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सावन का महीना, अयोध्या में माछ-भात दावत, कांग्रेस को फंसा बैठे अजय राय?

अजय राय पर अयोध्या के संतों ने सनातन धर्म विरोधी होने का आरोप लगाया है। बीजेपी ने भी अजय राय को अयोध्या में सावन के महीने में मीट खाने को लेकर घेरा है।

Ajay Rai UP Congress Chief PTI

यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय। Photo Credit: PTI

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उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय का अयोध्या में ऐसा भव्य स्वागत हुआ कि अब यह स्वागत पार्टी उनके दल के लिए मुसीबत गई है। अयोध्या में वह न केवल संतों के निशाने पर हैं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) उन्हें हिंदू विरोधी कह रही है और लोग कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से जवाब मांग रहे हैं। 

अजय राय, एकादशी के दिन अयोध्या में पहुंचे। इसी दिन सथानीय लोगों ने 'माछ भोज' आयोजित कर दिया। संतों का कहना है कि एकादशी पर हिंदू धार्मिक परिवारों के लोग लोग लहसुन, प्याज या चावल तक नहीं खाते हैं, इस दिन अजय राय के लिए मांस भोज आयोजित हो गया। संत मांग कर रहे हैं कि अजय राय सार्वजनिक तौर पर माफी मांग लें।

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कहां आयोजित हुआ था मछली भोज?

अयोध्या में यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के स्वागत के लिए अर्पित मैरिज लॉन में तरुण इलाके में एक पार्टी आोयजित की गई थी। वीडियो में मछली बनाने लोग नजर आ रहे है। इस आयोजन के दौरान ही तेज बारिश हुई और आनन फानन में लोगों को खुद को बचाना पड़ा। अजय राय मीडिया के सवालों से बचते नजर आए। दावा किया जा रहा है कि इस आयोजन के लिए 2 कुंतल मछली मंगवाई गई थी। कांग्रेस ने ऐसे किसी दावे को नहीं माना है। 

 

 

क्या कह रहे हैं अयोध्या के संत?

संतों का आरोप है कि अयोध्या में राजनीतिक गतिविधियों का स्वागत है लेकिन पवित्र धार्मिक नगरी में, सावन के महीने में एकादशी जैसी तिथि को मछली भात का आयोजन उचित नहीं है, यह धार्मिक भावनाओं का अपमान है। संतों का कहना है कि कांग्रेस आलाकमान अयोध्या की इस घटना पर माफी मांगे। 

अयोध्या के एक महंत भारत दास ने कहा है, 'अयोध्या की परंपराओं को कांग्रेस नहीं समझती है। सावन के पवित्र महीने में एकादशी तिथि पर मांसाहार भोज देना दिखाता है कि कांग्रेस सनातन विरोधी है। भगवान राम की नगरी में लोग सनातन विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेंगे।'

अयोध्या के ही एक संत परमहंसाचार्य ने कहा, 'अयोध्या साधारण जगह नहीं है। यह भगवान राम की जन्मभूमि है। हिंदूओं की आस्था का केंद्र है। हर राजनीतिक दल, जिन्हें अयोध्या में रहना है, उन्हें सनातन आस्था का सम्मान करना चाहिए। कांग्रेस को हिंदू विरोध छोड़ना चाहिए।'

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अयोध्या कांग्रेस ने क्या कहा है?

अयोध्या के जिला कांग्रेस अध्यक्ष चेत नारायण सिंह ने अजय राय का बचाव क्या है। उन्होंने कहा है कि अजय राय सनातनी हैं, वह नियमित अयोध्या आते हैं, प्रार्थना करते हैं और राम मंदिर में पूजा करते हैं। उन्होंने कहा कि वह किसी भी मांसाहार वाले भोज से अनजान हैं। अगर कोई भी कार्यकर्ता सनातन की धार्मिक परंपराएं तोड़ता है तो उस पर गाज गिरेगी।'

आयोजक रामनिहाल निषाद ने कहा है कि संविधान भोजन का अधिकार देता है और मछली हमारी परंपरा है।

भारतीय जनता पार्टी ने क्या कहा था?

मुख्तार अब्बास नकवी, नेता, बीजेपी:-
पवित्र श्रावण मास में अगर आप अयोध्या में मछली की दावत देंगे तो इससे एक बात बहुत साफ है कि आप सनातन के प्रति असहिष्णुता के साथ धर्मनिरपेक्षता के सूरमा बनने की प्रतिस्पर्धा में लगे हैं।

BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा, 'अपने आपको हिंदू बताने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए अयोध्या के दर्शन करने जाते हैं, परंतु वे भूलते हैं कि ये सावन का महीना है और सावन के अंदर मांस, मछली से दूरी रखी जाती है। लहसुन, प्याज से भी दूरी रखी जाती है। ये नए प्रकार के सनातनी हैं, जिनको सिर्फ दिखावे के लिए सनातन का काम करना है, दिखावे के लिए मंदिर जाना है, लेकिन सनातन की जो प्रथाएं हैं, उनका अनुसरण नहीं करना है।'


बिहार के सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा, 'यही कांग्रेस का असली चेहरा है, इनकी कथनी और करनी में जमीन-आसमान का फर्क है। अयोध्या जैसे पवित्र स्थान पर वह भी सावन में, ऐसा आयोजन कैसे हो सकता है।'

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कांग्रेस ने क्या सफाई दी है?

अयोध्या कांड पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, 'ऐसे मुद्दे इसलिए उठाए जाते है, जब पेपर लीक जैसे मुद्दे नहीं उठाए जाते हैं। आज जब अयोध्या का जिक्र छिड़ता है, तब लोगों को चंदा चोरी की याद आती है। क्या 'माछ-भात' से लोग अयोध्या का चढ़ावा चोरी कांड भूल जाएंगे। नागपुर के लोग सोचते हैं कि मछली नहीं खानी चाहिए। अजय राय शाकाहारी हैं, अगर वे नहीं भी होते तो इसमें क्या गलत था?'

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