बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने उत्तर प्रदेश विधासनभा चुनाव 2027 के लिए तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने राजधानी लखनऊ में माॅल एवन्यू स्थित आवास पर रविवार को राज्य स्तरीय बैठक की। उन्होंने बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने पदाधिकारियों को मंत्र दिया है कि यूपी की सत्ता में 5वीं बार, बहुजन समाज पार्टी की सरकार बनाने के लिए जुट जाना है।
मायवती की बैठक में 'हाथी पर बटन दबाना है, पांचवी बार सत्ता में आना है' जैसे संकल्प भी लिए गए हैं। बैठक में आकाश आनंद सहित यूपी के सभी जिलाध्यक्ष और वरिष्ठ पदाधिकारी बुलाए गए थे। बैठक के दौरान एक दिलचस्प नजारा भी दिखा। बैठक में शामिल होने वह मायावती के साथ ही आए थे लेकिन मंच पर उन्होंने मायावती के पैर छुए और मंच से नीचे उतरे।
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पांचवी बार सरकार बनाने का मिशन
मायावती ने कहा है कि राजनीतिक हालात और चुनावी चुनौतियों को देखते हुए बहुजन समाज पार्टी को सक्रिय होने की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी के प्रति जनता में माहौल बन रहा है। पार्टी का लक्ष्य है कि प्रदेश में पांचवी बार सर्वजन हिताय सरकार बनाना है। इसके लिए संगठन को जमीनी स्तर परमजबूत करने पर जनाधार बढ़ाने के साथ विधानसभा चुनाव को लेकर गंभीरता से काम करने की जरूरत है।
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न बीजेपी, न सपा, मायावती ने सब पर साधी चुप्पी
मायावती ने किसी पार्टी का नाम लिए हमला बोलते हुए कहा कि चुनाव के समय जनता से बड़े बड़े वादे किए जाते है, लेकिन चुनाव खत्म होते ही सरकारें अपने वादों और घोषणाओं को भूल जाती है। ऐसी छलावा और विभाजनकारी राजनीति से जनता का भला नहीं हो रहा है। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि लोगों को जागरूक करें कि उनका वोट ही सबसे बड़ा अधिकार और हथियार है। बेरोजगारी, महंगाई और कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने बसपा शासन में कानून व्यवस्था और सर्वजन हिताय को याद दिलाई।
ब्राह्मण प्रेम भी छलक पड़ा
मायावती का रविवार को बैठक के दौरान ब्राह्मण प्रेम भी छलकता दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि ब्राह्मणों को बहुजन समाज पार्टी सरकार में सर्वाधिक सम्मान मिला। पार्टी ने ब्राह्मणों को सर्वाधिक टिकटें दी थीं। सर्व समाज को सम्मान और भागीदारी देने का काम बहुजन समाज पार्टी ने किया था।
अब आगे क्या?
आकाश आनंद, पार्टी में राष्ट्रीय संयोजक के पद पर हैं। उन्हें मायावती ने मार्च 2025 में उत्तराधिकारी पद से हटाया था, अब एक बार फिर वापसी हो गई है। मायावती ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि आकाश आनंद के भविष्य पर क्या फैसला लेने वाली हैं।