logo

मूड

ट्रेंडिंग:

समर्थन से 2 बार विधायक बने OP राजभर, किस आधार पर पूर्वांचल का CM बनना चाहते हैं?

ओम प्रकाश राजभर ने देवरिया की एक रैली में मौजूद लोगों से कहा है कि जब पूर्वांचल राज्य बनेगा तो राजभर बिरादरी का ही कोई व्यक्ति मुख्यमंत्री बनेगा। उनके इस दावे के चर्चा शुरू हो गई है।

op rajbhar

ओम प्रकाश राजभर, Photo Credit: Social Media

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। कभी समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर सियासी बयान देकर तो कभी अपने कदमों से वह चर्चा में बने रहते हैं। मगर, इन बयानों के बीच में मंत्री राजभर ने अपनी अहमियत बीजेपी में बनाए रखी है। वह यूपी में एनडीए के सबसे प्रमुख सहयोगियों में से एक हैं।

 

इन घटनाक्रमों के बीच में ओम प्रकाश राजभर ने रविवार को एक ऐसा बयान दिया, जिसके बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। दरअसल, राजभर ने यूपी  के बंटवारे की करीब दो दशक पुरानी मांग एक बार फिर उठाते हुए दावा किया है कि जातिवार जनगणना के बाद देश के सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश को चार हिस्सों में बांटा जा सकता है।

यूपी को बांटने को लेकर दिया बयान

उन्होंने देवरिया जिले में एक रैली को संबोधित करते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि जातिवार जनगणना के बाद राज्य का बंटवारा किया जा सकता है। ओपी राजभर ने रैली में मौजूद लोगों से कहा कि अब उन्हें ही तय करना है कि उन्हें प्रधानमंत्री पर भरोसा करना चाहिए या समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस के लोगों की बात माननी चाहिए।

 

यह भी पढ़ें: UP में BJP की सियासी कवायद, योगी से मिलीं अदिति; संजय निषाद के घर पहुंचे तावड़े

पूर्वांचल में राजभर CM चाहते हैं ओपी राजभर?

पूर्वांचल क्षेत्र में ओम प्रकाश राजभर और बाकी पिछड़ी जातियों का खासा असर माना जाता है। ओम प्रकाश राजभर ने रैली में मौजूद लोगों से कहा कि जब पूर्वांचल राज्य बनेगा तो राजभर बिरादरी का ही कोई व्यक्ति मुख्यमंत्री बनेगा। उनके इस दावे के बाद सवाल उठता है कि आखिर दो बार के विधायक ओपी राजभर किस आधार पर पूर्वांचल का मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं?

 

ऐसे में यह भी जानना जरूरी है कि ओपी राजभर जिस राजभर जाति के दम पर सियासत करते हैं, उसकी पूर्वांचल में कितनी पैठ है। साथ ही दो बार बीजेपी और समाजवादी पार्टी के दम पर विधायक बने राजभर क्या पूर्वांचल का सीएम बनने के लिए राजभर के अलावा किसी अन्य जाति को अपने साथ में जोड़ पाएंगे? जो उन्हें सत्ता के शीर्ष पर पहुंचाएंगे। 

2017 में कैसे बने पहली बार विधायक?

ओम प्रकाश राजभर इस समय योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। वह 2017 वाली योगी सरकार में भी कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। यानि कि वह सबसे पहली बार साल 2017 में विधायक बने। उस समय उनकी पार्टी ने बीजेपी के साथ गठबंधन में रहकर चुनाव लड़ा और ओपी राजभर 18,081 वोटों से जीतकर विधानसभा पहुंचे। उन्हें कुल 86,583 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर 68,502 वोट पाकर बीएसपी के कालीचरण राजभर और तीसरे नंबर पर 64,574 वोट पाकर समाजवादी पार्टी के महेंद्र रहे थे। इस तरह से ओपी राजभर बीजेपी के मदद से पहली बार विधायक बने।

2012 में चुनाव हारे ओपी राजभर

ओपी राजभर इससे पहले साल 2012 में भी विधानसभा चुनाव लड़े थे, लेकिन वह हार गए थे। 2022 के विधानसभा चुनाव आने से पहले सुहेलदेव पार्टी बीजेपी से अलग हो गई और समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। इस चुनाव में राजभर की पार्टी को गठबंधन में 17 सीटें मिलीं। चुनाव में उनका पार्टी ने 6 सीटें जीतीं। ओपी राजभर खुद गाजीपुर की जहूराबाद सीट से समाजवादी पार्टी की मदद से चुनाव जीते।

 

यह भी पढ़ें: BSP के वोटरों को भावुक करके अपना बनाएगी BJP, प्लान क्या है समझिए?

2022 के चुनाव में सपा के साथ जीते

2022 के चुनाव में सपा के साथ गठबंधन में राजभर 45,632 वोटों के मार्जिन से बीजेपी के कालीचरण राजभर को हराया। उन्हें कुल 114,860 वोट हासिल हुए जबकि बीजेपी के कालीचरण को 69,228 और बसपा की सैयदा शादाब फातिमा को 53,144 वोट मिले। ओपी राजभर दो पार विधायक बने लेकिन दोनों बार अपने सहयोगियों की मदद से।     
 
इसी तरह से गाजीपुर जिले में जखनिया विधानसभा है। इस सीट पर सुहेलदेव पार्टी के त्रिवेणी राम दो बार से विधायक हैं। उनकी भी स्थिति पार्टी प्रमुख ओपी राजभर के जैसी है। 2017 में वह बीजेपी और 2022 में समाजवादी पार्टी की मदद से गठबंधन में चुनाव जीतकल विधानसभा पहुंचे। इसके अलावा 2022 में बाकी की चार सीटों पर भी राजभर की पार्टी सपा के वोटरों के दम पर जीती।

पूर्वांचल में कितने फीसदी राजभर जाति के लोग?

ओपी राजभर जिस पूर्वांचल को अलग राज्य बनने पर खुद को मुख्यमंत्री के तौर पर पेश कर रहे हैं। उस पूर्वांचल में एक फिलहाल राजभर आबादी का कोई आधिकारिक, हालिया जातिवार जनगणना आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। मगर, विभिन्न राजनीतिक और मीडिया अनुमानों में इसे करीब 3–4 फीसदी बताया जाता है। गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़, बलिया, वाराणसी और जौनपुर जैसे जिलों में राजभर जाति की हिस्सेदारी कई अच्छी-खासी मानी जाती है, जिससे यह वोटर निर्णायक हो जाते हैं।

 

ओपी राजभर रैलियों, मीडिया और सोशल मीडिया पर अपने बयानों से खुद को बीजेपी के सामने और फिर अन्य दूसरी पार्टियों के सामने मजबूत दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे उन्हें विधानसभा में अधिक से अधिक सीट पर दावा मजबूत कर सकें। हालांकि, चुनाव के नजदीक आने के बाद राजभर लगातार आक्राामक बयानबाजी कर रहे हैं, मगर उनकी 2027 की कामयाबी उनका आगे का भविष्य तय जरूर करेगी।


और पढ़ें