राहुल गांधी की 'स्मैश द पेट्रियार्की' को नहीं समझ रही यूपी कांग्रेस?
राहुल गांधी युवाओं के बीच पितृसत्तात्मक समाज के खिलाफ खुलकर बोलते हैं। वह महिलावाद की बात करते हैं लेकिन क्या यूपी कांग्रेस ऐसा कर रही है?

पुणे में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में राहुल गांधी। Photo Credit: INC/X
लोकसभा में नेता विपक्ष
राहुल गांधी
का 'स्मैश द पेट्रियार्की' मूवमेंट ने मुख्य धारा के कई राजनीतिक दलों को असहज कर दिया है। यह वह टर्म है, जिस पर बोलने से मुख्यधारा की राजनीति बचती रही है। उन्होंने पुणे में अगस्त 2026 के आसपास 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को संबोधित किया था। पिंक शर्ट पहनकर राहुल गांधी की कूल इमेज, लोगों के वॉलपेपर तक पहुंच गई थी। नारीवाद की बात करने वाले लोगों ने उनकी तारीफ में खूब कसीदे भी पढ़े। उन्होंने संदेश दिया कि कांग्रेस की विचारधारा, पितृसत्तात्मक समाज के खिलाफ है, मर्दों के थोपे गए फैसले महिलाएं मानने के लिए मजबूर नहीं हैं। बस राहुल गांधी का यह संदेश, यूपी कांग्रेस के लोग नहीं समझ पाए।
राहुल गांधी और यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय की राजनीतिक शैली में वैचारिक और जमीनी स्तर पर एक बड़ा विरोधाभास देखने को मिला है। एक तरफ जहां राहुल गांधी राष्ट्रीय स्तर पर 'पितृसत्ता को चुनौती' दे रहे हैं, महिला आरक्षण, सम्मान और प्रगतिशील नारीवाद की बात करते हैं, वहीं उत्तर प्रदेश में अजय राय की राजनीति राज्य की पारंपरिक, आक्रामक और ठेठ देसी ठसक से बाहर नहीं आ पा रही है। अजय राय ने एक महिला नेता ममता चौधरी को अपशब्द कहे, जिस पर खूब हंगामा मचा है। लोग कह रहे हैं, जब वह यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष रहे होंगे, उसे देखकर ही लोग अंदाज लगा सकते हैं कि किस हाल में उनके नेतृत्व में महिलाएं रहीं होंगी।
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अजय राय ने कैसे 'स्मैश द पेट्रियार्की' की धज्जी उड़ाई?
लखनऊ में कांग्रेस की नई प्रदेश अध्यक्ष अराधना मिश्रा मोना ने रविवार को अपना पदाभार संभाला। वहां कार्यालय में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय अपने समर्थकों के साथ पहुंचे। कांग्रेस पार्षद और महिला कांग्रेस की सेंट्रल जोन अध्यक्ष ममता चौधरी के साथ उनके समर्थकों में तनातनी होगी। भीड़ बढ़ने से धक्का-मुक्की शुरू हो गई। कुछ देर में गाली-गलौज और जूते चप्पल चल गए।
ममता चौधरी ने आरोप लगाया कि अजय राय के समर्थकों ने महिला कार्यकर्ताओं को धक्का दिया, गाली दी और थप्पड़ भी मारा। उन्होंने कहा कि उनकी तरफ से कोई अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं हुआ। अजय राव भी घुस्से में तमतमाते नजर आए। अजय राय दरअसल हॉल में दाखिल हुए। तभी ममता चौधरी ने कहा कि मुझे इन्हें देखने की जरूरत नहीं है। तभी अजय राय ने चीखकर कहा कि औकात में रहो।
जिस महिला को 'औकात' दिखा रहे अजय चौधरी, उसने क्या कहा?
