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झारखंड के उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार का निधन, हार्ट अटैक से गई जान

झारखंड की सरकार में उच्च शिक्षा मंत्रालय और कई अन्य अहम विभाग संभाल रहे मंत्री सुदिव्य कुमार का हार्ट अटैक के चलते निधन हो गया है। 

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सुदिव्य कुमार, File Photo Credit: PTI

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झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता और हेमंत सोरेन की सरकार में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का निधन हो गया है। शनिवार रात को हार्ट अटैक आने के बाद उन्हें गिरीडीह के मर्सी अस्पताल में भर्ती करवाया गया लेकिन उनकी मौत हो गई। इससे पहले उनकी तबीयत एकदम ठीक थी और हाल हीमें वह कर्नाटक के दौरे पर भी गए थे। कर्नाटक में वहां की सरकार के मंत्री ईश्वर खांड्रे और के जे जॉर्ज से मुलाकात की तस्वीरें उन्होंने 3 सितंबर को सोशल मीडिया पर पोस्ट की हैं। उनका आखिरी सोशल मीडिया पोस्ट 4 सितंबर को कृष्ण जन्माष्टमी की बधाई देने के लिए आया था। 

 

रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार-रविवार की रात वह गिरिडीह से हरसिंगरायडीह में अपने घर पर थे। अचानक उनके सीने में दर्द हुआ तो उन्हें अस्पताल ले जाया गया। वहां आनन-फानन में उन्हें बचाने की कोशिशें की गईं लेकिन उनका निधन हो गया। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सुदिव्य कुमार राज्य सरकार में उच्च और तकनीकी शिक्षा, कला-संस्कृति, खेलकूद और युवा विभाग, पर्यटन और नगर एवं आवास जैसे अहम मंत्रालय संभाल रहे थे। बताया गया है कि 5 सितंबर को ही वह शिक्षक दिवस के मौके पर गिरिडीह के इस्लामिया उर्दू मिडिल स्कूल के शताब्दी समारोह में शामिल हुए थे।

 

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JMM ने जताया दुख

 

उनके निधन पर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने X पर लिखा है, 'ज़िंदगी की क्षणभंगुरता… कल तक जो साथी हमारे बीच थे, आज उनकी स्मृतियां ही हमारे साथ हैं। जीवन की अनिश्चितता हमें एक बार फिर गहरे दुःख और शोक में छोड़ गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के समर्पित साथी एवं झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार के असामयिक निधन से पूरा झामुमो परिवार स्तब्ध और मर्माहत है। उनका जाना पार्टी, सरकार और झारखंड के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके संघर्ष, सेवा और योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। झारखंड मुक्ति मोर्चा परिवार की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार एवं सभी साथियों को इस कठिन घड़ी में संबल दें। अंतिम जोहार।'

 

मर्सी अस्पताल के डॉक्टर शहजाद शेख ने कहा है, 'मरीज सुदिव्य कुमार को रात में 2 बजकर 15 मिनट पर लाया गया है। उनको दो घंटे पहले से छाती में दर्द हो रहा था। उन्होंने जो उल्टी की थी, वह उनके फेफड़े में चली गई थी। जब आए तो उन्हें इंट्यूबेट किया गया। ECG किया गया तो हार्ट अटैक के लक्षण थे। 10-15 मिनट बाद वह कोलैप्स हो गए और CPR चालू किया गया। तमाम इंतजाम किए गए लेकिन लगभग 4 बजे तक उनका निधन हो गया।'

 

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कैसा रहा सुदिव्य कुमार का राजनीतिक करियर?

साल 2019 और 2024 में गिरिडीह विधानसभा सीट से विधायक बनने वाले सुदिव्य कुमार मौजूदा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी नेताओं में गिने जाते थे। इससे पहले वह साल 2014 में इसी सीट से विधानसभा का चुनाव हारे भी थे लेकिन हेमंत सोरेन ने उन्हें 2019 में भी चुनाव में भी चुनाव में उतारा। 2009 में भी वह चुनाव हार चुके थे। विधायक बनते ही ही उन्होंने गिरिडीह में सर जेसी बोस यूनिवर्सिटी बनवाने की दिशा में प्रयास किए और इसका शिलान्यास भी हुआ। फिर वह मेडिकल और इंजीनियरिंग कालेज भी लाए। 

 

साल 2024 में जब उन्हें मंत्री बनाया गया तो 24 साल बाद ऐसा हुआ था कि गिरिडीह के किसी नेता को मंत्री बनाया गया था। 2024 में गांडेय विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कल्पना सोरेन को जिताने में भी सुदिव्य ने अहम भूमिका निभाई थी। 


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