बिहार विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन 2026 को लेकर सियासत तेज हो गई है। चुनाव की तारीखों का ऐलान अभी बाकी है, लेकिन उससे पहले ही राष्ट्रीय जनता दल ने बाजी मारते हुए 8 में से 6 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। आरजेडी प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल के हस्ताक्षर से जारी हुई पहली सूची में पटना, सारण, तिरहुत, कोशी और दरभंगा सीटों के उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं।
पार्टी ने इस बार शिक्षक और स्नातक दोनों ही वर्गों में सामाजिक समीकरण और शैक्षणिक पकड़ को ध्यान में रखकर उम्मीदवार उतारे हैं। वहीं दो सीटों पर अभी भी पार्टी के अंदर मंथन जारी है, जिस पर जल्द ही दूसरी सूची जारी होने की संभावना है।
किस सीट से कौन बना उम्मीदवार, देखें पूरी लिस्ट
आरजेडी की ओर से जारी पहली सूची के मुताबिक पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. संजीव कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है। डॉ. संजीव शिक्षक वर्ग में अच्छी पकड़ रखते हैं और लंबे समय से संगठन से जुड़े हुए हैं।
वहीं पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से दिलीप कुमार को चुनावी मैदान में उतारा गया है। दिलीप कुमार युवा चेहरा हैं और स्नातक मतदाताओं के बीच उनकी सक्रियता रही है। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से प्रो. जयराम यादव को टिकट दिया गया है। प्रो.यादव शिक्षा जगत का जाना-पहचाना नाम हैं और शिक्षक संगठनों में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।
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तिरहुत क्षेत्र से डॉ. रश्मि विनायक गौतम उम्मीदवार
तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. रश्मि विनायक गौतम को उम्मीदवार बनाया गया है। तिरहुत में महिला उम्मीदवार को उतारकर आरजेडी ने बड़ा दांव खेला है। डॉ. रश्मि विनायक गौतम सामाजिक कार्यों में सक्रिय रही हैं और स्नातक मतदाताओं में उनकी अच्छी पहचान है। कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से नितेश कुमार को और दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से अनिल कुमार झा को आरजेडी ने अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है। दोनों ही सीटों पर आरजेडी ने स्थानीय समीकरण को साधने की कोशिश की है।
दो सीटों पर अभी सस्पेंस, जल्द आएगी दूसरी लिस्ट
हालांकि विधान परिषद की कुल 8 सीटों में से 2 सीटों पर अभी उम्मीदवारों के नाम तय नहीं किए गए हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार इन दो सीटों पर कई नामों पर मंथन चल रहा है और जातीय समीकरण के साथ-साथ जीत की संभावना को परखा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि इन सीटों पर गठबंधन के सहयोगियों के साथ भी बातचीत चल रही है, जिसके बाद ही अंतिम नामों पर मुहर लगेगी। पार्टी नेतृत्व जल्द ही दूसरी सूची जारी कर सकता है।
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स्नातक और शिक्षक वोटरों पर है नजर
विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव आम चुनाव से बिल्कुल अलग होते हैं। इसमें वोटर सिर्फ ग्रेजुएट और शिक्षक ही होते हैं, इसलिए उम्मीदवार की शैक्षणिक पृष्ठभूमि और शिक्षक संगठनों में पकड़ काफी मायने रखती है। आरजेडी की नजर इस बार स्नातक और शिक्षक मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने पर है। पिछले चुनाव में इन सीटों पर एनडीए और निर्दलीय उम्मीदवारों ने अच्छा प्रदर्शन किया था, इसलिए आरजेडी इस बार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती।
पार्टी ने अपने सभी उम्मीदवारों को अभी से ही क्षेत्र में सक्रिय होने और शिक्षक संगठनों व स्नातक मतदाताओं से संपर्क साधने के निर्देश दिए हैं। पटना से लेकर दरभंगा तक सभी 6 सीटों पर चुनावी गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आरजेडी ने समय से पहले उम्मीदवारों की घोषणा कर एक तरह से बढ़त ले ली है, जबकि एनडीए खेमे में अभी भी उम्मीदवारों के नामों पर मंथन चल रहा है। अब देखना होगा कि इस सियासी बिसात पर एनडीए किस तरह से अपने पत्ते खोलता है।