इंटरव्यू: पंखुड़ी पाठक को मिले पंख, उत्तराखंड में कांग्रेस के लिए क्या करेंगी?
कांग्रेस ने उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए अपनी युवा और तेजतर्रार प्रवक्ता पंखुड़ी पाठक को राष्ट्रीय मीडिया समन्वयक की जिम्मेदारी सौंपी है। खबरगांव ने पंखुड़ी से राज्य के तमाम मुद्दों पर बातचीत की है...

कांग्रेस नेत्री पंखुड़ी पाठक, Photo Credit: Khabargaon
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव अगले साल 2027 में होने हैं। चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के साथ ही कांग्रेस ने भी तैयारियां जोर-शोर से शुरू कर दी है। इन तैयारियों में कांग्रेस संगठन के स्तर पर नेताओं की नियुक्ति करके जनता को तो साध ही रही है। मगर, इन सबके बीच कांग्रेस ने 18 अगस्त को राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण नियुक्ति की, जो चर्चा का विषय बनी हुई है। कांग्रेस ने उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए अपनी युवा और तेजतर्रार प्रवक्ता पंखुड़ी पाठक को राष्ट्रीय मीडिया समन्वयक की जिम्मेदारी सौंपी है।
इस जिम्मेदारी को संभालते हुए पंखुड़ी के जिम्में कांग्रेस की विचारधारा और घोषणापत्र को जनता तक पहुंचाने का काम रहेगा। साथ ही उनके जिम्में राज्य की मीडिया से लेकर राष्ट्रीय मीडिया के माध्यम से पार्टी के काम को जनता तक पहुंचाना होगा। ऐसे में 'खबरगांव' ने पंखुड़ी पाठक से बात की और उनके कामकाज, बीजेपी सरकार को लेकर सवाल और उत्तराखंड के लोगों की समस्याओं को लेकर सवाल पूछे...
प्रश्न- पंखुड़ी, आपको उत्तराखंड के लिए नेशनल मीडिया कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी मिली है, आप इस काम को कैसे करेंगी?
उत्तर- मेरी प्राथमिकता यह रहेगी कि कांग्रेस की चुनाव को लेकर सोच, कामकाज, घोषणापत्र और विचारधारा को ज्यादा से ज्यादा उत्तराखंड की जनता तक पहुंचाएं। पूरे प्रदेश में हमारे जितने भी मीडिया के साथी हैं उनसे संपर्क बना सकें। साथ ही साथ उत्तराखंड में अलग-अलग क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार की समस्याओं को समझते हुए उनको जनता तक पहुंचाएं। मेरी मीडिया से बेहतर तरीके से जुड़ने की कोशिश रहेगी।
प्रश्न- नए तरीके के मीडिया (इंस्टाग्राम, यूट्यूब) से कैसे जुड़ेंगी?
उत्तर- डिजिटल मीडिया में खासतौर से यूट्यूब, इंस्टाग्राम पर चैनल, कंटेंट क्रिएटर आज जनता तक सूचना पहुंचाने का एक प्रमुख माध्यम हैं। ये हमारे काम का हिस्सा हैं... इनके बिना हम अपनी बात लोगों तक नहीं पहुंचा सकते। मेन स्ट्रीम मीडिया की साख जैसे-जैसे गिरती जा रही है, मुझे लगता है कि लोग भी आज नए डिजिटल मीडिया पर ज्यादा विश्वास कर रहे हैं। मेरी पूरी कोशिश रहेगी कि डिजिटल मीडिया पर जितने भी चैनल और क्रिएटर्स हैं... हम लोग उनसे बात करेंगे और सही तरीके से उसने समन्वय करेंगे।

