एक तरफ शिवसेना (उद्धव बाला साहब ठाकरे) के सांसदों के टूटने की चर्चा है। दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) कांग्रेस में पहले ही टूट हो चुकी है। दोनों पार्टियों के दुख अब लगभग एक जैसे हैं और दोनों के नेता सोशल मीडिया पर मजे ले रहे हैं। पहले शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने लिखा था कि उनकी पार्टी के सांसदों को 15 करोड़ रुपये अडवांस दिए जा रहे हैं। इस पर TMC की महुआ मोइत्रा ने पूछा कि इतने कम क्यों? इस पर संजय राउत ने लिखा है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तो 50 करोड़ रुपये है।
उधर चर्चा है कि शिवेसना (UBT) के कई सांसद दिल्ली पहुंच गए हैं। कहा जा रहा है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के साथ इन सांसदों की एक मीटिंग होने वाली है और मीटिंग के बाद ये सांसद भी TMC सांसदों की ही तरह लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला से मिलेंगे और दो तिहाई सांसदों का अलग गुट बनाने का दावा करेंगे। बाद में इसी गुट का विलय एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवेसना में किया जा सकता है। ऐसी भनक लगने के बाद लोकसभा में शिवसेना (UBT) के नेता अरविंद सावंत ने भी स्पीकर को एक चिट्ठी लिखी है।
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कहां से शुरू हुआ मामला?
संजय राउत ने एक ट्वीट करके लिखा था, 'अपना सपना मनी मनी। यह हैरान करने वाला है कि महाराष्ट्र के सांसदों को आज रात 15 करोड़ रुपये अडवांस में दिए जाने का ऑफर है ताकि वे पार्टी बदल लें।' अपने इस पोस्ट में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी टैग किया था।
इसी पोस्ट को रीशेयर करते हुए TMC की लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा ने लिखा, 'सिर्फ 15 करोड़? सस्ते में क्यों जा रहे हैं? मेरी बात मानिए, हमारे वालों को तो एक बार में 4 करोड़ रुपये और अगले 36 महीने तक हर महीने 1 करोड़ रुपये देने की बात हुई है। हनी प्लस मनी।' महुआ मोइत्रा ने अपने इस पोस्ट में अभिषेक बनर्जी और उद्धव ठाकरे को टैग किया।
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अब महुआ की इस बात पर संजय राउत खुद को रोकन नहीं पाए। उन्होंने लिखा, 'नहीं, नहीं महुआ जी। MSP तो 50 करोड़ यानी पचास खोके पर फिक्स है। 15 करोड़ तो सिर्फ अडवांस है। असल में तो ये लोग 50 हजार लायक भी नहीं हैं। इनकी कीमत सिर्फ इसलिए इतनी ज्यादा हो गई है क्योंकि इन पर शिवसेना और टीएमसी ब्रांड का लेबल लगा हुआ है।'