कांग्रेस नेता ममता चौधरी ने प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और उनके समर्थकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि वह सभी महिलाएं 'दीदी' के स्वागत के लिए मौजूद थीं, लेकिन जब अजय राय पहुंचे तो उनके लोगों ने रास्ता खाली करने को कहा। जब वह खुद अन्य महिलाओं को एक तरफ कर रास्ता दे रही थीं, तभी अजय राय अचानक पीछे मुड़े और उन पर चिल्लाते हुए 'अपनी औकात में रहो' कहने लगे।
ममता चौधरी ने ऐतराज जताते हुए सवाल उठाया कि एक दलित महिला की औकात बताने वाले अजय राय कौन होते हैं? इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं द्वारा किसी भी तरह की गाली-गलौज किए जाने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे झूठा और निराधार करार दिया और सबूत के तौर पर वीडियो दिखाने की चुनौती दी।
ममता चौधरी का आरोप है कि अजय राय और उनके समर्थकों की गतिविधियां गलत हैं और वहां मौजूद 25-30 महिलाओं के साथ उनके समर्थकों ने मारपीट की, थप्पड़ मारे और जूते-चप्पल चलाए। ममता चौधरी ने तल्ख लहजे में सवाल किया कि क्या महिलाओं के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार करके कांग्रेस को मजबूत किया जाएगा?
https://twitter.com/TheKalchakra/status/2109251098200682576
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बवाल की वजह क्या है?
अजय राय कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वर्गीय मां को भी गाली दे चुके हैं। उनकी भाषा को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। एक वर्ग, उनकी दबंगई पर ऐतराज जताता रहा है। वह यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष थे, उन्हें पदमुक्त किया गया तो बौखलाहट भी झलक पड़ी। कांग्रेस ने 2 अक्टूबर 2026 को अराधना मिश्रा मोना को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नई अध्यक्ष नियुक्त किया था। वह प्रतापगढ़ की रामपुर खास से तीन बार विधायक रही हैं और अजय राय की जगह ली हैं। कांग्रेस पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रही है। अजय राय इस चुनाव के लिए अपनी बड़ी भूमिका देख रहे थे। साल 2022 के विधानसभा चुनाव में वह कोई कमाल नहीं कर पाए थे। अब उन्हें ज्यादा बड़ी उममीद थी। उम्मीद से पहले ही उनके पर कतर दिए गए।
राहुल गांधी से अलग जा रही है यूपी की राजनीति?
कांग्रेस ने महिला वोटरों को साधने के लिए आराधना मिश्रा को बड़ी जिम्मेदारी तो दी है लेकिन पार्टी में आज भी दबदबा अजय राय का है। अजय राय और ममता चौधरी का यह झगड़ा पार्टी की 'स्मैश द पेट्रियार्की' वाली छवि पर सवाल उठा सकता है। वह स्मृति ईरानी पर भी विवादित बयान दे चुके हैं, खुद राहुल ऐसे बयानों से हमेशा बचते रहे हैं।
राहुल गांधी क्यों कह रहे हैं स्मैश द पेट्रियार्की?
राजनीति के जानकारों का कहना है कि राहुल गांधी की राजनीतिक गतिविधियां इन दिनों जेनजी पीढ़ी के इर्दगिर्द घूम रही हैं। उन्हीं की तरह आक्रामक राजनीति राहुल गांधी इन दिनों कर रहे हैं। वह युवाओं के मुद्दों को जोर-शोर से उठा रहे हैं। वह छात्रों से मिलते हैं, युवाओं से मिलते हैं और महिला समानता पर जोर देते हैं।
उनका कहना है कि समाज में पितृसत्तात्मक सोच महिलाओं को केवल बेटी, पत्नी या मां के बंधनों और पुरुषों के नियंत्रण तक सीमित रखती है। उनके खिलाफ होने वाले अपराधों और आर्थिक-सामाजिक अवसरों की कमी की एक वजह यह भी है। राहुल गांधी महिलाओं को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताते हैं, मनुस्मृति जैसे ग्रंथों की आलोचना करते हैं। बीजेपी मणिपुर और यूपी अध्याय को लेकर कांग्रेस की इस मंशा पर सवाल खड़े कर रही है।
मणिपुर वाले मुद्दे का भी यूपी में शोर क्यों?
मणिपुर से कांग्रेस सांसद अंगोम्छा बिमोल अकोइजम पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगे हैं। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की 11 छात्राओं और सदस्यों ने बिमोल अकोइजम पर यौन उत्पीड़न, अश्लील टिप्पणियों और अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए हैं। इन शिकायतों के बाद JNU द्वारा उन्हें प्रोफेसर पद से बर्खास्त कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ FIR भी है। बीजेपी महिला मोर्चा इस सवाल पर कांग्रेस को घेर रही है कि ऐसे संगीन आरोप के बाद भी क्यों कांग्रेस, बाहर क्यों नहीं निकाल रही है।
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