प्रश्न- उत्तराखंड में पिछले दस साल से भारतीय जनता पार्टी की सरकार है ऐसे में आपने अभी तक बीजेपी सरकार में क्या कमियां देखी हैं? अगर हैं तो वे कौन सी हैं?
उत्तर- भारतीय जनता पार्टी के पास उत्तराखंड में विकास का एक नया मॉडल खड़ा करने का बहुत अच्छा मौका था, क्योंकि राज्य और केंद्र दोनों में बीजेपी की डबल इंजन की सरकार है। मगर, बीजेपी इस मौके का फायदा नहीं उठा पाई और इसको बर्बाद कर दिया। उत्तराखंड में जो 20 साल पहले मूलभूत समस्याएं थीं बीजेपी सरकार उसे अपने दस साल की डबल इंजन की सरकार में भी नहीं सुधार पाई। इसमें सबसे बड़ी समस्या शिक्षा और नौकरी है।
उत्तराखंड एक ऐसा प्रदेश है जहां से कई दशकों से पलायन होता आ रहा है। उत्तराखंड के गांव पूरी तरह से खाली हो चुके हैं, जहां सिर्फ बुजुर्ग लोग रहते हैं। युवा गावों से पलायन कर चुके हैं। बीजेपी के पास शिक्षा और नौकरी को लेकर काम करने का बहुत बढ़िया मौका था, जिसको वे इसे भुना नहीं पाए और समय को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया। ना तो सरकारी नौकरी को लेकर वादा पूरा किया गया, ना स्किल के विकास का वादा और ना ही प्रदेश में औद्योगिक विकास का वादा पूरा हो पाया।

उत्तराखंड के सामने एक बहुत बड़ा संकट है क्योंकि प्रदेश का युवा अपना सुनहरा भविष्य नहीं देख पा रहा है। बीजेपी के पास उत्तराखंड में स्वास्थ्य को लेकर काम करने का मौका था लेकिन राज्य के अधिकतर क्षेत्रों में अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं हैं। देहरादून और हरिद्वार को छोड़कर गांवों और पहाड़ी क्षेत्रों में इलाज मिल पाना मुश्किल है। इन क्षेत्रों में अगर किसी को इलाज की जरूरत है तो लोगों को दिल्ली आना पड़ता है। ये सरकार की सबसे बड़ी नाकामी है।
उत्तराखंड में पर्यावरण को बड़े पैमाने पर नष्ट किया गया है, जिसकी वजह से पहाड़ की परिस्थितिकी पर असर पड़ा है। बीजेपी सरकार का इस तरफ बिल्कुल ध्यान नहीं है। यह सरकार की नाकामी का सबूत दर्शाती है।
प्रश्न- उत्तराखंड के लोग बाहर दिल्ली-NCR या बड़े शहरों में रहकर नौकरी कर रहे हैं। बीजेपी ने उनके लिए अभी तक क्या किया है? इसे आप कैसे देखती हैं?
उत्तर- उत्तराखंड में बहुत से कारण हैं, जिनकी वजह से लोगों को यहां से पलायन करना पड़ा। आज भी ऐसे बहुत से लोग हैं जो उत्तराखंड लौटना चाहते हैं... अपने घर जाना चाहते हैं और अपने प्रदेश और गांव के लिए कुछ बेहतर करना चाहते हैं। मगर, दुख की बात यह है कि उत्तराखंड में किसी भी तरह की कोई अवसर नहीं हैं और ना ही बीजेपी सरकार ने पिछले 10 सालों में ऐसा काम किया है कि प्रवासी लोग यहां आकर काम कर सकें। सरकार ने यहां के प्रवासियों को वापस लाने के लिए किसी भी तरह की पहल नहीं की है और ना ही किसी से कोई संपर्क किया है।
सरकार उत्तराखंड में रहने वाले लोगों को ही नौकरी/रोजगार और सुविधा नहीं दे पा रही है तो बाहर रह रहे प्रवासी कैसे आएंगे?

