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'नाराज हैं कई नेता, ED-CBI के डर से छोड़ नहीं सकते', BJP पर सौरव दास का तंज

CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा है कि 7 मंत्रियों ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि कई नेता हैं जो ED और CBI के डर से बीजेपी नहीं छोड़ पा रहे हैं। 

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सौरव दास, File Photo Credit: Social Media

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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तंज कसते हुए कहा है कि पार्टी के अंदर जोरदार कलह जारी है। सौरव दास ने कहा कि एक मंत्री को इस्तीफा देने को कहा गया लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया। CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि बीजेपी में कई नेता बहुत नाराज हैं लेकिन वे पार्टी छोड़ नहीं सकते हैं क्योंकि उन्हें CBI , ED और इनकम टैक्स का डर है। सौरव ने इशारों ही इशारों में कहा है कि इसी सब के चलते कैबिनेट में बदलाव नहीं हो रहा है।

 

हाल ही में सौरव दास ही वह शख्स थे जो सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए थे। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमे वापस लेने के मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए सौरव दास ने बाद में एलान किया था कि CJP अब 5 सितंबर को प्रदर्शन नहीं करेगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार ने भी उनसे संपर्क करके जानकारी दी थी कि वह मुकदमे वापस लेने और NEET पेपर लीक के चलते जान देने वाले बच्चों के परिवार को मुआवजा देने को तैयार है।

 

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सौरव दास ने क्या कहा? 

CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने शनिवार को X पर एक पोस्ट में लिखा है, 'हमने पहले भी कहा है कि बीजेपी में अहम भूमिका रखने वाले कई नेता गंभीर रूप से नाराज हैं और वे ED, CBI और इनकम टैक्स के डर से पार्टी नहीं छोड़ पा रहे हैं। पार्टी में हमारे उच्च स्तरीय दोस्त बता रहे हैं कि अब केंद्रीय कैबिनेट में भी खुलेआम बगावत हो गई है।'

उन्होंने आगे लिखा है, 'ऐसा लगता है कि कुल 7 मंत्रियों ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि उनका बेदाग रिकॉर्ड है फिर भी उन्हें इस्तीफा देने को कहा जा रहा है ताकि दलबदलुओं को जगह दी जा सके। यही वजह है कि बहुप्रतीक्षित कैबिनेट रीशफल नहीं हो पा रहा है। फिर वे हमसे पूछते हैं कि जंतर-मंतर के प्रदर्शन ने क्या हासिल किया है।'

 

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बता दें कि जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के बाद से ही केंद्र सरकार दबाव में दिखी है। पहले धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा और अब केंद्र सरकार ने मुकदमे वापस लेने और मुआवजा देने की बात मान ली है। इतना ही नहीं, कई अन्य मामलों में भी CJP के दबाव के आगे सरकार नरम पड़ती दिखी है। हाल ही में स्वतंत्र भारद्वाज के मामले में भी CJP के प्रदर्शन के बाद FIR भी दर्ज हुई और फिर स्वतंत्र को गिरफ्तार कर लिया गया। 


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