महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पारिवारिक मतभेद खत्म होने का दावा किया। यह भी कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता अब एकजुट होना चाहते हैं। 2023 में अजीत पवार ने पार्टी के कई विधायकों को तोड़ लिया था। इसके बाद 6 फरवरी 2024 को चुनाव आयोग ने अजीत पवार गुट को ही असली एनसीपी माना। दूसरी तरफ उनके चाचा शरद पवार को एनसीपी (शरद पवार) नाम से अलग पार्टी बनानी पड़ी। अजीत पवार गुट को घड़ी और शरद पवार गुट को तुरही चुनाव चिह्न मिला। अब करीब दो साल बाद दोनों गुटों के एकजुट होने के संकेत खुद अजीत पवार दे रहे हैं।
एनडीटीवी के साथ इंटरव्यू में अजीत पवार ने कहा, 'दोनों दलों के कार्यकर्ता एकजुट होना चाहते हैं। अब दोनों एनसीपी एक साथ हैं। हमारे परिवार के सभी तनाव को सुलझा लिया गया है।' बता दें कि पिंपरी चिंचवड महानगर पालिका चुनाव में एनसीपी के दोनों गुटों ने मिलकर लड़ने का फैसला किया है। कार्यकर्ताओं की मांग पर दोनों दलों के बीच समझौता हुआ है। दूसरी तरफ सांसद सुप्रिया सुले का कहना है कि अजित पवार के साथ यह गठबंधन जारी रहेगा या नहीं, इस पर कोई चर्चा नहीं हुई है।
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बता दें कि सुप्रिया सुले शरद पवार की बेटी हैं और महाराष्ट्र की बारामती लोकसभा सीट से सांसद हैं। 2024 के चुनाव में अजीत पवार ने बहन सुप्रिया के खिलाफ अपनी पत्नी सुनेत्रा पवार को उतारा था। हालांकि सुनेत्रा चुनाव हार गई थीं। जवाब में शरद पवार ने विधानसभा चुनाव में अजीत पवार के खिलाफ उनके सगे भतीजे युगेंद्र पवार को उतारा था। बावजूद इसके अजीत पवार चुनाव जीतने में सफल रहे।
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रिया सुले ने उन कयासबाजी को खारिज कर दिया, जिसमें दावा किया गया था कि उनकी पार्टी महा अघाड़ी गठबंधन में शामिल हो सकती है और सुप्रिया सुले को मंत्री बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा, ऐसी अफवाहों से खुश होने वाले लोग ही इन्हें फैलाते हैं।
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बता दें कि महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनाव में अजब-गजब गठबंधन देखने को मिल रहे हैं। हाल ही में बीजेपी ने अंबरनाथ में कांग्रेस के साथ और अकोट में ओवैसी की पार्टी के साथ गठबंधन कर लिया था, ताकि एकनाथ शिंदे की पार्टी को रोका जा सके। हालांकि सीएम देवेंद्र फडणवीस ने इस पर नाराजगी जताई थी।