कांग्रेस पार्टी ने पिछले साल एक नेशनल टैलेंट हंट प्रोग्राम शुरू किया था। अब इसी प्रोग्राम से निकले लोगों को लेकर हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश में नई टीमें बनाई गई हैं। भारी भरकम संख्या में लोगों को शामिल करके बनाई गई इन टीमों के बारे में कांग्रेस को उम्मीद है कि ये लोग मीडिया में पार्टी को मजबूत करेंगे। इनमें प्रवक्ता, रिसर्चर और मीडिया संयोजक जैसे पदों पर नियुक्ति की गई है। इसमें ऐसे लोगों को भी शामिल किया गया है जो पहले से पार्टी के सदस्य नहीं भी हैं। कांग्रेस ने बताया है कि ऐसे ही जब सभी राज्यों की मीडिया बॉडी बना ली जाएगी तब नेशनल मीडिया बॉडी का एलान किया जाएगा।
यह पूरा अभियान कांग्रेस की वर्किंग कमेटी के सदस्य, राज्यसभा सांसद और पार्टी के मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के मुखिया पवन खेड़ा की देखरेख में चल रहा है। अब पवन खेड़ा ने जो बयान जारी किया है उसमें कहा गया है कि इन टीमों में भारत की विविधता दिखती है और सभी तरह की आवाजों को इसमें मौका भी दिया गया है।
क्या है कांग्रेस का टैलेंट हंट प्रोग्राम?
कांग्रेस ने पिछले ही साल टैलेंट हंट प्रोग्राम शुरू किया था उसका मकसद ऐसे लोगों की पहचान करना था जो संविधान, न्याय और लोकतंत्र के मूल्यों को अच्छे से समझते हों और इसे बचाने के लिए प्रतिबद्ध हों। इसके लिए आवेदन भी मांगे गए थे। इस आवेदन के में तीन पदों का जिक्र था। एक प्रवक्ता, दूसरा रिसर्च कोऑर्डिनेटर और तीसरा पब्लिसिटी कोऑर्डिनेटर। इसमें मुख्य जोर ऐसे लोगों के चयन पर था जो प्रवक्ता के तौर पर मजबूती से कांग्रेस का पक्ष रख सकें।
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नेशनल टैलेंट हंट प्रोग्राम के बाद राज्यों के स्तर पर भी ऐसे प्रोग्राम चलाए गए। इन युवाओं में मीडिया से बातचीत, बहस की क्षमता, कांग्रेस की विचारधारा की समझ और डिजिटस प्रजेंस जैसी चीजों को देखा गया है। अब इन्हीं को राज्य और केंद्र के स्तर पर प्रवक्ता जैसे पद दिए जा रहे हैं।
कहां-कहां हुई नियुक्ति?
कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश में स्टेट मीडिया बॉडी का गठन किया है। एक बयान जारी करके कहा गया है कि इन टीमों का गठन नेशनल टैलेंट हंट प्रोग्राम के बाद किया गया है। इस प्रोग्राम के वरिष्ठ राज्य प्रवक्ता, राज्य प्रवक्ता, स्टेट मीडिया पैनलिस्ट, स्टेट रिसर्च कोऑर्डिनेटर और स्टेट पब्लिसिटी कोऑर्डिनेटर नियुक्त किए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश में पांच विधायकों को राज्य वरिष्ठ प्रवक्ता, 28 नेताओं को राज्य प्रवक्ता, 11 लोगों को राज्य मीडिया पैनलिस्ट, 11 लोगों को स्टेट रिसर्च कोऑर्डिनेटर और 9 लोगों को स्टेट पब्लिसिटी कोऑर्डिनेटर बनाया गया है। इस तरह सिर्फ हिमाचल प्रदेश में ही कुल 64 लोगों की एक टीम तैयार की गई है।
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उत्तर प्रदेश: ऐसी ही एक टीम उत्तर प्रदेश में भी बनाई गई है। उत्तर प्रदेश में दो नेताओं को वाइस चेयरपर्सन, 6 लोगों को रीजनल कोऑर्डिनेटर, 45 लोगों को राज्य प्रवक्ता 21 लोगों को स्टेट मीडिया पैनलिस्ट, 7 लोगों को जिला प्रवक्ता, हिलाल नकवी को रिसर्च हेड, 11 लोगों को स्टेट रिसर्चर और 11 लोगों को स्टेट पब्लिसिटी कोऑर्डिनेटर बनाया गया है। इस तरह यूपी में कुल 104 लोगों की टीम बनाई गई है।
उत्तर प्रदेश में जो 6 रीजनल कोऑर्डिनेटर बनाए गए हैं उनमें ब्राह्मण, दलित और ओबीसी को मौका दिया है। प्रवक्ताओं की लिस्ट में कई मुस्लिम, दलित, ब्राह्णण और ओबीसी चेहरों को मौका दिया गया है।
गोवा: गोवा में विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए एक नेशनल मीडिया कोऑर्डिनेटर और 3 कोऑर्डिनेटर की नियुक्ति की गई है।
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इन नियुक्तियों में उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में जल्दबाजी दिखाने की वजह चुनाव को माना जा रहा है। कांग्रेस को उम्मीद है कि पार्टी की विचारधारा को बेहतर तरीके से समझने वाले ये चेहरे टीवी, डिजिटल और अन्य माध्यमों में पार्टी के मत को ज्यादा बेहतर तरीके से रख पाएंगे। इसके अलावा, एक और समस्या का समाधान होने की उम्मीद है। एक जगह से सभी के जुड़े होने के चलते कांग्रेस को यह भी उम्मीद है कि सभी एक लाइन पर चलेंगे और पार्टी असहज स्थितियों का सामना करने से बच जाएगी।