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पहले AAP फिर RJD, अब सपा; क्या इंडिया गठबंधन को तोड़ रही है कांग्रेस?

इंडिया गठबंधन की सहयोगी रही आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस पार्टी के ऊपर गठबंधन को तोड़ने का आरोप लगाया है। इसके लिए पार्टी नेता संजय सिंह ने कई उदाहरण दिए हैं।

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राहुल गांधी, अखिलेश यादव, अरविंद केजरीवाल और तेजस्वी यादव।

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कांग्रेस उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव 2027 में संभावित तौर पर समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ेगी। इसके लिए पार्टी के राज्य स्तर के नेता लगातार सपा के ऊपर दबाव बनाकर मीडिया में बने हुए हैं। कांग्रेस यूपी की 403 विधानसभा सीटों में से कभी 200 प्लस तो कभी 150 प्लस सीटों की मांग कर रही है, जिस सीट बंटवारे की बाद बंद कमरों में रहकर की जा सकती है उसके लिए पार्टी मीडिया और सोशल मीडिया का सहारा ले रही है। 

 

यूपी के लिए कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और सहारनपुर से लोकसभा सांसद इमरान मसूद सपा से 200 सीट मांगने वालों में सबसे आगे हैं। ऐसे में सपा के साथ ही इंडिया गठबंधन के नेता मान रहे हैं कि यह बयानबाजी बिना कांग्रेस नेतृत्व के नहीं की जा सकती। इसलिए इस डिमांड में कांग्रेस हाईकमान की रजामंदी शामिल है। अगर इसे मौजूदा घटनाक्रम के आधार पर देखें तो उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के बीच अविश्वास और सीट-बंटवारे को लेकर तनाव बढ़ा है। यह दिल्ली, बिहार और उत्तर प्रदेश में देखने को मिल रहा है। 

सीट शेयरिंग का मुद्दा बना विवाद की जड़

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी दोनों 2027 विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन बनाए रखने की बात कर रहे हैं, लेकिन राज्य में सीट शेयरिंग का मुद्दा बड़ा विवाद बन गया है। अखिलेश यादव ने हाल में कहा कि सीटों का बंटवारा जीतने की क्षमता के आधार पर होना चाहिए। वहीं कांग्रेस जल्द सीटें तय करने पर जोर दे रही है।

 

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आम आदमी पार्टी ने लगाए गंभीर आरोप

इन घटनाक्रनों के बीच आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस पर समाजवादी पार्टी को परेशान करने का गंभीर आरोप लगाया है। यूपी चुनावों पर 'आप' सांसद संजय सिंह ने कहा, 'सपा को कांग्रेस लगातार परेशान कर रही है। एक बयान सुना जिसमें कांग्रेस 150 सीटों की मांग कर रही है। कभी वे कहते हैं कि वे सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे, कभी वे कहते हैं कि उन्हें 200 सीटें चाहिए। आप बीजेपी के खिलाफ लड़ रहे हैं या सपा के खिलाफ?'

 

उन्होंने आगे कहा, 'कांग्रेस ने ऐसी की स्थिति बिहार में तेजस्वी यादव के साथ किया... एक बार 77 सीट लेकर चले गए और बहुत सारी सीटें हार गए और सरकार 5 सीट से बनते-बनते रह गई। दूसरी बार आपने तेजस्वी को लटकाकर रखा... उनसे ज्यादातर सीट ले ली और जल्दी से सीएम कैंडिडेट नहीं घोषित किया। इसका परिणाम क्या हुआ आप जानते हैं।'

कांग्रेस पर किया हमला

राज्यसभा सांसद ने कहा, ' SIR का घोटाला एक तरफ है, विपक्षी पार्टियां उसके खिलाफ विपक्षी दल हुए हैं। एक तरफ बीजेपी की गुंडागर्दी और तानाशाही है... उसके खिलाफ विपक्षी पार्टियां लड़ रही हैं। ऐसे में इंडिया गठबंधन के बहुत सारे दल... दिल्ली विधानसभा चुनाव में अरविंद केजरीवाल के खिलाफ देख लीजिए कांग्रेस की भूमिका क्या रही? तमिलनाडु में भी देख लीजिए या पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के खिलाफ क्या भूमिका रही देख लीजिए।'

 

उन्होंने आगे कहा, '...तो कांग्रेस को समझना पड़ेगा कि उनकी पूरा अभियान अपने साथ के दलों के खिलाफ चला रहे हैं। कांग्रेस बीजेपी से नहीं बल्कि अपने साथ के दलों से लड़ रही है।' हालांकि, आम आदमी पार्टी ने जून 2026 में साफ कर दिया था कि अब इंडिया गठबंधन का हिस्सा नहीं है और कांग्रेस के साथ भविष्य में गठबंधन की संभावना भी खारिज कर दी थी। 'आप' ने इसके लिए दिल्ली चुनाव में कांग्रेस के रुख को प्रमुख कारणों में बताया था।

 

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बता दें कि कांग्रेस की तरफ से कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और सांसद इमरान समूद के अलावा पार्टी प्रवक्ता और सीनियर नेता कर रहे हैं कि सीट शेयरिंग का फैसला दोनों दलों का शीर्ष नेतृत्व करेगा। इसी तरह के बयान समाजवादी पार्टी के नेताओं की तरफ से भी सामने आए हैं।

सपा की प्रतिक्रिया

विधायक और सपा के वरिष्ठ नेता अबु आसिम आजमी ने एक बयान में 2027 यूपी चुनाव को लेकर सपा की रणनीति पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, 'समाजवादी पार्टी का गठबंधन पहले से है। हमारे नेता अखिलेश यादव इंडिया गठबंधन मजबूत करेंगे। हमारे विचारों वाली पार्टी के साथ गठबंधन होगा।'


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