा है। इंदर सिंगला AICC के सह-कोषाध्यक्ष भी हैं और पार्टी की संपत्तियों का काम देखते हैं।