पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच कांग्रेस की अहम रणनीति बैठक हुई। यह बैठक नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर आयोजित की गई जिसमें नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल समेत राज्य के कई सीनियर नेता मौजूद रहे। इस मीटिंग में एक बार फिर पार्टी की अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई। बैठक का उद्देश्य 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए रणनीति तैयार करना था, लेकिन चर्चा के दौरान कई नेताओं के बीच तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति बन गई। इसके साथ ही प्रताप सिंह बाजवा मीटिंग बीच में ही छोड़कर चले गए।
प्रताप सिंह बाजवा कथित तौर पर राहुल गांधी से मीटिंग के बाद कांग्रेस अध्यक्ष के घर से निकल गए थे। पंजाब कांग्रेस के अन्य नेता अभी अदंर ही बैठे थे लेकिन प्रताप सिंह बाजवा वहां से निकल गए। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी उनकी किसी बात से नाराज थे जिस पर प्रताप सिंह बाजवा को फटकार लगाई गई। इसके बाद वह मीटिंग छोड़कर चले गए। हालांकि, पार्टी की ओर से बाद में डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश की गई।
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बाजवा पर क्या बोले कांग्रेस नेता?
प्रताप सिंह बाजवा के मीटिंग छोड़कर जाने के सवाल पर कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने कहा कि पार्टी ने उन्हें मीटिंग के लिए बुलाया था और वह अपनी बात रखने के बाद यहां से गए हैं। इसके साथ ही पार्टी ने किसी भी तरह की खिंचतान से मना किया है। विवाद बढ़ने के बाद आज खुद प्रताव सिंह बाजवा मीडिया के सामने आए और उन्होंने अपनी बात रखी। बाजवा ने कहा कि पार्टी ने पंजाब के नेताओं को दिल्ली बुलाया था।
उनका कहना है कि सबसे पहले उनकी बात सुनी गई और अपनी बात रखने के बाद वह वहां से निकले। प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि उनके विधानसभा हल्के में अभी स्थानीय निकाय चुनाव होंगे और उन्हीं चुनावों के कारण वह दिल्ली से जल्दी आ गए थे। मीडिया से बात ना करने पर उन्होंने कहा कि अभी मीटिंग चल रही थी और जब सीनियर नेता मीटिंग ले रहे थे तो मेरा बोलना सही नहीं था।
राजा वड़िग और चन्नी में तकरार
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इस मीटिंग में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पंजाब के पूर्व सीएम चरनजीत सिंह चन्नी के बीत मतभेद सामने आए। बताया गया कि चन्नी ने गिद्दड़बाहा में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन का मुद्दा उठाया और सवाल किया कि जब प्रदेश अध्यक्ष के अपने क्षेत्र में पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है तो विधानसभा चुनावों की तैयारी किस आधार पर की जाएगी। हाल ही में हुए शहरी निकाय चुनावों में आम आदमी पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज की थी, जबकि कांग्रेस दूसरे स्थान पर रही। गिद्दड़बाहा में आम आदमी पार्टी ने 19 में से 17 वार्ड जीत लिए थे, जिसे लेकर बैठक में सवाल उठाए गए।
रिपोर्ट के मुताबिक, वड़िंग ने जवाब में कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों में सत्तारूढ़ दल ने सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया, जिसके कारण कांग्रेस को नुकसान हुआ। इस दौरान कुछ अन्य नेताओं ने भी सवाल उठाया कि यदि सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग हुआ था तो कांग्रेस ने अन्य क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन कैसे किया। बैठक में माहौल कुछ समय के लिए काफी तनावपूर्ण हो गया। चर्चा के दौरान वड़िंग ने यह मुद्दा भी उठाया कि स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान चन्नी लंबे समय तक पंजाब से बाहर रहे और उन्होंने प्रचार अभियान में सक्रिय भूमिका नहीं निभाई। इस पर चन्नी ने जवाब दिया कि उन्हें निजी कारणों से विदेश जाना पड़ा था।
पंजाब में नहीं होगा बदलाव
इस मीटिंग में कयास लगाए जा रहे थे कि राजा वड़िंग के खिलाफ चन्नी पैरवी करेंगे और उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष के पद से हटाया जा सकता है। हालांकि, बैठक के बाद भूपेश बघेल ने स्पष्ट किया कि फिलहाल पंजाब कांग्रेस नेतृत्व में किसी बदलाव की योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर जल्द ही रणनीति तैयार करेगी और जनता के बीच जाकर राज्य सरकार के खिलाफ मुद्दे उठाएगी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस एकजुट होकर चुनाव लड़ेगी और भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था तथा जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी।
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गलतियों से नहीं सीख रही कांग्रेस
कांग्रेस पार्टी अपनी पुरानी गलतियों से कुछ नहीं सीखा है। 2022 विधानसभा चुनाव से पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्दू की लड़ाई में पार्टी का बहुत ज्यादा नुकसान हुआ। पार्टी ने कैप्टन को सीएम के पद से हटाया तो उन्होंने पार्टी छोड़ दी। इसके बाद चरनजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व में चुनाव लड़ा गया लेकिन पार्टी को बुरी हार मिली। अब 2027 से पहले फिर पार्टी में गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। ऐसे में पार्टी को फिर से 2027 में झटका लग सकता है।