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कर्नाटक में BJP ने दो विधायकों को 6 साल के लिए पार्टी से निकाला

एसटी सोमशेखऱ और ए शिवराम हेब्बर को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में पार्टी से निष्कासित किया गया है। दोनों ऑपरेशन लोटस के तहत बीजेपी में शामिल हुए थे।

shivram hebber and st somshekhar

शिवराम हेब्बर और एसटी सोमशेखर

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बीजेपी ने मंगलवार को कर्नाटक के अपने दो विधायकों, एस टी सोमशेखर और ए शिवराम हेब्बर को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया। कर्नाटक बीजेपी के अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने मीडिया को बताया कि यह फैसला पार्टी के बड़े नेताओं ने लंबी चर्चा के बाद लिया, क्योंकि दोनों विधायकों पर ‘पार्टी विरोधी गतिविधियों’ का आरोप है। सोमशेखर बेंगलुरु की यशवंतपुर सीट से और हेब्बर येल्लापुर सीट से विधायक हैं। दोनों ने अभी तक इस निष्कासन पर कोई जवाब नहीं दिया है।

 

यह कार्रवाई तब हुई जब दोनों विधायकों को पार्टी ने कारण बताओ नोटिस भेजा था। नोटिस में उन पर कांग्रेस पार्टी के साथ मिलने और बीजेपी के खिलाफ काम करने का आरोप था। खास तौर पर, फरवरी 2024 के राज्यसभा चुनाव में सोमशेखर ने कांग्रेस उम्मीदवार अजय माकन के पक्ष में वोट दिया था, जबकि हेब्बर ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया था। इन हरकतों से बीजेपी को शर्मिंदगी उठानी पड़ी थी।

 

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डीके शिवकुमार से की थी मुलाकात

बुधवार को नोटिस का जवाब देते हुए सोमशेखर ने कहा कि उन्होंने न तो किसी कांग्रेस पार्टी के कार्यक्रम में हिस्सा लिया और न ही वह केपीसीसी कार्यालय गए। उन्होंने उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार से अपनी मुलाकात को सही ठहराया और कहा कि शिवकुमार न सिर्फ कांग्रेस अध्यक्ष हैं, बल्कि बेंगलुरु विकास मंत्री भी हैं, और उनकी विधानसभा उनके दायरे में आती है।

 

सोमशेखर ने कहा, ‘अपने क्षेत्र के लिए फंड मांगने के लिए मैंने सरकार से मुलाकात की। इसमें क्या गलत है? मैंने बजट से पहले की बैठक में हिस्सा लिया, क्योंकि मुझे अपने क्षेत्र के लिए पैसा चाहिए था। मैंने न तो पार्टी को शर्मिंदा किया और न ही किसी बीजेपी नेता के खिलाफ बयान दिया।’ उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी एक विपक्षी पार्टी के रूप में असफल रही है और विधानसभा सत्र बहिष्कार के लिए नहीं, बल्कि चर्चा और बहस के लिए होता है।

 

 

पार्टी में अन्याय हो रहा

वहीं, हेब्बर ने भी पार्टी विरोधी गतिविधियों से इनकार किया। उन्होंने कहा कि उन्हें पार्टी में अन्याय का सामना करना पड़ा है। हेब्बर ने कहा, ‘मैंने कोई गलत काम नहीं किया। मैंने न तो कांग्रेस की बैठकों में हिस्सा लिया और न ही पार्टी के खिलाफ कोई बयान दिया। मैं चुप था, लेकिन मुझे पार्टी के हालात से दुख हुआ है।’

 

उन्होंने यह भी बताया कि कुछ नेताओं ने पार्टी अध्यक्ष और बड़े नेताओं के खिलाफ बयान दिए, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। हेब्बर ने कहा कि वह नोटिस का जवाब समय पर देंगे और पार्टी हाईकमान को अपनी बात समझाएंगे।

 

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'ऑपरेशन लोटस' के तहत छोड़ी थी कांग्रेस

सोमशेखर और हेब्बर 2019 में 'ऑपरेशन लोटस' के तहत कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे, जिसके बाद कांग्रेस-जेडी(एस) सरकार गिर गई थी। दोनों ने बीजेपी सरकार में मंत्री के रूप में काम किया था। लेकिन हाल के वर्षों में उनका पार्टी से मनमुटाव बढ़ गया था। 

 

यह निष्कासन बीजेपी के लिए कर्नाटक में अनुशासन बनाए रखने की कोशिश का हिस्सा है, लेकिन यह पार्टी के अंदरूनी मतभेदों को भी दिखाता है। अब इस घटना के बाद इस बात पर चर्चा शुरू हो गई है कि क्या दोनों नेता फिर से कांग्रेस में शामिल होंगे।


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