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'हम सबको PM मोदी से मिलवाइए...', CM सम्राट से ऐसी मांग क्यों करने लगे तेजस्वी?

बिहार में शुक्रवार को नई सरकार के विश्वास मत पर विधानसभा में चर्चा हुई। इस दौरान तेजस्वी यादव ने मांग उठाई कि सभी दलों के नेताओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलवाया जाए।

samrat choudhary vs tejashwi yadav

तेजस्वी यादव और सम्राट चौधरी, Photo Credit: PTI

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बिहार में सम्राट चौधरी की अगुवाई में नई सरकार बनने के बाद शुक्रवार को विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हुई। चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव के बीच जुबानी नोकझोंक भी हुई। डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने कहा कि विपक्ष इसलिए परेशान है कि नेशनल डेमोक्रैटिक अलायंस (NDA) की सरकार लगाकर बन रही है लेकिन विपक्ष की सरकार नहीं बन पा रही है। इसी चर्चा के दौरान तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मांग कर डाली कि वह सभी दलों के नेताओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलवाएं ताकि बिहार के विशेष राज्य का दर्जा दिलाने के प्रयास किए जा सकें।

 

विश्वास मत प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष को सबसे अधिक परेशानी इस बात से है कि NDA सरकार लगातार बन रही है जबकि उनकी सरकार नहीं बन पा रही है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने चर्चा के दौरान राज्य की आर्थिक स्थिति को प्रमुख मुद्दा बनाया। उन्होंने नीति आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि बिहार आज भी देश के सबसे गरीब राज्यों में गिना जाता है। तेजस्वी ने पूछा कि जब सरकारी खजाना खाली रहेगा, तब विकास कार्यों की गति कैसे बढ़ेगी? उन्होंने सरकार से आर्थिक मोर्चे पर ठोस कदम उठाने की मांग की।

 

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PM से मिलवाने की मांग

 

चर्चा दे दौरान तेजस्वी यादव ने बताया कि लालू प्रसाद के शासनकाल में वित्तीय प्रबंधन बेहतर था और राज्य अधिशेष की स्थिति में रहता था। अपने संबोधन के अंत में तेजस्वी यादव ने नई सरकार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विपक्ष का संख्या बल भले ही कम हो लेकिन संवाद आवश्यक है। उन्होंने सरकार से विपक्ष को साथ लेकर चलने का आग्रह किया। तेजस्वी यादव ने महिला आरक्षण में अन्य पिछड़ा वर्ग को शामिल करने की मांग की। साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि सभी दलों के नेताओं को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलवाया जाए, ताकि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने की दिशा में प्रयास तेज किए जा सकें।

सम्राट चौधरी vs तेजस्वी यादव

तेजस्वी यादव ने सत्ताधारी गठबंधन पर तंज कसते हुए कहा, 'किसी भी सरकार को काम करने के लिए स्थिरता चाहिए होती है। यह अजूबा राज्य है बिहार कि 5 साल में पांचवी सरकार गठित हुई है। एनडीए को 21 साल राज करने के बाद भी ऐसी नौबत आ गई कि 5 साल में पांच सरकार बनानी पड़ी। हम तो भाई सम्राट चौधरी को धन्यवाद देना चाहेंगे कि इलेक्टेड सीएम को अपने संकल्प के मुताबिक, आपने हटाया। हमारे लिए इससे अच्छी बात और क्या हो सकती है कि लालू जी की पाठशाला से निकलकर आप सीएम बने। इलेक्टेड सीएम को सेलेक्टेड सीएम ने हटाया। भले ही पहले पगड़ी उतार लिए हों, मुंडन करा लिए हों लेकिन हम तो कहेंगे कि आपने पगड़ी जहां कहीं भी रखी है, उसे संभालकर रखिएगा, विजय सिन्हा जी की उस पर नजर है।'

सम्राट चौधरी ने आरजेडी को आड़े हाथ लेते हुए कहा, 'मैंने कई बार कहा कि नीतीश जी नहीं होते तो लालू जी सीएम होते क्या? लालू जी को भी सीएम नीतीश कुमार ने बनाया, यह आपको जानकारी होनी चाहिए। कोई किसी के पाठशाला से नहीं होता। मैं तो कहता हूं कि मेरी राजनीति में लालू यादव का अत्याचार नहीं होता तो मैं बिहार का मुख्यमंत्री नहीं बन पाता। ना जेल जाता, ना राजनीति में आता। मैं तो दूसरे रास्ते पर चल रहा था। गलतफहमी में मत रहिए, कोई किसी की पाठशालन नहीं है। यह लोकतंत्र है। इसी बीजेपी ने मुझे नेता विपक्ष बनाया, प्रदेश अध्यक्ष बनाया, दो बार डिप्टी सीएम बनाया और सीएम बनाया।'


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