प्रश्न- अगर कांग्रेस की सरकार आती है तो इस क्षेत्र में काम करेगी?
उत्तर- जरूर! कांग्रेस की सरकार आई तो उत्तराखंड की मूलभूत सुविधाओं के साथ में शिक्षा, स्वास्थ्य, नौकरी के क्षेत्र में काम करेगी। जब ये समस्याएं ठीक होंगी तो प्रवासी लोग जरूर अपने घर लौटेंगे।
प्रश्न- उत्तराखंड में इन 10 सालों में अपराध कितना कम हुआ है?
उत्तर- उत्तराखंड हमेशा से एक शांतिप्रिय राज्य रहा है। यहां के लोग संवेदनशील होते हैं। प्रदेश में कभी भी अपराध की घटनाएं बड़े पैमाने पर नहीं देखी गई हैं। देखा भी गया है कि उत्तराखंड में दंगे या गुटों में बवाल देखने को नहीं मिलता था लेकिन बहुत दुर्भाग्य की बात है कि जब से बीजेपी की सरकार आई है तब से ही लगातार इस तरह का माहौल बनाया जा रहा है। बीजेपी अलग-अलग संप्रदायों को लड़ाने का काम कर रही है।
उत्तराखंड में हम आज बजरंग दल जैसे संगठनों की नई तरह की गुंडागर्दी देख रहे हैं। राज्य में अल्पसंख्यकों को परेशान किया जा रहा है। अल्पसंख्यक समाज के जो लोग यहां काम कर रहे हैं उनको परेशान किया जाता है। इस तरह की घटनाएं उत्तराखंड में कभी नहीं देखी गई हैं। देहरादून में पिछले दिनों हुए गोलीकांड में हत्या के बाद प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रश्न- उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड को अलग हुए 26 साल हो गए हैं, अलग होने के बाद उत्तराखंड कितना विकसित हुआ है?
उत्तर- उत्तराखंड बनाने के लिए जिन लोगों ने लंबा आंदोलन किया था, उनको बहुत उम्मीदे थीं कि नया राज्य बनेगा तो विकास होगा, पलायन रुकेगा और लोगों की समस्याओं का समाधान होगा। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचेगी लेकिन दुर्भाग्यवश ये नहीं हो पाया है। पिछले 10 साल में बीजेपी सरकार ने कई बार वादा किया कि हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज और ट्रॉमा सेंटर होंगे लेकिन कोई भी इस तरह के काम उत्तराखंड में नहीं हो पाए। आज भी अगर किसी को अच्छी शिक्षा चाहिए को उनको उत्तराखंड छोड़ना पड़ता है।

जिस तरह का उत्तराखंड में विकास हो सकता था वो नहीं हुआ। कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों ने इस दिशा में काम करते हुए विशेष आर्थिक क्षेत्र (Special Economic Zone) बनाए, कंपनियों को यहां बुलाने के लिए कई तरह के प्रोत्साहन दिए लेकिन उनपर बीजेपी सरकार ने काम नहीं किया। उत्तराखंड में संसाधनों की कमी नहीं है, यहां बहुत संभावनाएं हैं मगर, 10 साल में बीजेपी ने समय गंवा दिया।
प्रश्न- आरोप लगते हैं बीजेपी मीडिया का दमन करती है, आप मीडिया और पत्रकारों के साथ कैसे कोऑर्डिनेटर करेंगी?
उत्तर- आज विपक्ष के तौर पर हम लोगों के लिए बहुत बड़ी जिम्मेदारी है कि जो पत्रकार स्वतंत्र हैं और सच दिखाने के लिए लगन से काम कर रहे हैं। ऐसे पत्रकारों को हम जो भी सुरक्षा दे सकते हैं वह देंगे। हमारी जिम्मेदारी है कि ऐसे पत्रकारों के ऊपर संकट आने पर हम उनके साथ खड़े रहें। जरूरत है कि ऐसे पत्रकारों के संपर्क में आकर उनकी समस्याओं को उठाया जाए। कांग्रेस लगातार ऐसे पत्रकारों के लिए आवाज बनी है।

उत्तर प्रदेश और अन्य प्रदेशों में जब भी मीडिया पर हमला हुआ, कांग्रेस ने बहुत ही मुखरता से उस मुद्दे को उठाया है। यह काम हम आगे भी करते रहेंगे। सरकार अगर पत्रकारों का दमन करेगी तो कांग्रेस पार्टी उनके साथ हमेशा खड़ी रहेगी।
और पढ़ें
Copyright ©️ TIF MULTIMEDIA PRIVATE LIMITED | All Rights Reserved | Developed By TIF Technologies
CONTACT US | PRIVACY POLICY | TERMS OF USE | EDITORIAL POLICY | Sitemap




