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'मैं उद्धव का इंतजार ही करता रहा', ठाकरे बंधुओं संग एक मंच पर आकर बोले फडणवीस

एक मंच पर आए देवेंद्र फडणवीस, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की बातें अब अब चर्चा का विषय बन गई हैं। यह उस वक्त हुआ है जब शिवसेना ने सीएम बदलने की मांग उठाई है।

राज ठाकरे, देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे

राज ठाकरे, देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे, Photo Credit: PTI

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महाराष्ट्र की राजनीति में गुरुवार को कई रोचक चीजें देखने को मिलीं। एक तरफ एकनाथ शिंदे की शिवेसना के कुछ नेताओं ने मुख्यमंत्री बदलने की मांग की। दूसरी तरफ शाम को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस एक ही मंच पर उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के साथ बैठे नजर आए। इस बैठक में ठाकरे बंधुओं के साथ फडणवीस की जो केमिस्ट्री दिखी उसने एकनाथ शिंदे को जरूर चिंता में डाल दिया है। इसी मंच पर देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पहले उद्धव ठाकरे उन्हें बुलाते थे लेकिन 2019 के बाद से वह इंतजार ही करते रह गए। इससे पहले उद्धव ठाकरे ने डेविड लॉयड जॉर्ज और विंस्टन का किस्सा सुनाया। राज ठाकरे ने इसी मंच से महाराष्ट्र सरकार के मंत्री आशीष सेलार से कह दिया कि वह तो फडणवीस को बुलाते रहेंगे बशर्ते उन्हें 2029 तक मुख्यमंत्री बनाए रखें।

 

यह मौका था मशहूर व्यंग्य चित्रकार और कार्टूनिस्ट प्रशांत कुलकर्णी की संपादित किताब ''महाराष्ट्रच्या हास्यरेषा' के विमोचन का। इस मौके पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और राज्य सरकार के संस्कृति मंत्री आशीष सेलार, महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (MNS) के मुखिया राज ठाकरे, पूर्व सीएम और शिवसेना (UBT) के मुखिया उद्धव ठाकरे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस एक ही मंच पर आए।  राज ठाकरे ने तीनों नेताओं के एक मंच पर आने पर कहा कि इसमें कोई हैरान होने वाली बात नहीं है क्योंकि यही महाराष्ट्र की संस्कृति है।  

ठाकरे बंधुओं के साथ आए फडणवीस तो क्या हुआ?

इस कार्यक्रम का न्योता स्वीकार करने पर आशीष सेलार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को धन्यवाद दिया। इस पर राज ठाकरे ने कहा, 'आशीष सेलार ने कहा कि फडणवीस इसलिए आए कि मैंने उन्हें बुलाया। मैं आशीष सेलार से कहना चाहूंगा कि 2029 तक उनको अपने साथ रखिए। आप सोच रहे होंगे कि आखिर तीनों लोग साथ कैसे आ गए। ये ऐसे मंच हैं जो राजनीति से आगे हैं और हम सब उन पर साथ आते हैं। ऐसे मंच पर हम राजनीति की बजाय कला की बात करते हैं। यही महाराष्ट्र की संस्कृति है।'

 

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फिर जब फडणवीस को बोलने का मौका मिला तो उन्होंने कहा, 'हर कोई कहता है कि जब राज ठाकरे मुझे बुलाते हैं तो मैं आ जाता हूं। 2019 तक जब उद्धव ठाकरे मुझे बुलाते थे तब भी मैं जाता था। 2019 के बाद उद्धव ठाकरे ने मुझे कभी बुलाया ही नहीं। मैं तो उनके बुलावे का इंतजार ही करता रहा।'

 

इसी मौके पर राजनीतिक कार्टून की अहमियत पर अपनी बात रखते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा, 'एक वक्त की है जब डेविड लॉयड जॉर्ज ब्रिटेन के प्रधानमंत्री थे। किसी ने उनसे पूछा कि आप प्रधानमंत्री होने के तनाव से कैसे दूर रहते हैं। उन्होंने कहा कि वह हर सुबह अखबार पढ़ते हैं और उसमें अपने कार्टून देखते हैं। मुझे वे पसंद तो नहीं हैं लेकिन मुझे हंसी बहुत आती है। विंस्टन चर्चिल के भी बहुत सारे कार्टून बनाए गए और चर्चिल ने उन्हें अपने घर में रखा।' 

ठाकरे बंधुओं पर देवेंद्र फडणवीस का तंज

आखिर में देवेंद्र फडणवीस ने कहा, 'हर व्यक्ति में एक विशेष कला होती है। एक खास टैलेंट होता है। जिसकी जिसमें विशेषज्ञता होती है, वह उस काम को बहुत अच्छे से करता है। राज ठाकरे बहुत शानदार कार्टूनिस्ट हैं। उद्धव ठाकरे बहुत अच्छे फोटोग्राफर हैं। मुझे राजनीति आती है तो मुझे राजनीति करने दीजिए। ' 

 

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MLC चुनाव नतीजों पर आमने-सामने हैं BJP-शिवसेना

हाल ही में हुए MLC चुनाव में बीजेपी को नागपुर में हार मिली है। इसके बाद शिवसेना के नेता रविंद्र धंगेकर का कहना है कि सरकार के प्रति असंतोष है इसलिए एकनाथ शिंदे को फिर से मुख्यमंत्री बनाने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा तकि जब एकनाथ शिंदे सीएम थे तब वह सबको साथ लेकर चलते थे और वह इसमें सक्षम हैं।

 

उधर, बीजेपी का कहना है कि शिवसेना ने गठबंधन धर्म नहीं निभाया जिसके चलते पुणे और नागपुर में उसे हार मिली। बीजेपी प्रवक्ता नवनाथ बन का कहना है पुणे में शिवसेना ने आखिरी वक्त में सचिन सनव को समर्थन देकर गठबंधन की एकजुटता को नुकसान पहुंचाया।  


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