उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर राज्यभर में प्रदर्शन हो रहे हैं। केस की CBI जांच को लेकर जगह-जगह आंदोलन हो रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वह अंकिता भंडारी के माता-पिता से बात करेंगे, उनकी भावनाओं, पीड़ा और अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए ही आगे कोई फैसला करेंगे। आंदलोनों के बीच ज्योति अधिकारी का नाम सुर्खियों में आ गया है। उनका एक बयान भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
एक आंदोलन के दौरान ज्योति अधिकारी ने दरांती लहराते हुए कहा है कि पहाड़ की औरतों को दंराती लेकर चलना चाहिए। अगर यह दरांती होती तो अधिकारी बात सुनते, जी हजूरी करते। अब औरतें ऐसा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अब पहाड़ की औरतें आती हैं गहने पहनकर। कुमाऊं की औरतें नाच रहीं हैं, गढ़वाल की औरतें दंराती लेकर ऋषिकेष तक चलेंगी।
ज्योति अधिकारी ने वायरल वीडियो में देवी-देवताओं को लेकर भी कुछ ऐसा कहा, जिस पर कई लोगों ने आपत्ति जाहिर की है। उन्होंने कहा कि कुमाऊं के देवता चप्पल-जूते पहनकर नाच रहे हैं। वह वीडियो में इंसाफ की मांग कर रहीं थीं लेकिन उन्होंने यह भी इशारा किया है कि पहाड़ के लोगों को अपनी हिफाजत खुद करनी चाहिए।
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क्यों पुलिस ने तलब किया?
ज्योति अधिकारी, अंकिता भंडारी के लिए न्याय मांग रहीं थीं। उन्होंने कार्यक्रम में दरांती लहराई और इंसाफ के लिए इसे साथ लेकर चलने की मांग की। लोगों ने इसे उकसावे वाला बयान माना है। भारत में सशस्त्र प्रदर्शन, असंवैधानिक है। मौलिक अधिकारों के तहत ऐसे प्रदर्शन की इजाजत नहीं है।
कौन हैं ज्योति अधिकारी?
ज्योति अधिकारी उत्तराखंड के हल्द्वानी की रहने वाली हैं। वह सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं और उनके लाखों प्रशंसक हैं। वह खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताती हैं और सामाजिक मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाती हैं। हाल ही में अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय और कथित 'VIP' की गिरफ्तारी की मांग को लेकर वह उत्तराखंड में हुए बड़े प्रदर्शनों में सक्रिय रूप से शामिल हुईं।
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प्रदर्शन के दौरान उन्होंने एक दरांती लेकर हिस्सा लिया, जिसकी वजह से प्रशासन ने उनके खिलाफ नोटिस जारी किया है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। ज्योति अधिकारी अपने बयानों की वजह से चर्चा में रहती हैं। वह अपने वीडियोज में गाली देने से भी परहेज नहीं करती हैं। आक्रामक शैली की वजह से एक बड़ा तबका उनके समर्थन में खड़ा हो गया है। लोग उनके लिए भी इंसाफ मांग रहे हैं।
ज्योति अधिकारी पर आरोप क्या लगे हैं?
ज्योति अधिकारी के खिलाफ मुखानी थाना में पुलिस ने केस दर्ज किया है। पुलिस ने यहीं उन्हें गिरफ्तार भी किया है। ज्योति पर पहाड़ के देवी-देवताओं पर अपमान के आरोप लगे हैं। उनसे पुलिस ने थाने में बुलाकर करीब 5 घंटे तक पूछताछ की है। हल्द्वानी की रहने वाली जूही चुफाल ने ज्योति अधिकारी के खिलाफ तहरीर दी है। जूही चुफाल का कहना है कि यह उत्तराखंड की लोक संस्कृति का अपमान है। ज्योति अधिकारी ने सार्वजनिक स्थल पर दरांती को हथियार की तरह लहराया था, इसलिए भी उनके खिलाफ कार्रवाई हुई है।
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किन धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ है?
ज्योति अधिकारी के खिलाफ मुखानी थाने में आर्म्स एक्ट की धारा 27, 192, 196, 299 और 302 के तहत केस दर्ज किया गया है। एसपी सिटी मनोज कात्याल के मुताबिक ज्योति को 21 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
ज्योति चुफाल का क्या कहना है?
जूही चुफाल ने कहा है, 'पहाड़ की महिलाओं को नाचने वाली कहना और लोक देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करना उत्तराखंड की संस्कृति और महिलाओं का अपमान है। इसलिए मैंने शिकायत दर्ज कराई है।'