कांग्रेस ने 1 नवबंर को दिल्ली के रामलीला मैदान में चलो दिल्ली रैली का एलान किया है। कांग्रेस का आरोप है कि दिल्ली पुलिस इस रैली की इजाजत नहीं दी है। दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को साफ कहा है कि कांग्रेस की प्रस्तावित रैली में उसे कोई आपत्ति नहीं है। रैली सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। पुलिस की यह सफाई कांग्रेस के उस आरोप के बाद आई है, जिसमें पार्टी ने कहा था कि उसे एक कार्यक्रम की इजाजत नहीं दी गई।
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने मंगलवार को दावा किया कि अशोक होटल ने पहले कार्यक्रम की अनुमति दी, लेकिन बाद में इनकार कर दिया। उनके मुताबिक INDIA गठबंधन की 21 पार्टियों ने 30 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सार्वजनिक महाभियोग का कार्यक्रम तय किया था। इसी कार्यक्रम के अगले दिन कांग्रेस की रैली प्रस्तावित है।
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पुलिस किन शर्तों पर रैली की इजाजत देगी?
दिल्ली पुलिस का कहना है कि कांग्रेस ने 5 अक्टूबर 2026 को पत्र लिखकर 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक रामलीला ग्राउंड बुक करने के लिए NOC मांगा था। कानून-व्यवस्था के नजरिए से उसे कोई आपत्ति नहीं है। यह मंजूरी जमीन के मालिक प्राधिकरण से पहले अनुमति लेने की शर्त पर है। पुलिस ने कई शर्तें भी रखी हैं। आयोजक सभा से जुड़े सभी कानूनों और नियमों का पालन करेंगे। भीड़ को काबू में रखने और हिंसा या अव्यवस्था रोकने के सभी जरूरी इंतजाम करेंगे। रैली 1 नवंबर को शाम 5 बजे खत्म करनी होगी।
पुलिस के मुताबिक रैली से पहले या बाद में रामलीला मैदान में किसी भी हालत में प्रदर्शनकारियों को रात में ठहरना नहीं होगा। रैली शांतिपूर्ण रहेगी और किसी भी तरह के अनियंत्रित या उग्र व्यवहार की इजाजत नहीं होगी। आयोजकों को पुलिस के साथ पूरा सहयोग करना होगा। पुलिस ने यह भी कहा कि शर्तें टूटने पर आयोजक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है। रामलीला ग्राउंड के अलावा किसी और जगह के लिए मार्च नहीं निकाला जा सकेगा।
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केसी वेणुगोपाल ने क्या दावा किया है?
केसी वेणुगोपाल ने अपने पोस्ट में लिखा कि पहले चुनावी व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया गया। अब लोकतंत्र बचाने की लड़ाई लड़ने वालों को चुप कराने की कोशिश हो रही है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को मोदी-शाह का पिट्ठू बताया और उन्हें हटाए जाने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही।
केसी वेणुगोपाल ने यह भी कहा कि अगर कांग्रेस को यहां रोका गया तो वह अमित शाह और प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी
के घर जाकर बड़ा धरना देगी। यह रैली स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (
SIR
) और कथित चुनावी गड़बड़ियों को लेकर कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दलों के प्रदर्शनों का हिस्सा है। इंडिया गठबंधन के सहयोगी दल ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।